Front Page

एनआईईपीवीडी देहरादून ने लुई ब्रेल की 216वीं जयंती के अवसर पर विश्व ब्रेल दिवस मनाया

सचिव (दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग) ने ‘मानक भारती ब्रेल कोड’जारी किया – जो भारत में मानकीकृत ब्रेल यूनिकोड के लिए एक व्यापक मार्गदर्शिका है

देहरादून, 4  जनवरी ।  लुई ब्रेल के दूरदर्शी विचार- अंधेरे में ब्रेल की ताकत रोशनी की किरण लाती है – से प्रेरित होकर, राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान (एनआईईपीवीडी), देहरादून ने आज उनकी 216वींजयंती के अवसर पर विश्व ब्रेल दिवस मनाया । इस कार्यक्रम का उद्देश्य ब्रेल लिपि के महत्व को उजागर करना और दृष्टिबाधित दिव्यांगजनों को सशक्त बनाने के लिए जागरूकता बढ़ाना था।

इस कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण आकर्षण ‘मानक भारती ब्रेल कोड’पुस्तक का विमोचन था, जिसे मुख्य अतिथि, श्री राजेश अग्रवाल, सचिव, दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग (डीईपीडब्ल्यूडी) ने वर्चुअल माध्यम से प्रस्तुत किया। इस कार्यक्रम में एनआईईपीवीडी के निदेशक इंजीनियर मनीष वर्मा के साथ-साथ डीईपीडब्ल्यूडी की संयुक्त सचिव श्रीमती मनमीत कौर नंदा और डेजी फोरम इंडिया के अध्यक्ष श्री दीपेंद्र मनोचा जैसे प्रतिष्ठित गणमान्य व्यक्ति वर्चुअल माध्यम से उपस्थित थे।

‘मानक भारती ब्रेल कोड’पुस्तक दृष्टिबाधित लोगों के लिए सुगम्यता और सशक्तिकरण को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम का प्रतीक है। यह भारत में मानकीकृत ब्रेल यूनिकोड के लिए एक व्यापक मार्गदर्शिका प्रदान करके ब्रेल के विकास और उपयोगिता को फिर से परिभाषित करता है।

वर्चुअल माध्यम से सभा को संबोधित करते हुए, श्री राजेश अग्रवाल ने समावेशिता और सुगमता बढ़ाने में ब्रेल लिपि के महत्व पर प्रकाश डाला। एनआईईपीवीडी के निदेशक इंजीनियर मनीष वर्मा ने दृष्टिबाधित व्यक्तियों के लिए शिक्षा और आत्मनिर्भरता की नींव के रूप में ब्रेल लिपि की भूमिका को रेखांकित किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!