टीएमयू के एफओईसीएस में रिसर्च को लेकर गहन मंथन

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बेसिक रिसर्च नीड्स फॉर साइन्स इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी पर ब्लेंडेड मोड में पाँच दिनी मैराथन वर्कशॉप

–प्रो. श्याम सुंदर भाटिया

तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद के फ़ैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड कम्प्यूटिंग साइंसेज़- एफओईसीएस के सभागार में बेसिक रिसर्च नीड्स फॉर साइन्स इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी- विज्ञान, इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी के लिए बुनियादी अनुसंधान आवश्यकताओं पर ब्लेंडेड मोड में पाँच दिनी कार्यशाला में गहन मंथन हुआ। एचओडी प्रो. अशेंद्र कुमार सक्सेना ने डेटा विश्लेषण, डॉ. अलका वर्मा ने रिसर्च प्लान प्रोपोज़ल और डॉ. शालिनी जेड निनोरिया गाइडलाइंस फॉर लिटरेचर रिव्यू, प्रॉक्टर डॉ. शंभू भारद्वाज ने टीएमयू पुस्तकालय में उपलब्ध ई-संसाधन और अनुसंधान सुविधाएं, प्रो. सौरभ श्रीवास्तव ने शोध पत्र लेखन और डॉ. राहुल शर्मा ने डेटा विश्लेषण डॉ. गुलिस्ता खान ने साहित्यिक चोरी- चुनौतियां और समाधान, डॉ. शुभेंद्र प्रताप सिंह ने बौद्धिक संपदा अधिकार और डॉ. पंकज गोस्वामी और डॉ. अर्पित जैन ने साइटेशन्स एंड रिसर्च इंडेक्सिंग, प्रो. सुरजीत दलाल ने थीसिस लेखन और डॉ. दीप्तोनिल बनर्जी ने आर्ट ऑफ प्रोपोज़ल राइटिंग फॉर ए रिसर्च ग्रांट-एक शोध अनुदान के लिए प्रस्ताव लेखन की कला पर अपने-अपने व्याख्यान दिए।

इस अवसर पर वर्कशॉप कोऑर्डिनेटर्स डॉ. पराग अग्रवाल, डॉ. नवनीत कुमार के अलावा डॉ. विनय कुमार मिश्रा, डॉ. गरिमा गोस्वामी, फैकल्टी रिसर्च स्कॉलर्स- श्री हरजिंदर सिंह, श्री अमित सिंह, श्री आरपी पाण्डेय, श्री नवनीत विश्नोई, श्री अजय चक्रवर्ती, श्री आशीष विश्नोई, श्री विनीत सक्सेना, श्री प्रदीप कुमार वर्मा, श्री राहुल विश्नोई, रिसर्च फेलो- सुश्री ख्याति, सुश्री वर्तिका अग्रवाल, श्री विश्वदीप, सुश्री अल्पना श्रीवास्तव सहित सभी शिक्षक और प्रतिभागी छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। इवेंट कोऑर्डिनेटर श्री अमित कुमार विश्नोई ने सभी का आभार व्यक्त किया।

पीएचडी मानकों से नहीं कोई समझौताः प्रो. द्विवेदी

एफओईसीएस के निदेशक एवम् प्राचार्य प्रो. राकेश कुमार द्विवेदी ने अनुसंधान की आवश्यकता, अनुसंधान के विभिन्न घटकों और अनुसंधान पर टीएमयू की पॉलिसी के बारे में विस्तार से जानकारी दी। बोले, यूनिवर्सिटी ने पीएचडी डिग्री के मानकों के साथ कोई समझौता नहीं किया है। प्रो. द्विवेदी ने शोधार्थियों और सुपरवाइज़र्स दोनों के सामने आने वाले मुद्दों और चुनौतियों के बारे में भी चर्चा की। प्रो. द्विवेदी ने रिसर्च प्रोपोज़ल और रिसर्च ऑब्जेक्टिव के साथ रिसर्च प्रक्रिया के प्रवाह चार्ट के बारे में बताया। पीएचडी क्या है, इस बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि पीएचडी कम से कम ज्ञान के क्षेत्र में एक नई खोज या योगदान है। पीएचडी में मुद्दों की बेहतर समझ होनी चाहिए। पीएचडी करियर के अवसरों के नए द्वार खोलता है। उन्होंने थीसिस और रिसर्च पेपर लिखने के लिए कुछ महत्वपूर्ण टिप्स भी दिए। अंत में प्रो. द्विवेदी ने सभी स्पीकर्स, सेशन मॉडरेटर्स, इवेंट कोऑर्डिनेटर्स का आभार व्यक्त करते हुए उनको सर्टिफिकेट्स प्रदान किया। सभी रिसर्च स्कॉलर्स को भी ई-सर्टिफिकेट्स दिए गए।

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