उत्तराखंड के दूरस्थ इलाकों में यूसर्क द्वारा विज्ञान शिक्षा का प्रचार-प्रसार

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देहरादून, 13 जून ( उहि)। उत्तराखंड विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान केंद्र (यूसर्क) द्वारा नेशनल सेंटर फॉर मैथमेटिक्स के सहयोग से सोमवार को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, न्यू टिहरी में 13 दिवसीय इंस्ट्रक्शनल स्कूल फॉर टीचर्स (आई एस टी) कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन करते हुए यूसर्क के वैज्ञानिक एवं कार्यक्रम के संयोजक डॉ राजेंद्र सिंह राणा ने बताया कि यूसर्क की निदेशिका प्रोफेसर अनीता रावत के निर्देशन में यूसर्क द्वारा राज्य के दूरस्थ इलाकों में विज्ञान शिक्षा के प्रचार-प्रसार हेतु विभिन्न कार्यक्रमों का समय-समय पर आयोजन

किया जा रहा है ।
राणा ने बताया कि इसी श्रंखला को आगे बढ़ाते हुए यह आई एस टी कार्यक्रम 13 से 26 जून तक ‘‘कॉन्प्लेक्स एनालिसिस फ्रॉम ए ज्योमैट्रिक पॉइंट ऑफ व्यू‘‘ विषय पर आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विश्वविद्यालयों एवं विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों में गणितीय प्रतिभा का विकास करना है। इस कार्यक्रम में 10 राज्यों के अलग-अलग विश्वविद्यालयों से गणितीय शिक्षकों एवं शोधार्थियों द्वारा प्रतिभाग किया जा रहा है।


कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में यूसर्क के वैज्ञानिक डॉ ओम प्रकाश नौटियाल द्वारा राज्य भर में यूसर्क द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान से संबंधित कार्यक्रमों की जानकारी प्रतिभागियों को प्रदान की तथा सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया गया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि के तौर पर प्रतिभाग करते हुए डाइट न्यू टिहरी के प्राचार्य श्री राजेंद्र प्रसाद डंडरियाल द्वारा यूसर्क के कार्यों की सराहना की गयी तथा भविष्य में विज्ञान विषयों पर विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम राज्य के विद्यालय के शिक्षको हेतु आयोजित करने की बात कही। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड रिसर्च, मोहाली के गणित विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ कृष्णेन्दु गंगोपाध्याय द्वारा देशभर में एनसीएम द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न प्रकार के गणित विषय से संबंधित एटीएम स्कूलों के बारे में प्रतिभागियों को अवगत कराया गया ।

उद्घाटन सत्र का समापन डाइट के प्रवक्ता डॉ वीर सिंह रावत द्वारा सभी का धन्यवाद देकर किया गया। तकनीकी सत्र के प्रथम दिवस में द्वाराहाट पीजी कॉलेज के डॉ नरेंद्र कुमार सिंह द्वारा शिक्षकों को यह बताने की कोशिश की किस तरह से कोई भी नया चौप्टर शुरू करना चाहिए। गणित विषय को ऐतिहासिक विकास के साथ समझाना बेहतर रहेगा इससे बच्चों की समझ विकसित होती है और उन्हें विषय में रुचि आने लगती है। कंपलेक्स एनालिसिस कैसे शुरू करना चाहिए इस पर काफी विस्तार से बातचीत की गई एवं इसकी बारीकियों से प्रतिभागियों को अवगत कराया गया।


उक्त 13 दिवसीय कार्यक्रम के आज प्रथम दिवस में मुख्य रूप से डॉ अभिषेक मुखर्जी, डॉ प्रियंका सेंगल, डॉ सूरज पाल सिंह, डॉ बनारसी लाल डॉ सरफराज आलम, डॉ देवकांता, डॉ सोनिका सिंह, डॉ बालेंद्र प्रताप सिंह, रमनप्रीत कौर, निधि गालियान, सुखविंदर रावत सहित विभिन्न राज्यों से आए 35 प्रतिभागियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।

उत्तराखंड के दूरस्थ इलाकों में यूसर्क द्वारा विज्ञान शिक्षा के प्रचार-प्रसार
देहरादून, 13 जून ( उहि)। उत्तराखंड विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान केंद्र (यूसर्क) द्वारा नेशनल सेंटर फॉर मैथमेटिक्स के सहयोग से सोमवार को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, न्यू टिहरी में 13 दिवसीय इंस्ट्रक्शनल स्कूल फॉर टीचर्स (आई एस टी) कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन करते हुए यूसर्क के वैज्ञानिक एवं कार्यक्रम के संयोजक डॉ राजेंद्र सिंह राणा ने बताया कि यूसर्क की निदेशिका प्रोफेसर अनीता रावत के निर्देशन में यूसर्क द्वारा राज्य के दूरस्थ इलाकों में विज्ञान शिक्षा के प्रचार-प्रसार हेतु विभिन्न कार्यक्रमों का समय-समय पर आयोजन किया जा रहा है ।

राणा ने बताया कि इसी श्रंखला को आगे बढ़ाते हुए यह आई एस टी कार्यक्रम 13 से 26 जून तक ‘‘कॉन्प्लेक्स एनालिसिस फ्रॉम ए ज्योमैट्रिक पॉइंट ऑफ व्यू‘‘ विषय पर आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विश्वविद्यालयों एवं विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों में गणितीय प्रतिभा का विकास करना है। इस कार्यक्रम में 10 राज्यों के अलग-अलग विश्वविद्यालयों से गणितीय शिक्षकों एवं शोधार्थियों द्वारा प्रतिभाग किया जा रहा है।

कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में यूसर्क के वैज्ञानिक डॉ ओम प्रकाश नौटियाल द्वारा राज्य भर में यूसर्क द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान से संबंधित कार्यक्रमों की जानकारी प्रतिभागियों को प्रदान की तथा सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया गया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि के तौर पर प्रतिभाग करते हुए डाइट न्यू टिहरी के प्राचार्य श्री राजेंद्र प्रसाद डंडरियाल द्वारा यूसर्क के कार्यों की सराहना की गयी तथा भविष्य में विज्ञान विषयों पर विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम राज्य के विद्यालय के शिक्षको हेतु आयोजित करने की बात कही। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड रिसर्च, मोहाली के गणित विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ कृष्णेन्दु गंगोपाध्याय द्वारा देशभर में एनसीएम द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न प्रकार के गणित विषय से संबंधित एटीएम स्कूलों के बारे में प्रतिभागियों को अवगत कराया गया ।

उद्घाटन सत्र का समापन डाइट के प्रवक्ता डॉ वीर सिंह रावत द्वारा सभी का धन्यवाद देकर किया गया। तकनीकी सत्र के प्रथम दिवस में द्वाराहाट पीजी कॉलेज के डॉ नरेंद्र कुमार सिंह द्वारा शिक्षकों को यह बताने की कोशिश की किस तरह से कोई भी नया चौप्टर शुरू करना चाहिए। गणित विषय को ऐतिहासिक विकास के साथ समझाना बेहतर रहेगा इससे बच्चों की समझ विकसित होती है और उन्हें विषय में रुचि आने लगती है। कंपलेक्स एनालिसिस कैसे शुरू करना चाहिए इस पर काफी विस्तार से बातचीत की गई एवं इसकी बारीकियों से प्रतिभागियों को अवगत कराया गया।
उक्त 13 दिवसीय कार्यक्रम के आज प्रथम दिवस में मुख्य रूप से डॉ अभिषेक मुखर्जी, डॉ प्रियंका सेंगल, डॉ सूरज पाल सिंह, डॉ बनारसी लाल डॉ सरफराज आलम, डॉ देवकांता, डॉ सोनिका सिंह, डॉ बालेंद्र प्रताप सिंह, रमनप्रीत कौर, निधि गालियान, सुखविंदर रावत सहित विभिन्न राज्यों से आए 35 प्रतिभागियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।

 

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