गरीबों की दुकानों पर सीलिंग और बड़ी व्यावसायिक इकाइयों को छूट देने का विरोध
देहरादून, 18 अक्टूबर। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की देहरादून इकाई ने गरीब दुकानदारों के खिलाफ सीलिंग कार्रवाई, प्रस्तावित एलिवेटेड सड़कों, मतदाता सूची से नाम हटाए जाने और आपदा प्रभावित परिवारों की समस्याओं को लेकर आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया है। पार्टी कार्यालय में पुरुषोत्तम बडोनी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में राज्य की कानून व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा पर भी चिंता व्यक्त की गई।
बैठक में सिक्किम के नवनियुक्त राज्यपाल दुष्यंत कुमार गौतम की नियुक्ति निरस्त करने की मांग की गई। पार्टी नेताओं ने अंकिता भंडारी प्रकरण से उनका संबंध होने का आरोप लगाया। हालांकि इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
पार्टी ने आरोप लगाया कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश की आड़ में गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों की छोटी दुकानों पर सीलिंग कार्रवाई की जा रही है, जबकि आवासीय क्षेत्रों में नियमों के विरुद्ध संचालित बड़े होटलों, रेस्तरां, पेइंग गेस्ट आवासों और होमस्टे को छूट दी जा रही है।
बैठक में बिंदाल-रिस्पना तथा मियांवाला-आशारोड़ी एलिवेटेड सड़क परियोजनाएं निरस्त करने, मलिन बस्तियों के निवासियों को मालिकाना अधिकार देने और विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान मतदाता सूची से हटाए गए पात्र मतदाताओं के नाम पुनः जोड़ने की मांग उठाई गई।
पार्टी ने क्षतिग्रस्त सड़कों और पुलों की मरम्मत, आपदा प्रभावितों को पर्याप्त मुआवजा एवं पुनर्वास तथा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा दीवारों के निर्माण की मांग भी की।
बैठक में केंद्रीय कमेटी सदस्य राजेंद्र सिंह नेगी, राज्य सचिव राजेंद्र पुरोहित, जिला सचिव शिवप्रसाद देवली, अनंत आकाश, लेखराज, भगवंत पयाल, हिमांशु चौहान, एनएस पंवार, विनोद कुमार, रविंद्र नौडियाल, नुरैशा अंसारी और अर्जुन रावत सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

