साबरमती रिवर फ्रंट लाइव डेमो- डेफएक्सपो 22 : रक्षा उत्पादन में भारत की महाशक्ति की एक झलक

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गांधीनगर, 19  अक्टूबर।   भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय का प्रमुख कार्यक्रम डेफएक्सपो-2022 अपनी तरह का सबसे बड़ा आयोजन है जो दिनांक 18 से 22 अक्टूबर 2022 तक गुजरात के जुड़वां शहरों अहमदाबाद और गांधीनगर आयोजित किया जा रहा है। डेफएक्सपो के 12वें संस्करण का लक्ष्य,  भारतीय कंपनियों के लिए विशेष रूप से रक्षा के क्षेत्र में नवीन तकनीकों और समाधानों को लाने का है।

   Photo courtesy of Dr. Mahendra Pratap Singh Bisht.

डेफएक्सपो 2022 का प्रमुख विषय ‘पाथ टू प्राइड’ है। डेफएक्सपो-2022 में प्रतिभागियों को अपने उपकरणों और प्लेटफार्मों को प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा और इससे वो व्यापार साझेदारी बनाने के लिए भारतीय रक्षा उद्योग के विस्तार की ताकत और क्षमताओं का पता लगाने में सक्षम होंगे।

     Photo courtesy of Dr. Mahendra Pratap Singh.

डेफएक्सपो के अंतर्गत ज़मीनी, नौसैनिक एवं हवाई उपकरण एवं प्रणालियों को प्रदर्शित करते हुए सेना, नौसेना, वायु सेना, तटरक्षक एवं डीआरडीओ द्वारा 18 से 22 अक्टूबर तक साबरमती रिवर फ्रंट पर शाम को 1645 बजे से लाइव प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। संयुक्त रूप से किए गए लाइव प्रदर्शन में कॉम्बैट फ्रीफॉल, सारंग हेलो एरोबेटिक्स, हेलीकॉप्टर से नाव में रस्से के सहारे उतरना, हाई स्पीड बोट रन एवं दुश्मन की चौकी को तहस नहस करना शामिल होगा।

  Photo courtesy of Dr. Mahendra Pratap Singh.

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के वैज्ञानिकों के साथ सेना, नौसेना, वायु सेना और भारतीय तटरक्षक के कर्मियों सहित सशस्त्र बलों की टुकड़ी गांधीनगर, गुजरात में 18 से 22 अक्टूबर, 2022 तक जारी डेफएक्सपो 2022 के अंतर्गत साबरमती रिवर फ्रंट पर सैन्य अभियानों का प्रदर्शन कर रही है। रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने 18 अक्टूबर को गुजरात के राज्यपाल श्री आचार्य देवव्रत के साथ इन साहसी प्रदर्शनों को देखा। प्रदर्शन का उद्देश्य लोगों को रक्षा बलों के सैन्य अभियानों के दौरान ज़रूरी तत्परता और वैज्ञानिक कौशल का प्रदर्शन करना था।

इस प्रदर्शन में सशस्त्र बलों के एयर, सरफेस और सब-सरफेस घटक शामिल थे। कार्यक्रम की शुरुआत भारतीय थल सेना, नौसेना और वायु सेना के जवानों द्वारा एक आकर्षक कॉम्बैट फ्री फॉल के साथ हुई। इसके बाद भारतीय नौसेना के कुलीन मरीन कमांडो (मार्कोस) और भारतीय सेना के पैरा (एसएफ) कमांडो द्वारा एक साहसी प्रदर्शन किया गया, जिसमें कुशलतापूर्वक एक हेलीकॉप्टर से नाव पर रस्से के सहारे उतरा गया, फिर जेमिनी नाव तेज़ गति से चलाई गई और दुश्मन की चौकी को तबाह कर दिया गया। इसके बाद की कार्रवाई सारंग टीम द्वारा विस्मयकारी हेलोबैटिक्स और भारतीय वायु सेना द्वारा संचालित हैंग ग्लाइडर के साथ फिर से आसमान में की गई।

अन्य गतिविधियों में तटरक्षक बल द्वारा खोजबीन एवं बचाव प्रदर्शन, स्मॉल टीम इंसर्शन एंड एक्सट्रैक्शन तथा भारतीय नौसेना द्वारा एक शानदार आक्रामक डेमो, भारतीय वायु सेना द्वारा निरंतरता ड्रिल, डीआरडीओ द्वारा रोबोटिक्स प्रदर्शन और सेना के तीनों अंगों द्वारा संयुक्त बैंड प्रदर्शन शामिल थे। कार्यक्रम का समापन भारतीय नौसेना के ड्रम वादकों द्वारा टैटू समारोह के साथ हुआ।

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