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उत्तराखंड में बारिश 4 अक्टूबर नहीं छोड़ेगी पीछा, मानसून की विदाई अभी नहीं

नई दिल्ली/देहरादून, 29 सितंबर। उत्तराखंड सहित उत्तर भारत के कई हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से जारी बारिश का दौर अब कमजोर पड़ने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के 28 सितंबर को जारी पूर्वानुमान के अनुसार उत्तराखंड में 29 सितंबर से 4 अक्टूबर के बीच कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, लेकिन भारी बारिश की कोई चेतावनी नहीं है। उत्तर-पश्चिम भारत के अधिकांश हिस्सों में 30 सितंबर से मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना जताई गई है।

मौसम विभाग के अनुसार 28 सितंबर को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में कई स्थानों पर बारिश और गरज-चमक की संभावना थी। इसके बाद 29 सितंबर से बारिश का दायरा कम होने का अनुमान है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में 29 सितंबर से 2 अक्टूबर के बीच कहीं-कहीं बारिश हो सकती है, जबकि उत्तराखंड में 29 सितंबर से 4 अक्टूबर तक छिटपुट वर्षा की संभावना बनी रहेगी। विभाग की उप-मंडलवार चेतावनी में हालांकि 29 सितंबर से उत्तराखंड के लिए भारी बारिश की चेतावनी नहीं दी गई है।

उत्तराखंड के लिए यह पूर्वानुमान महत्वपूर्ण है क्योंकि बीते दिनों राज्य के अनेक हिस्सों में भारी बारिश हुई है। मौसम विभाग के अनुसार 28 सितंबर की सुबह साढ़े आठ बजे समाप्त हुए पिछले 24 घंटों में उत्तराखंड में कुछ स्थानों पर भारी वर्षा दर्ज की गई। इससे पहले 26 और 27 सितंबर के लिए राज्य में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई थी।

उत्तर भारत के मैदानी क्षेत्रों में भी मौसम अब धीरे-धीरे सामान्य होने के संकेत हैं। हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 28 से 30 सितंबर के बीच कहीं-कहीं बारिश की संभावना बताई गई थी, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में 28 से 30 सितंबर तक छिटपुट वर्षा का अनुमान था। पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पंजाब और राजस्थान के लिए 29 सितंबर के बाद किसी बड़ी मौसमी चेतावनी का उल्लेख नहीं है। 28 सितंबर को जारी विभागीय चेतावनी में 29 सितंबर से उत्तर प्रदेश, हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली और पंजाब के लिए कोई विशेष चेतावनी नहीं दिखाई गई है।

मौसम में इस बदलाव के साथ ही दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है। मौसम विभाग के 28 सितंबर के बुलेटिन के मुताबिक मानसून की वापसी की रेखा गुरदासपुर, चंडीगढ़, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, धौलपुर, उदयपुर, डीसा और नलिया से होकर गुजर रही थी। इसका अर्थ है कि उत्तर-पश्चिम भारत के बड़े हिस्से से मानसून की वापसी की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, हालांकि उत्तराखंड सहित हिमालयी क्षेत्रों में स्थानीय मौसमी परिस्थितियों के कारण छिटपुट वर्षा आगे भी हो सकती है।
उत्तराखंड में हाल की बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के बाद तापमान में गिरावट आई है। ऐसे में भारी बारिश की चेतावनी समाप्त होना राहत का संकेत है, लेकिन पर्वतीय क्षेत्रों में पहले से भीगी ढलानों, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और अवरुद्ध अथवा संवेदनशील सड़कों पर सावधानी अभी भी जरूरी होगी। खासकर चारधाम और ऊंचे हिमालयी क्षेत्रों की यात्रा करने वालों को स्थानीय मौसम तथा प्रशासन की ताजा सूचनाओं पर नजर रखने की जरूरत है।
कुल मिलाकर मौसम विभाग का पूर्वानुमान उत्तर भारत के लिए बारिश के मौजूदा दौर के कमजोर पड़ने का संकेत देता है। उत्तराखंड में 29 सितंबर से 4 अक्टूबर तक छिटपुट बारिश की गुंजाइश बनी रहेगी, लेकिन फिलहाल भारी बारिश की चेतावनी नहीं है, जबकि 30 सितंबर से उत्तर-पश्चिम भारत के अधिकांश हिस्सों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना है।

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