आपदा/दुर्घटना

आपदा से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए एनटीपीसी तपोवन में बहु-एजेंसी मॉक ड्रिल

ज्योतिर्मठ, 30 मई (कपरुवाण)। एनटीपीसी की तपोवन-विष्णुगाड जलविद्युत परियोजना में आपदा प्रबंधन एवं आपातकालीन तैयारियों का आकलन करने के उद्देश्य से एक व्यापक बहु-एजेंसी मॉक ड्रिल का सफल आयोजन किया गया। यह अभ्यास बैराज स्थल तथा हेड रेस टनल (एचआरटी) क्षेत्र में आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न केंद्रीय एवं राज्य स्तरीय एजेंसियों ने सहभागिता की।
मॉक ड्रिल के दौरान सुराईथोटा क्षेत्र में बादल फटने की काल्पनिक स्थिति तैयार की गई। इस परिदृश्य के तहत नदी के जलस्तर में अचानक वृद्धि होने की स्थिति का अभ्यास किया गया। इसके लिए सेंसर स्टेशन की निर्धारित सीमा को अस्थायी रूप से कम किया गया, जिससे चेतावनी सायरन बज उठा और ऑटोमेटेड फ्लड वार्निंग सिस्टम सक्रिय हो गया। इसके साथ ही आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र ने तत्काल कार्य करना शुरू कर दिया।
अभ्यास में एनटीपीसी एवं केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के समन्वय से भारतीय सेना, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ), राज्य पुलिस, अग्निशमन सेवा, खुफिया ब्यूरो (आईबी), सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) तथा जिला प्रशासन सहित अनेक एजेंसियों ने भाग लिया। परियोजना से जुड़ी कंपनियों मैसर्स पीईएस, मैसर्स ओआईएल एवं मैसर्स एचसीसी ने भी सक्रिय सहयोग प्रदान किया।
मॉक ड्रिल के दौरान सुरंग के भीतर खोज एवं बचाव अभियान चलाया गया। प्रशिक्षित स्निफर डॉग्स की सहायता से लापता व्यक्तियों की तलाश की गई। इसके अलावा नदी में बचाव कार्य, नदी पार रेस्क्यू तथा अन्य आपातकालीन प्रतिक्रिया अभ्यास भी किए गए। इन गतिविधियों ने विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय, दक्षता और तत्परता का प्रभावी प्रदर्शन किया।
अभ्यास के तहत घायलों के सुरक्षित रेस्क्यू की प्रक्रिया का भी प्रदर्शन किया गया। घायलों को घटनास्थल से निकालकर एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उन्हें आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। इस प्रकार आपदा की स्थिति में राहत एवं चिकित्सा सहायता की संपूर्ण प्रक्रिया का परीक्षण किया गया।
मॉक ड्रिल के समापन पर आयोजित समीक्षा बैठक में परियोजना के कार्यकारी निदेशक एवं परियोजना प्रमुख, सीआईएसएफ के सहायक कमांडेंट तथा सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में अभ्यास के दौरान प्राप्त अनुभवों, सुझावों और महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई, ताकि भविष्य में आपदा प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके।
एनटीपीसी तपोवन के कार्यकारी निदेशक एवं परियोजना प्रमुख अजय कुमार शुक्ला ने कहा कि इस प्रकार के अभ्यास आपातकालीन परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने की तैयारियों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी आपदा अथवा आपात स्थिति में सभी संबंधित कार्मिकों को अपने दायित्वों की स्पष्ट जानकारी होना आवश्यक है, जिससे न्यूनतम समय में राहत एवं बचाव कार्य संचालित कर जन-धन की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
सफल मॉक ड्रिल ने परियोजना की सुरक्षा, आपदा प्रबंधन क्षमता तथा परिचालन उत्कृष्टता के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को भी रेखांकित किया।

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