राष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ियों को समयबद्ध मिले सरकारी नौकरी, नई खेल नीति जल्द बने: मुख्यमंत्री धामी
देहरादून, 2 जुलाई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खेल एवं युवा कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न सरकारी नौकरी देने की प्रक्रिया निर्धारित समय के भीतर पूरी की जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे खिलाड़ियों को प्राथमिकता के आधार पर खेल विभाग में ही नियुक्ति देने की कार्ययोजना तैयार की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की राष्ट्रीय खेल नीति-2025 के अनुरूप उत्तराखंड की नई खेल नीति तैयार की जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि उत्तराखंड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय, गोलापार (हल्द्वानी) में आगामी माह से शैक्षणिक सत्र शुरू किया जाए। इसके लिए प्रवेश प्रक्रिया, कोचों, अधिकारियों और कर्मचारियों की नियुक्ति में तेजी लाई जाए।
बैठक में मुख्यमंत्री ने ‘एक ब्लॉक-एक मिनी स्टेडियम’ योजना के तहत निर्माण कार्यों को गति देने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि 38वें राष्ट्रीय खेलों के लिए विकसित खेल अवसंरचना का बेहतर रखरखाव सुनिश्चित किया जाए तथा उसका अधिकतम उपयोग खिलाड़ियों के हित में किया जाए। महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज, देहरादून, गोलापार स्टेडियम, रुद्रपुर वेलोड्रोम, टिहरी झील तथा हरिद्वार और पिथौरागढ़ के स्टेडियमों में विकसित सुविधाओं को और अधिक उपयोगी बनाया जाए।
मुख्यमंत्री ने वर्ष 2027 में होने वाले 39वें राष्ट्रीय खेलों की तैयारियां अभी से शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभिन्न खेल विधाओं में विशेष प्रशिक्षण शिविर संचालित किए जाएं तथा खेल संघों के सहयोग से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के चयन और पहचान की प्रक्रिया तेज की जाए। राज्य सरकार का लक्ष्य आगामी राष्ट्रीय खेलों में और बेहतर प्रदर्शन कर उत्तराखंड को ‘देवभूमि’ के साथ-साथ ‘खेलभूमि’ के रूप में स्थापित करना है।
उन्होंने ‘एक जिला-एक खेल (ODOS)’ योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर देते हुए कहा कि प्रत्येक जिले में चिन्हित खेल के लिए कोचिंग, प्रतिभा खोज और प्रतियोगिताओं को बढ़ावा दिया जाए। जिला खेल छात्रावासों को संबंधित खेल की नर्सरी के रूप में विकसित किया जाए ताकि खिलाड़ियों को स्थानीय स्तर पर ही गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण मिल सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प प्रदेश के प्रत्येक खिलाड़ी तक आधुनिक खेल सुविधाएं पहुंचाना और उनकी प्रतिभा को उचित मंच प्रदान करना है। उन्होंने अधिकारियों से खिलाड़ियों की आवश्यकताओं के अनुरूप योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि अब तक 29 पदक विजेता खिलाड़ियों को सरकारी सेवा में समायोजित किया जा चुका है। ‘एक ब्लॉक-एक मिनी स्टेडियम’ योजना के तहत अब तक 48 मिनी स्टेडियम बनकर तैयार हो चुके हैं, जबकि 10 मिनी स्टेडियमों का निर्माण कार्य जारी है। अन्य प्रस्तावित स्टेडियमों के लिए भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया भी प्रगति पर है।
अधिकारियों ने यह भी जानकारी दी कि लोहाघाट में देश के पहले महिला आवासीय स्पोर्ट्स कॉलेज का निर्माण तेजी से चल रहा है। कॉलेज के संचालन के लिए 16 पद सृजित किए जा चुके हैं और प्रवेश प्रक्रिया भी जारी है।
बैठक में बताया गया कि उत्तराखंड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय, गोलापार (हल्द्वानी) में विश्वविद्यालय सभागार, केंद्रीय पुस्तकालय, स्वास्थ्य केंद्र, कैफेटेरिया, अनुसंधान केंद्र, शूटिंग रेंज, सेमिनार हॉल, बैडमिंटन हॉल, फुटबॉल और हॉकी मैदान, आठ लेन एथलेटिक्स ट्रैक सहित 39 विभिन्न खेल एवं शैक्षणिक अवसंरचना परियोजनाओं का विकास किया जा रहा है।
