उत्तराखंड में भी मजहबी और जातीय दीवारें तोड़ रहे हैं युवा प्यार की खातिर

Spread the love

 

-जयसिंह रावत

सामाजिक माहौल खराब करने के लिये साम्प्रदायिक तत्व भले ही लव जेहाद के नाम पर जितना भी दुप्रचार करें मगर उत्तराखण्ड के युवा जोड़े मोहब्बत और इंसानियत को सबसे बड़ा मजहब मानते हुये खुलकर  अपनी मुहब्बत को परवान चढ़ा रहे हैं। दकियानूसी की जंजीरों को तोड़ने वाले इन साहसी प्रेमी युगलों को समाज को जोड़ने के एवज में सरकार के द्वारा पुरस्कृत भी किया जा रहा है। उत्तराखंड गठन से लेकर जनवरी 2021 तक दूसरे धर्म (अन्तर्धार्मिक) तथा दूसरी जाति ( अन्तर्जातीय ) विवाह करने वाले 389 जोड़ों को उत्तराखंड सरकार द्वारा पुरस्कृत किया गया हैै। उत्तराखंड गठन से पूर्व 1976 से लागू नियमावली के अन्तर्गत दिये गये पुरस्कारों पर रू.1.01 करोड़ की धनराशि खर्च की गयी है। यह खुलासा सूचना अधिकार कार्यकर्ता नदीम उद्दीन को समाज कल्याण निदेशालय द्वारा उपलब्ध करायी गयी सूचना से हुआ है।

नैनीताल के मोहब्ब्त सबसे ज्यादा परवान चढ़ी

काशीपुर निवासी सूचना अधिकार कार्यकर्ता नदीम उद्दीन को सूचना का अधिकार के तहत  समाज कल्याण विभाग, उत्तराखंड शासन के लोक सूचना अधिकारी/अनुसचिव जे0पी0बेरी द्वारा उपलब्ध कराई गयी सूचना के अनुसार अनुसार अर्न्तजातीय व अर्न्तधार्मिक 389 विवाहो पर 1 करोड़ 01 लाख 03 हजार रूपये की धनराशि के पुरस्कार उत्तराखंड सरकार द्वारा दी गयी है। इसमें सर्वाधिक 172 पुरस्कार नैनीताल जिले, दूसरे स्थान पर 39 पुरस्कार उत्तरकाशी जिले तथा तीसरे स्थान पर 33 पुरस्कार हरिद्वार जिले में दिये गये हैं।

 

अन्तर्जातीय अन्तर्धार्मिक विवाह को कानून का प्रोत्साहन

उत्तर प्रदेश अन्तर्जातीय अन्तर्धार्मिक विवाहित दम्पत्ति को प्रोत्साहन नियमावली 1976 के नियम 6 के अन्तर्गत ऐसा विवाह करने अन्तर्जातीय वाले जोड़ों को पचास हजार रूपये तक की धनराशि का पुरस्कार देने का प्रावधान है। 27 जनवरी 2014 तक यह धनराशि 10 हजार थी। इस नियमावली के नियम 4 की पात्रता में अन्तर्जातीय विवाह में विवाह का एक पक्ष अनुसूचित जाति का होना आवश्यक है। नियम 5 के अनुसार विवाह न निभा पाने किसी सदस्य द्वारा न्यायिक पृथकीकरण, विवाह विच्छेद या विवाह विघटन करने या पांच वर्ष से पहले बिना किसी न्यायसंगत कारण के विवाह सम्बन्ध टूटने पर पुरस्कार की सम्पूर्ण राशि भू-राजस्व बकाया की भांति सरकार द्वारा वसूल ली जायेगी।

गढ़वाल में पौड़ी के युवा सबसे ज्यादा क्रातिकारी

पुरस्कारों के जिलावार विवरणों के अनुसार पौड़ी गढ़वाल मे 10 पुरस्कारों पर 3.4 लाख, टिहरी गढ़वाल में 02 पुरस्कारों पर 20 हजार, चमोली में 8 को 3.2, रूद्रप्रयाग में 7 को 1.5, उत्तरकाशी में 39 को 13.5, देहरादून में 29 को 7.5, हरिद्वार में 33 को 14.9, नैनीताल में 172 को 35.8, अल्मोड़ा में 20 को 5.2, पिथौैरागढ़ में 13 को 2.5, बागेश्वर में 16 को 3.6, चम्पावत में 13 को 2.9 तथा उधमसिंह नगर में 27 को 7.1 लाख रूपये के पुरस्कार अन्तर्धार्मिक /अर्न्तजातीय विवाह करने  पर दिये गये हैं।

जातीय दीवारों को भी तोड़ रही है मोहब्बत

वर्षवार पुरस्कृत व्यक्तियों के विवरण के अनुसार वर्ष 2000-01 तथा 2001-02,  2002-03 व 2008-09 में किसी भी जिले में कोई विवाह पुरस्कार नहीं दिया गया है जबकि 2011-12, 2013-14 तथा 2020-21 में केवल अन्तर्जातीय विवाह पर ही पुरस्कार दिये गये है। वर्ष 2003-04 में अर्न्तधार्मिक विवाह वाले 4 पुरस्कारों में पौड़ी गढ़वाल, देहरादून, नैनीताल, अल्मोड़ा जिलो के 1-1 जोड़े शामिल है। जबकि अन्तर्जातीय 28 पुरस्कारों में चमोली, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़ के 1-1, रूद्रप्र्रयाग तथा बागेश्वर के 2-2, अल्मोड़ा के 3 तथा देहरादून के 5 जोड़े शामिल है। वर्ष 2004-05 में पुरस्कृत 9 अन्तर्धर्मीय जोड़ों में 7 नैनीताल तथा 2 देहरादून जिले केे तथा अर्न्तजातीय 27 जोड़ों में 17 नैनीताल, 4 उधमसिंह नगर, 2 पिथौैरागढ़ तथा अल्मोड़ा, देहरादून, टिहरी व पौड़ी के 1-1 जोड़े शामिल है।

अर्न्तजातीय विवाह में अल्मोड़ा उत्तरकाशी आगे

वर्ष 2005-06 में पुरस्कृत 3 अन्तर्धार्मिक जोड़ों में 2 अल्मोड़ा व 1 नैनीताल तथा अर्न्तजातीय 18 जोड़ो में अल्मोड़ा व उत्तरकाशी में 5-5, तथा नैनीताल व उधमसिंह नगर में 2-2, रूद्रप्रयाग, हरिद्वार, बागेश्वर, चम्पावत में 1-1 जोड़े शामिल है। वर्ष 2006-07 में अन्तर्धार्मिक कुल 3 में पिथौरागढ़ में 2 तथा पौड़ी गढ़वाल में 1 तथा अन्तर्जातीय में 12 में नैनीताल में 4, पिथौरागढ़ तथा देहरादून में 2-2, टिहरी, चमोली, रूद्रप्रयाग तथा चम्पावत में 1-1 शामिल है।

वर्ष 2007-08 में अन्तर्धार्मिक केवल नैनीताल जिले में1 तथा अन्तर्जातीय 9 विवाह पुरस्कारो में 6 नैनीताल, 2 उधमसिंह नगर तथा 1 देहरादून के जोड़े शामिल हैै। 2009-10 में कुल 5 अन्तर्धार्मिक विवाह पुरस्कारों में नैनीताल में 3 तथा चम्पावत व उधमसिंह नगर में 1-1 शामिल हैै। अर्न्तजातीय 18 में नैैनीताल में 12, उत्तरकाशी व चम्पावत में 2-2 तथा देहरादून व पिथौैरागढ़ में 1-1 शामिल हैै।

 नैनीताल में खूब मिले पुरस्कार मोहब्बत के परवानों को

वर्ष 2010-11 में केवल नैनीताल जिले में 3 अन्तर्धार्मिक विवाह पुरस्कार तथा 13 अन्तर्जातीय विवाह पुरस्कारों में 7 नैनीताल, उत्तरकाशी व बागेश्वर में 2-2 तथा उत्तरकाशी व उधमसिंह नगर में 1-1 शामिल है। वर्ष 2011-12 अर्न्तजातीय 16 विवाह पुरस्कारों में नैनीताल में 11, बागेश्वर में 2 तथा रूद्रप्रयाग, चम्पावत व उधमसिंह नगर में 1-1 शामिल हैै। वर्ष 2012-13 में अर्न्तधार्मिक विवाह पुरस्कार केवल बागेश्वर जिले में 2 जोड़ों को दिया गया हैै। अर्न्तजातीय कुल 14 मे नैनीताल में 8, उत्तरकाशी में 2 तथा हरिद्वार, पिथौरागढ़, चम्पावत व उधमसिंह नगर में 1-1 शामिल है।

वर्ष 2013-14 में अन्तर्जातीय कुल 12 में नैनीताल 8 तथा उत्तरकाशी, देहरादून, पिथौरागढ़, बागेश्वर  में 1-1 शामिल है। वर्ष 2014-15 में अन्तर्धार्मिक केवल नैनीताल में 1, अन्तर्जातीय 21 में नैैनीताल में 12, उत्तरकाशी में 3, चम्पावत व उधमसिंह नगर में 2-2 देहरादून व हरिद्वार में 1-1 शामिल है। वर्ष  2015-16 में अर्न्तधार्मिक केवल नैैनीताल में 2, अन्तर्जातीय 12 में नैनीताल में 7, देहरादून में 4 तथा चमोली में 1 जोड़े शामिल है। वर्ष 2016-17 में अन्तर्धार्मिक 2 पुरस्कारों में उधमसिंह नगर व पिथौरागढ़ में 1-1, अर्न्तजातीय 23 में नैैनीताल में 9, देहरादून में 5, उत्तरकाशी में 3, पौड़ी, अल्मोड़ा, बागेश्वर, उधमसिंह नगर में 1-1 जोड़ा शामिल हैै। वर्ष 2017-18 में 3 अन्तर्धार्मिक विवाह पुरस्कारों में 2 नैनीताल 1 हरिद्वार के शामिल है। अर्न्तजातीय 36 विवाहों में नैैनीताल में 13, उधमसिंह नगर में 4, देहरादून, हरिद्वार, चमोली में 3-3, अल्मोड़ा व पिथौैरागढ़ में 2-2, रूद्रप्रयाग, बागेश्वर, चम्पावत में 1-1 शामिल है।

 हरिद्वार में भी टूटी मजहबी दीवारें

वर्ष 2018-19 में अन्तर्धार्मिक 5 में 3 हरिद्वार, नैनीताल व उधमसिंह नगर के 1-1 शामिल है। अन्तर्जातीय 37 में हरिद्वार में 11, पौड़ी में 6, उत्तरकाशी व अल्मोड़ा में 5-5, नैनीताल में 4, उधमसिंह नगर में 3, चमोली, बागेश्वर व चम्पावत में 1-1 शामिल है। 2019-20 में अर्न्तधार्मिक 3 पुरस्कारो में नैनीताल में 2 व उधमसिंह नगर में 1 तथा अन्तर्जातीय 32 विवाह पुरस्कारो में नैनीताल में 11, उत्तरकाशी में 10, हरिद्वार में 6, बागेश्वर में 3, देहरादून व चम्पावत में 1-1 शामिल है। 2020-21 में अन्तर्जातीय 15 विवाहों में हरिद्वार, नैनीताल में 4-4 तथा उत्तरकाशी व उधमसिंह नगर जिलों में 2-2, टिहरी, रूद्रप्रयाग व चम्पावत में 1-1 जोड़े पुरस्कृत हुये है।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published.

error: Content is protected !!