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नासा और नॉर्थ्रॉप ग्रुम्मन ने ‘सिग्नस एक्सएल’ की मदद से अंतरिक्ष स्टेशन की कक्षा को सफलतापूर्वक ऊपर उठाया

The Cygnus XL spacecraft, which is supporting NASA’s Northrop Grumman Commercial Resupply Services 24 mission, arrived at the orbital complex on April 13, delivering more than 11,000 pounds of science and supplies to the space station. Cygnus will remain berthed to space station until October when it will be filled with disposal cargo, unberthed from station, and then harmlessly burn up during its destructive reentry into Earth’s atmosphere. 

 

-A NASA PRESS RELEASE –

नॉर्थ्रॉप ग्रुम्मन (Northrop Grumman) के ‘सिग्नस एक्सएल’ (Cygnus XL) अंतरिक्ष यान ने आज अपने थ्रस्टर्स को 18 मिनट तक चालू (फायर) रखकर अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) की कक्षा को सफलतापूर्वक ऊपर उठाया (रीबूस्ट किया)।

अंतरिक्ष स्टेशन की ऊंचाई को समायोजित करने के लिए सिग्नस एक्सएल के ‘गिंबल्ड डेल्टा वेलोसिटी इंजन’ का उपयोग किया गया। इसके जरिए स्टेशन की कक्षा के उच्चतम बिंदु (अपभू या Apogee) को 1.5 मील और न्यूनतम बिंदु (उपभू या Perigee) को 0.8 मील ऊपर उठाया गया, जिससे अब अंतरिक्ष स्टेशन 265.5 x 256.8 मील की कक्षा में स्थापित हो गया है।

नासा के ‘नॉर्थ्रॉप ग्रुम्मन कमर्शियल रीसप्लाई सर्विसेज-24’ (CRS-24) मिशन को सहयोग दे रहा सिग्नस एक्सएल यान 13 अप्रैल को अंतरिक्ष स्टेशन पर पहुंचा था। इसने स्टेशन पर 11,000 पाउंड से अधिक के वैज्ञानिक उपकरण और आवश्यक आपूर्ति पहुंचाई थी। सिग्नस अक्टूबर तक अंतरिक्ष स्टेशन से जुड़ा रहेगा, जिसके बाद इसमें निष्पादन योग्य कचरा (डिस्पोजल कार्गो) भरकर इसे स्टेशन से अलग कर दिया जाएगा और पृथ्वी के वायुमंडल में पुनः प्रवेश के दौरान यह बिना किसी नुकसान के जलकर नष्ट हो जाएगा।

अंतरिक्ष स्टेशन की कक्षा में किया गया यह बदलाव नासा के आगामी ‘स्पेसएक्स क्रू-13’ (SpaceX Crew-13) मिशन के लिए सही स्थिति (फेजिंग) तैयार करता है। क्रू-13 मिशन को 1 अक्टूबर या उसके बाद फ्लोरिडा के केप कैनावेरल स्पेस फोर्स स्टेशन के स्पेस लॉन्च कॉम्प्लेक्स-40 से स्पेसएक्स के फाल्कन-9 रॉकेट और ड्रैगन अंतरिक्ष यान के माध्यम से लॉन्च किया जाना प्रस्तावित है।

क्रू-13 मिशन के तहत नासा के अंतरिक्ष यात्री जेसिका वाटकिंस और ल्यूक डेलानी क्रमशः अंतरिक्ष यान के कमांडर और पायलट की भूमिका निभाएंगे। उनके साथ कनाडाई अंतरिक्ष एजेंसी (CSA) के अंतरिक्ष यात्री जोशुआ कुट्रिक और रूसी अंतरिक्ष एजेंसी (रोस्कोस्मोस) के कॉस्मोनॉट सर्गेई तेतेरयात्निकोव ‘मिशन स्पेशलिस्ट’ के रूप में शामिल होंगे। अंतरिक्ष की इस प्रयोगशाला में पहुंचने के बाद क्रू-13 के सदस्य अंतरिक्ष स्टेशन के ‘एक्सपेडिशन 75’ (Expedition 75) अभियान का हिस्सा बन जाएंगे।

अंतरिक्ष स्टेशन की गतिविधियों के बारे में अधिक जानकारी के लिए स्पेस स्टेशन ब्लॉग, एक्स (X) पर @space_station के साथ-साथ आईएसएस (ISS) के फेसबुक और इंस्टाग्राम अकाउंट को फॉलो किया जा सकता है।

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