हाथी चढ़े पहाड़ पर, तैड़ियावासी की नीद हुयी हराम, हाथियों को भी गिरने का खतरा

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– रिखणीखाल   से प्रभुपाल सिंह  रावत –

गत दिवस सायं को रिखणीखाल  प्रखंड  के सीमान्त गाँव  तैड़िया के छोटे तैड़िया भैंसाडाबर में खितरपाल से देखे गए तीन हाथियों का झुंड रुमट्यलधार से गस्किल की  ओर  आने पर  ग्रामीण  दहशत  में  हैं।

इन  हाथियों  को  आता हुआ देख कर प्रत्यक्षदर्शियों ने गांव में सबको सूचित किया और किसी भी स्थिति से अवगत कराया। प्रत्यक्षदर्शी दिक्का देवी, बीरेंद्र कुमार,फुर्की का कहना है कि जब वे सायं को घास लेने बैड़ाटूंडूं जा रहे थे तो उन्हें चिंघाड़ने की ध्वनि सुनाई दी और अपने सन्देह को मिटाने खितरपाल जाकर देखा तो तीन हाथी गांव की ओर उन्मुख हैं।

सुबह फिर छः बजे हाथियों की आहट बिलौंगर्याखाल से पाणी स्रोत होते हुए अमखोली पहुंचे। गांव वालों के हल्ला गुल्ला,शोर मचाने पर वे बड्याछान्यूं की ओर मुड़ गये और अब वे सिमलखेत पुटबुड़्या में जमे हुए हैं। ग्रामीण ताजा स्थिति हेतु नजरें बनाये हैं कि कहीं गांव में बने आशियानों को नुकसान न पहुंचा दें। क्यों कि  यहां प्रति वर्ष हाथियों की आवाजाही होती रहती है और भय के कारण कई बार ग्रामीणों व स्कूली बच्चों को जान बचाने के लाले पड़े।

इस प्रकरण की गम्भीरता को क्षेत्र पंचायत सदस्य  बिनीता ध्यानी ने डीएफओ कालागढ़ टाइगर रिजर्व लैंसडौन को सूचित कर जल्द ही गांव में वाचरों की गश्त बढ़ाने व समस्या से निजात दिलाने की मांग की है। जिस पर डीएफओ कालागढ़ टाइगर रिजर्व लैंसडौन श्री पीसी आर्य ने आश्वस्त किया है।

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