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गृहमंत्री अमित शाह के दौरे पर महिला कांग्रेस का विरोध, ज्ञापन देने जा रहीं कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोका

देहरादून/ऋषिकेश, 7 मार्च। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के उत्तराखंड आगमन के अवसर पर उत्तराखंड प्रदेश महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला के नेतृत्व में महिला कांग्रेस की पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने प्रदेश से जुड़े विभिन्न ज्वलंत मुद्दों को लेकर उन्हें ज्ञापन देने का प्रयास किया। हालांकि पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक दिया, जिससे कुछ समय तक तनाव की स्थिति बनी रही।


महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने बताया कि संगठन की कार्यकर्ता लोकतांत्रिक तरीके से गृहमंत्री को ज्ञापन सौंपने जा रही थीं। इस ज्ञापन में प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था, महिलाओं की सुरक्षा, बढ़ती महंगाई, बढ़ती बेरोजगारी तथा आम जनता से जुड़े अन्य गंभीर मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया था। इसके साथ ही चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में अब तक पूर्ण न्याय न मिलने के मुद्दे को भी इसमें शामिल किया गया था।
ज्योति रौतेला ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड पूरे देश में चर्चा का विषय बना था, लेकिन आज तक इस मामले में कथित वीआईपी की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि इस मामले में पूर्ण पारदर्शिता और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की आवश्यकता है, ताकि जनता का न्याय व्यवस्था पर विश्वास बना रहे।
उन्होंने बताया कि ज्ञापन में एक अन्य मुद्दा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चित जेफरी एपस्टीन से जुड़ी फाइलों में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का नाम सामने आने की खबरों से संबंधित भी था। महिला कांग्रेस की ओर से इस मामले में निष्पक्ष जांच कराने तथा जांच पूरी होने तक नैतिक जिम्मेदारी के आधार पर उनसे इस्तीफा लेने की मांग भी की गई थी।
ज्योति रौतेला के अनुसार जब महिला कांग्रेस की कार्यकर्ता ज्ञापन देने के लिए आगे बढ़ रही थीं, तब पुलिस ने उन्हें काफी समय तक रोक कर रखा। उन्होंने आरोप लगाया कि मौके पर मौजूद किसी भी प्रशासनिक अधिकारी ने ज्ञापन लेने की पहल नहीं की। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने इस पर नाराजगी जताई तो वहां भारी पुलिस बल के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई, जिसमें उन्हें हल्की चोटें भी आईं। इसके बाद पुलिस ने उन्हें और उनकी कुछ महिला साथियों को ऋषिकेश कोतवाली ले जाया गया।
इस पूरे घटनाक्रम पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए ज्योति रौतेला ने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों को अपनी बात रखने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि देश के गृहमंत्री जब किसी राज्य में आते हैं तो उन्हें वहां की जनता से जुड़े मुद्दों को सुनना चाहिए। उनका आरोप था कि जब भी विपक्ष जनहित के मुद्दों को उठाने का प्रयास करता है तो प्रशासनिक स्तर पर उसे रोकने की कोशिश की जाती है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में लगातार बिगड़ती कानून व्यवस्था, महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध, युवाओं में बढ़ती बेरोजगारी और आम जनता पर बढ़ती महंगाई का बोझ गंभीर चिंता का विषय बन चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन सरकार के दबाव में काम कर रहा है और महिलाओं की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इन ज्वलंत मुद्दों पर सरकार द्वारा गंभीरता से संज्ञान नहीं लिया गया तो उत्तराखंड प्रदेश महिला कांग्रेस जनहित के मुद्दों को लेकर प्रदेशभर में व्यापक आंदोलन चलाने के लिए बाध्य होगी।
इस अवसर पर महिला कांग्रेस की वरिष्ठ उपाध्यक्ष आशा मनोरमा शर्मा, महानगर अध्यक्ष उर्मिला ढौंढियाल थापा, पछुवादून की जिला अध्यक्ष अंशुल त्यागी, हरिद्वार जिला अध्यक्ष अंजू मिश्रा, महासचिव निधि नेगी, ब्लॉक अध्यक्ष अनीता सकलानी, महासचिव दीपा चौहान, प्रदेश महासचिव नलिनी दीक्षित, सचिव भावना शर्मा, नितिन उनियाल तथा युवा कांग्रेस के गौरव रावत सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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