मूसलाधार बारिस के कारण पकने जा रही फसलें बर्बादी की कगार पर
–गौचर से दिग्पाल गुसाईं –
क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश ने कास्तकारों की पेशानी पर बल डाल दिया है। उन्हें इस बात की चिंता सताने लगी है कि बारिश का यही सिलसिला रहा तो पकने के कगार पर पहुंच चुकी उनकी फसल बर्बाद हो सकती है।
दरअसल इन दिनों पहाड़ के ऊंचाई वाले इलाकों में जहां धान की फसल की कटाई का कार्य तेजी से चल रहा है वहीं निचले इलाकों में धान की फसल पकने के कगार पर पहुंच चुकी है।फसल पूरी तरह पक सके इसके लिए धूप की नितांत आवश्यकता होती है। लेकिन क्षेत्र में अचानक मौसम का मिजाज बिगड़ा और शनिवार सुबह से बारिश का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है।
बारिश से कई खेतों में धान की फसल जमींदोज हो गई है। अब कास्तकारों को इस बात की चिंता सताने लगी है कि समय रहते बारिश का सिलसिला नहीं थमा तो उनकी फसल बर्बाद हो सकती है। जिन इलाकों में धान की फसल की कटाई का कार्य तेजी से चल रहा था वहां बारिश ने कास्तकारों के साथ थाम दिए हैं। कास्तकारों के लिए भादो का महीना किसी बरदान से कम नहीं माना जाता है इस महीने की चिलचिलाती धूप फसलों को पकने में कारगर साबित होती है। लेकिन बे मौसम हो रही बारिश ने कास्तकारों को भारी परेशानी में डाल दिया है।
