टीएमयू में उत्तम त्याग धर्म पर जैन रामायण की भव्य प्रस्तुति

मुरादाबाद, 25 सितम्बर। तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी (टीएमयू) में दस लक्षण महापर्व के तहत उत्तम त्याग धर्म श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर धार्मिक अनुष्ठानों के साथ पद्मपुराण पर आधारित जैन रामायण की भव्य नाट्य प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र रही। इसमें भगवान राम के वैराग्य और जैन दीक्षा की ओर अग्रसर होने के प्रसंग को विशेष रूप से प्रस्तुत किया गया।
दिन की शुरुआत श्रीजी के अभिषेक और शांतिधारा से हुई। शुभम, सूर्यांश, शिवांश और लक्ष्य जैन ने स्वर्ण कलशों से अभिषेक किया। सम्यक जैन ने स्वर्ण झारी तथा डॉ. आदित्य जैन सहित अन्य श्रद्धालुओं ने रजत झारी से शांतिधारा की। ऋषिता जैन, ऋषिता नायक, ऋद्धि जैन, नेहा जैन, वंशिका जैन, रिया जैन, आकांक्षा जैन, राशि जैन और दिव्यांशी जैन ने अष्ट कुमारी के रूप में भाग लिया। छात्र ऋतिक जैन ने तत्त्वार्थ सूत्र का वाचन किया। पंडित ऋषभ शास्त्री के सान्निध्य में नवदेवता, सोलहकारण और दस लक्षण पूजा संपन्न हुई।

त्याग आत्मशुद्धि और संयम की साधना
पंडित ऋषभ शास्त्री ने प्रवचन में कहा कि संसार, देह और भोगों के प्रति मोह छोड़कर उदासीन भाव रखना त्याग धर्म है। उन्होंने दान और त्याग का अंतर बताते हुए कहा कि दान में दूसरे के कल्याण की भावना होती है, जबकि त्याग किसी अपेक्षा के बिना वस्तु और मोह का परित्याग है। त्याग आत्मशुद्धि, संयम और मोक्षमार्ग की महत्वपूर्ण साधना है।
संध्या में जैन फैकल्टी ने दिव्य घोष के साथ जिनालय से श्रीजी की आरती रिद्धि-सिद्धि भवन पहुंचाई, जहां श्रद्धालुओं ने आरती और भक्ति की।
टीएमयू ऑडिटोरियम में जैन फैकल्टी की जैन रामायण प्रस्तुति में दशरथ की सभा, सीता स्वयंवर, दण्डक वन, किष्किंधा, प्रमदवन, लक्ष्मण-रावण युद्ध और राम दरबार के प्रसंगों को अभिनय, संवाद, वेशभूषा और मंच-सज्जा के माध्यम से जीवंत किया गया। अंतिम प्रसंग में भगवान राम के सांसारिक मोह से निवृत्त होकर वैराग्य और जैन दीक्षा की ओर बढ़ने का मंचन किया गया।
कार्यक्रम में कुलाधिपति सुरेश जैन, वीना जैन, ग्रुप वाइस चेयरमैन मनीष जैन, ऋचा जैन, एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर अक्षत जैन, जाह्नवी जैन, नंदनी जैन सहित शिक्षक, विद्यार्थी और यूनिवर्सिटी परिवार के सदस्य उपस्थित रहे।
