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धामी कैबिनेट के अहम फैसले : रोजगार, अपराध पीड़ित सहायता और साक्षी संरक्षण योजना को मिली मंजूरी

 – हरेंद्र बिष्ट/ गुसाईं

भराड़ीसैंण, 20 अगस्त। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई राज्य कैबिनेट बैठक में महिलाओं, युवाओं और भूतपूर्व सैनिकों को रोजगार से जोड़ने, अपराध पीड़ितों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने और न्याय व्यवस्था को सशक्त बनाने से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। कैबिनेट ने महिलाओं, युवाओं और पूर्व सैनिकों के लिए अलग-अलग नीति बनाने, उत्तराखण्ड अपराध से पीड़ित सहायता योजना में संशोधन करने तथा उत्तराखण्ड साक्षी संरक्षण योजना, 2025 को लागू करने को मंजूरी प्रदान की।

बैठक में निर्णय लिया गया कि महिलाओं, युवाओं और भूतपूर्व सैनिकों को स्वरोजगार और सरकारी व निजी संस्थानों में नौकरी से जोड़ने के लिए पृथक नीति तैयार की जाएगी। प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे सरकारी सेवाओं, नीट, नर्सिंग, विदेशी भाषाओं और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की तैयारी हेतु विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाएंगे। युवाओं के लिए बड़े स्तर पर रोजगार मेले और युवा महोत्सव आयोजित होंगे तथा व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए आईटीआई, पॉलिटेक्निक और स्कूलों के बीच समन्वय स्थापित किया जाएगा। स्वरोजगार से जोड़ने के लिए मौन पालन, एप्पल मिशन और बागवानी को बढ़ावा दिया जाएगा, जिसके तहत प्रत्येक ब्लॉक में प्रारंभिक चरण में 200 लोगों को प्रशिक्षण देने की योजना है। राज्य के स्थानीय उत्पादों जैसे फल, सब्जी और दूध की खरीद के लिए कृषि विभाग व आईटीबीपी के बीच एमओयू किया गया है। इसी तरह अन्य केंद्रीय एजेंसियों और निजी क्षेत्रों से भी समझौते कर स्थानीय उत्पादों के विपणन की व्यवस्था की जाएगी। भूतपूर्व सैनिकों को उपनल के माध्यम से सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाएगा और उनकी योग्यता के अनुरूप विभिन्न सेवाओं में अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।

कैबिनेट ने अपराध से पीड़ित सहायता योजना, 2013 (संशोधित 2014 व 2016) में संशोधन करते हुए उत्तराखण्ड अपराध से पीड़ित सहायता (संशोधन) योजना, 2025 को मंजूरी दी। इस संशोधन के तहत पोक्सो पीड़ितों के लिए न्यूनतम और अधिकतम क्षतिपूर्ति राशि का स्पष्ट प्रावधान किया गया है, जिससे न्यायालयों के आदेशों के अनुपालन में आ रही कठिनाइयाँ समाप्त होंगी और पीड़ितों को समयबद्ध व प्रभावी सहायता मिल सकेगी।

न्याय व्यवस्था को और अधिक सशक्त व पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से कैबिनेट ने उत्तराखण्ड साक्षी संरक्षण योजना, 2025 को भी स्वीकृति प्रदान की। इस योजना के अंतर्गत साक्षियों की सुरक्षा और गरिमा सुनिश्चित करने के लिए पहचान गोपनीयता, स्थान परिवर्तन, सम्पर्क विवरण में बदलाव, भौतिक सुरक्षा और आवश्यक वित्तीय सहायता जैसे प्रावधान किए गए हैं। इसके लिए राज्य साक्षी संरक्षण समिति गठित की गई है, जिसमें न्यायपालिका, पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। सरकार का कहना है कि इस योजना से साक्षियों को भय और दबाव से मुक्त माहौल मिलेगा तथा न्यायिक प्रक्रिया निष्पक्ष और अधिक प्रभावी बन सकेगी।

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