राजनीति

कांग्रेस की सरकार बनी तो अंकिता भंडारी प्रकरण की दोबारा जांच कराएंगे : गोदियाल

गौचर, 21 अक्टूबर (गुसाईं)। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने पर अंकिता भंडारी प्रकरण की फाइल दोबारा खोली जाएगी और मामले में कथित रूप से संलिप्त प्रभावशाली व्यक्तियों की भूमिका की जांच कराकर दोषियों को कानून के कठघरे में लाया जाएगा। उन्होंने प्रदेश की कानून व्यवस्था, भ्रष्टाचार, महिला उत्पीड़न और जमीनों की खरीद-फरोख्त के मुद्दों पर भाजपा सरकार को घेरते हुए कहा कि राज्य में सत्ता के संरक्षण में अनियमितताएं बढ़ रही हैं।

गुरुवार, 22 अक्टूबर से प्रस्तावित कांग्रेस की न्याय यात्रा से पहले गौचर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए गोदियाल ने आरोप लगाया कि प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति लगातार बिगड़ रही है। भ्रष्टाचार, महिला उत्पीड़न और जमीनों की खरीद-फरोख्त के मामलों पर सरकार प्रभावी अंकुश लगाने में विफल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के कुछ मंत्री स्वयं को कानून से ऊपर समझने लगे हैं।

अंकिता भंडारी प्रकरण का उल्लेख करते हुए गोदियाल ने गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बलूनी की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह तक सीधी पहुंच है, लेकिन उन्होंने अंकिता के माता-पिता की मुलाकात प्रधानमंत्री अथवा गृहमंत्री से कराने के बजाय केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के अधिकारियों से कराई। गोदियाल ने कहा कि इससे पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के प्रयासों को लेकर सवाल उठते हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि अंकिता भंडारी प्रकरण में कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर उठ रहे सवालों का अब तक संतोषजनक जवाब नहीं मिला है। भाजपा लगातार कहती रही है कि इस मामले में कोई वीआईपी शामिल नहीं था, जबकि भाजपा के ही एक नेता द्वारा लिए गए नाम को लेकर विवाद खड़ा हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित व्यक्ति को राज्यपाल बनाए जाने से विपक्ष का संदेह और गहरा हुआ है।

गोदियाल ने कहा कि कांग्रेस शुरू से ही किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग करती रही है, लेकिन सरकार ने इस मांग पर ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मामले में न्याय की मांग उठाती रहेगी।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने बताया कि पार्टी ने सरकार के कथित घोटालों और जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर न्याय यात्रा निकालने का निर्णय लिया है। इसके अंतर्गत धार्मिक स्थलों पर जाकर न्याय की प्रार्थना की जाएगी। उन्होंने कहा कि न्याय यात्रा प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में आयोजित की जाएगी। चमोली में बदरीनाथ धाम, देहरादून में टपकेश्वर महादेव मंदिर, कुमाऊं में गोलू देवता के मंदिर तथा हरिद्वार में हरकी पैड़ी से यात्रा का शुभारंभ किया जाएगा।

गोदियाल ने आगामी 27 और 28 अक्टूबर को गैरसैंण के भराड़ीसैंण में प्रस्तावित विधानसभा सत्र को लेकर भी सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस विधानसभा सत्र के दौरान सरकार का घेराव करेगी। मात्र दो दिन का सत्र आयोजित करने के औचित्य पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में गैरसैंण के प्रति गंभीर है तो वहां शीतकालीन सत्र कम से कम 10 से 12 दिन का आयोजित किया जाना चाहिए।

उन्होंने पर्वतीय क्षेत्रों में शराब के बढ़ते प्रचलन और इससे उत्पन्न सामाजिक समस्याओं को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार को पहाड़ की समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।

इस अवसर पर कांग्रेस के गढ़वाल सहप्रभारी सुरेंद्र शर्मा, प्रदेश सचिव मुकेश नेगी, हरिकृष्ण भट्ट, नगर पालिका अध्यक्ष संदीप नेगी, नगर कांग्रेस अध्यक्ष जगदीश कनवासी, अजय किशोर भंडारी, उपासना बिष्ट, मंजू खत्री, हरीश नया और रजनी लिंगवाल सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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