रावण वध और राम राज्याभिषेक के साथ कामधेनु रामलीला का समापन
गौचर, 22 अक्टूबर (गुसाईं)। लोक कल्याण सेवा समिति की ओर से गौचर के मेला मंच पर पिछले 11 दिनों से आयोजित कामधेनु रामलीला का रावण वध और भगवान राम के राज्याभिषेक के साथ समापन हो गया। रामलीला में स्थानीय कलाकारों के साथ महिला संगठनों और कीर्तन मंडलियों की महिलाओं ने भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर दर्शकों की सराहना प्राप्त की।
लोक कल्याण सेवा समिति ने गत वर्ष की भांति इस वर्ष भी गौचर के मेला मंच पर कामधेनु रामलीला का आयोजन किया। रामलीला के दौरान विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं और सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों को सम्मानित भी किया गया। बृहस्पतिवार को भगवान राम के राज्याभिषेक के मंचन के साथ 11 दिवसीय आयोजन संपन्न हुआ।
रामलीला के आठवें दिन कुंभकर्ण वध के मंचन के अवसर पर केदारनाथ विधायक लखपत बुटोला, कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष मुकेश नेगी, अजय किशोर भंडारी, भारती श्रमजीवी पत्रकार संघ के प्रदेश अध्यक्ष चन्द्रवीर गायत्री, श्रीनगर के व्यापारी संदीप पंवार और पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष लक्ष्मण रावत सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
समिति के अध्यक्ष सुनील पंवार ने बताया कि पिछले वर्ष के अनुभवों को ध्यान में रखते हुए इस बार आयोजन को और बेहतर बनाने का प्रयास किया गया। रामलीला की तैयारियां चार महीने पहले ही शुरू कर दी गई थीं। पहले चरण में पात्रों के चयन के लिए ऑडिशन आयोजित किए गए, दूसरे चरण में कलाकारों को अभिनय का अभ्यास कराया गया और तीसरे चरण में रामलीला का मंचन किया गया। उन्होंने बताया कि पात्रों का चयन स्थानीयता के बजाय उनकी अभिनय क्षमता और ऑडिशन में प्रदर्शन के आधार पर किया गया।
रामलीला में दीपक कनवासी ने भगवान राम, गगन चौहान ने लक्ष्मण, शुभम असवाल ने कुंभकर्ण, महावीर रावत ने हनुमान, भरत नेगी ने रावण, विनोद खंडूड़ी ने विभीषण और जगमोहन रावत ने मेघनाद की भूमिका निभाई। कलाकारों के अभिनय को दर्शकों ने खूब सराहा।
रामलीला के सफल आयोजन में समिति के अध्यक्ष सुनील पंवार, उपाध्यक्ष अर्जुन नेगी, सचिव खुशाल सिंह नेगी, कोषाध्यक्ष मंजू देवी और मीडिया प्रभारी गोविंद सिंह बिष्ट सहित समिति के अन्य सदस्यों का विशेष योगदान रहा।


