सेना को रियर लाइन इंजीनियरिंग सहायता देती है मिलिट्री इंजीनियर सर्विसेज (एमईएस)

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नयी दिल्ली , 27  सितम्बर ( PIB Delhi)

मिलिट्री इंजीनियर सर्विसेज (एमईएस) एक प्रमुख निर्माण एजेंसी है और भारतीय सेना के कोर ऑफ इंजीनियर्स के स्तंभों में से एक है जो सशस्त्र बलों और रक्षा मंत्रालय (एमओडी) के संबद्ध संगठनों को रियर लाइन इंजीनियरिंग सहायता प्रदान करती है।  यह लगभग 30000 करोड़ रुपये के कुल वार्षिक कार्यभार के साथ भारत में सबसे बड़ी निर्माण और रखरखाव एजेंसियों में से एक है ।

एमईएस सीमावर्ती क्षेत्रों सहित देश भर में आवासीय और कार्यालय भवनों, अस्पतालों, सड़कों, रनवे और समुद्री संरचनाओं जैसी विविध निर्माण गतिविधियों को अंजाम देती है।  पारंपरिक भवनों के अलावा, एमईएस परिष्कृत और जटिल प्रयोगशालाओं, कारखानों, कार्यशालाओं, हैंगर, गोला-बारूद भंडारण सुविधाओं, डॉकयार्ड, जेटी / घाटों और अन्य जटिल / विशेष संरचनाओं के निर्माण में भी शामिल है।

इस साल दुनिया ने निर्माण उद्योग को प्रभावित करने वाले कोविड-19 महामारी के अभूतपूर्व संकट को देखा और एमईएस भी इससे अछूता नहीं रहा।  हालांकि एमईएस द्वारा किए गए प्रशंसनीय प्रयासों ने सभी सैन्य स्टेशनों में “निर्बाध आवश्यक सेवाएं” सुनिश्चित कीं।  एमईएस ने निर्धारित समय सीमा में देश भर में मौजूदा परिसंपत्तियों को कोविड देखभाल सुविधाएं बनाने और संशोधित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।  एमईएस द्वारा पुणे में अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करने वाले एक मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल का उद्घाटन जनवरी 2021 में किया गया है ।

समकालीन निर्माण प्रौद्योगिकियों के साथ तालमेल बनाए रखने के लिए एमईएस ने नवीनतम निर्माण तकनीकों को शामिल करते हुए बड़े मूल्य की परियोजनाओं के लिए निविदा की इंजीनियरिंग खरीद और निर्माण (ईपीसी) पद्धति को अपनाया है।  सरकार की नीतियों के अनुरूप, विज़न और व्यापार करने में आसानी को बढ़ावा देने के इरादे से महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं, नीतियों और नियामक दस्तावेजों को भी हाल ही में अद्यतन किया गया है।

एमईएस समग्र राजकोषीय विवेक सुनिश्चित करने और बिजली दरों को कम करने में भी सबसे आगे रहा है।  सौर ऊर्जा परियोजनाओं, लेड आधारित पद्धतियों के इस्तेमाल और गृह ग्रीन बिल्डिंग मानदंडों को अपनाकर, एमईएस ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण-प्रणाली संरक्षण के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।  एमईएस ने विभिन्न कार्यों को स्वचालित करने के लिए एक प्रमुख अभियान भी चलाया गया है जो न केवल लगने वाले समय को कम करेगा, बल्कि छिपी हुआ उत्पादकता को सामने लाकर काम के माहौल को भी बदल देगा तथा पारदर्शिता और क्षमता में बढ़ोतरी भी करेगा।99वें सैन्य इंजीनियर सेवा स्थापना दिवस के अवसर पर लेफ्टिनेंट जनरल हरपाल सिंह इंजीनियर-इन-चीफ ने सभी सैन्य इंजीनियर सेवा कर्मियों को बधाई दी और उनसे इस महान संगठन के लिए खुद को समर्पित करने तथा सशस्त्र सेनाओं को बेहतर सेवाएं प्रदान करके राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आग्रह किया।

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