अंतरिक्ष में डीएनए-प्रेरित कैंसर अनुसंधान; दृष्टि, हृदय और मनोवैज्ञानिक परीक्षणों के साथ सप्ताह का समापन
यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA) की अंतरिक्ष यात्री और एक्सपीडिशन-74 की फ्लाइट इंजीनियर सोफी एडेनो एक पोर्ट्रेट के दौरान ऑप्टिकल कोहेरेंस टोमोग्राफी मशीन प्रदर्शित करती हुई दिखाई दीं। यह एक चिकित्सीय इमेजिंग उपकरण है जिसका उपयोग आंखों की जांच के लिए किया जाता है। पृथ्वी पर मौजूद चिकित्सक वास्तविक समय में अंतरिक्ष यात्रियों की रेटिना, लेंस और कॉर्निया का अवलोकन करते हुए इस जांच की निगरानी करते हैं। किसी भी अंतरिक्ष मिशन की सफलता के लिए दृष्टि अत्यंत महत्वपूर्ण होती है, इसलिए अंतरिक्ष में रहने के संभावित प्रभावों का मुकाबला करने के लिए डॉक्टर नियमित रूप से अंतरिक्ष यात्रियों की आंखों की जांच करते हैं।
अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर सप्ताह के कार्यों का समापन डीएनए जैसी संरचना वाले पदार्थों, क्वांटम भौतिकी उपकरणों और स्पेससूट बैटरियों से जुड़े अनुसंधानों के साथ हुआ। एक्सपीडिशन-74 के दल ने सप्ताहांत से पहले हृदय, आंखों और मनोविज्ञान से जुड़े मानव अनुसंधान परीक्षण भी किए।
नासा की फ्लाइट इंजीनियर जेसिका मेयर ने डेस्टिनी प्रयोगशाला मॉड्यूल में स्थित कोल्ड एटम लैब (CAL) क्वांटम अनुसंधान सुविधा को खोला और उसकी जल नलियों तथा फाइबर केबलों का निरीक्षण किया। ये नलियां अत्यधिक ठंडे तापमान पर परमाणुओं को बनाए रखने वाली प्रणाली से उत्पन्न गर्मी को बाहर निकालती हैं। वहीं अत्यंत संवेदनशील प्रकाश-उत्सर्जक फाइबर केबल परमाणुओं को ठंडा करने, नियंत्रित करने और अत्यधिक सटीकता के साथ उनका अध्ययन करने में सहायता करती हैं। इससे वैज्ञानिकों को परमाणु तरंग फलनों, सामान्य सापेक्षता सिद्धांत तथा डार्क मैटर जैसे विषयों को समझने में मदद मिलती है।
इसके बाद मेयर ने नासा के फ्लाइट इंजीनियर जैक हैथवे के साथ क्वेस्ट एयरलॉक में स्पेससूट रखरखाव कार्य किया। हैथवे ने पहले तीन चार्ज की हुई स्पेससूट बैटरियों को एक भंडारण खंड में स्थापित किया और फिर यह सुनिश्चित किया कि वह क्षेत्र सही ढंग से व्यवस्थित हो। दूसरी ओर मेयर ने स्पेसवॉक के दौरान उपयोग किए जाने वाले पिस्टल ग्रिप उपकरण के ट्विस्ट-एंड-लॉक कनेक्टर बदले।
नासा के अंतरिक्ष यात्री क्रिस विलियम्स ने मुख्य रूप से सिग्नस एक्सएल मालवाहक अंतरिक्ष यान से सामग्री उतारने का कार्य किया, जो 13 अप्रैल को अंतरिक्ष स्टेशन पर पहुंचा था। इसके अतिरिक्त उन्होंने कोलंबस प्रयोगशाला मॉड्यूल में यूरोपीय एक्सप्लोरेशन एक्सरसाइज डिवाइस की वाइब्रेशन आइसोलेशन प्रणाली में आ रही तकनीकी समस्या को भी ठीक किया ताकि उसका प्रदर्शन सुचारु बना रहे।
यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी की फ्लाइट इंजीनियर सोफी एडेनो ने शुक्रवार को किबो प्रयोगशाला मॉड्यूल के लाइफ साइंस ग्लोवबॉक्स में डीएनए जैसी सूक्ष्म कृत्रिम संरचनाएं तैयार कीं। यह कार्य “डीएनए नैनो थेरैप्यूटिक्स-3” नामक अनुसंधान के अंतर्गत किया गया। इन नैनो पदार्थों की संरचना डीएनए के प्राकृतिक निर्माण खंडों जैसी होती है और इनमें कैंसर से लड़ने वाली दवा भरी जाती है। ये लक्षित कोशिकाओं तक दवा पहुंचाने में सहायता करते हैं तथा अनचाहे दुष्प्रभावों को कम करते हैं। यह जैव-प्रौद्योगिकी अध्ययन अंतरिक्ष में भारहीनता की स्थिति का उपयोग करके स्थिर डीएनए-प्रेरित नैनोकण संरचनाएं विकसित कर रहा है, जिससे भविष्य में कैंसर उपचार की नई विधि विकसित होने की संभावना है।
चारों अंतरिक्ष यात्रियों ने अपनी ड्यूटी का समापन आंखों और हृदय स्वास्थ्य की जांच करने वाले जैव-चिकित्सीय परीक्षणों के साथ किया। जेसिका मेयर ने सोफी एडेनो द्वारा संचालित आंखों की इमेजिंग मशीन में देखकर अपनी रेटिना, लेंस और कॉर्निया की जांच कराई। वहीं क्रिस विलियम्स ने अपने शरीर पर पल्स मापने वाले इलेक्ट्रोड लगाए और जैक हैथवे ने अल्ट्रासाउंड-3 जैव-चिकित्सीय उपकरण की सहायता से उनके सीने का स्कैन किया ताकि हृदय एवं रक्त संचार प्रणाली का अवलोकन किया जा सके। पृथ्वी पर मौजूद चिकित्सक इन परीक्षणों की वास्तविक समय में निगरानी करते हैं और प्राप्त आंकड़ों के आधार पर अंतरिक्ष में रहने से उत्पन्न संभावित स्वास्थ्य समस्याओं का पता लगाकर उनका समाधान खोजते हैं।
रूस की अंतरिक्ष एजेंसी रोसकॉसमोस के कॉस्मोनॉट सर्गेई कुद-स्वेर्चकोव और सर्गेई मिकायेव ने दीर्घकालिक मनोवैज्ञानिक अध्ययन के अंतर्गत कंप्यूटरीकृत प्रश्नावली भरी। उनके उत्तर वैज्ञानिकों को यह समझने में मदद करेंगे कि लंबी अवधि के अंतरिक्ष मिशनों के दौरान कॉस्मोनॉट मानसिक रूप से किस प्रकार अनुकूलन करते हैं। इससे भविष्य में अंतरिक्ष दल के चयन और प्रशिक्षण की प्रक्रियाओं को बेहतर बनाने में सहायता मिलेगी।
इसी दौरान फ्लाइट इंजीनियर आंद्रेई फेद्यायेव ने ज़्वेज़्दा सेवा मॉड्यूल में उन सेंसरों से संबंधित उपकरणों की मरम्मत की जो तरल पदार्थों को अलग करने और शुद्ध करने वाली प्रणालियों की निगरानी करते हैं।
