भारत में पिछले साल 1.68 लाख लोग सड़क दुर्घटनाओं में मरे : मोबाइल फोन भी सड़क हादसों का कारण प्रमुख
As per the available reports, road accidents occur due to multiple causes such as speeding, use of mobile phones, drunken driving/consumption of alcohol and drug, driving on the wrong side/ lane indiscipline, jumping red light, non-use of safety devices such as helmets and seat belts, vehicular condition, weather condition, road condition, fault of driver/cyclist/ pedestrian, etc. The report titled ‘Road accidents in India -2022’ reported an 11.9% year-on-year alarming rise in accidents and a 9.4% increase in fatalities. There was a 15.3% surge in the number of people getting injured in 2022 against the previous year.

By Usha Rawat
देहरादून, 8 दिसंबर ।भारत में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या निरंतर बढ़ती जा रही है जिनमे मौतों की संख्या भी बढ़ रही है। पिछले ही साल देश में 4,61,312 सड़क दुर्घटनाएं हुईं जिनमे 1,68,491 लोग मारे गए। तेज गति से गाड़ी चलाना और मोबाइल फोन का उपयोग भी सड़क हादसों के कारण हैं।
यह जानकारी केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2020 में 3,72,181, वर्ष 2021 में 4,12,432 और वर्ष 2022 में 4,61,312 सड़क दुर्घटनाएं हुईं। इन दुर्घटनाओं में वर्ष 2020 में 1,38,383, वर्ष 2021 में 1,53,972 और वर्ष 2022 में 1,68,491 लोग सड़क दुर्घटनाओं में मारे गए। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, देश में 31 मार्च 2019 तक लगभग 63,31,791 किलोमीटर का सड़क नेटवर्क है, जो दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा सड़क नेटवर्क है। यह मंत्रालय मुख्य रूप से राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास और रखरखाव के लिए जिम्मेदार है। देश में राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क मार्च, 2014 में लगभग 91,287 किमी था जो बढ़कर वर्तमान में लगभग 1,46,145 किमी हो गया है।
उन्होंने बताया कि उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, सड़क दुर्घटनाएँ कई कारणों से होती हैं जैसे तेज गति से गाड़ी चलाना, मोबाइल फोन का उपयोग, नशे में गाड़ी चलाना/शराब और नशीली दवाओं का सेवन, गलत साइड/लेन पर अनुशासनहीनता से गाड़ी चलाना, लाल बत्ती तोड़ना, हेलमेट और सीट बेल्ट जैसे सुरक्षा उपकरणों का उपयोग न करना, वाहन की स्थिति, मौसम की स्थिति, सड़क की स्थिति, चालक/साइकिल चालक/पैदल यात्री की गलती आदि।
राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुरक्षा सहित सड़क सुरक्षा के लिए मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम, 2019 के तहत किए गए कुछ प्रमुख प्रावधान इस प्रकार हैं:-
- यातायात नियमों के उल्लंघन पर जुर्माना बढ़ाया गया।
- तेज गति से गाड़ी चलाने, खतरनाक ढंग से गाड़ी चलाने, नशे में गाड़ी चलाने, असुरक्षित वाहनों का उपयोग करने, हेलमेट न पहनने आदि के मामले में लाइसेंस जब्त करना और निलंबित करना।
- लाइसेंस के निलंबन की स्थिति में उपचारात्मक उपाय के रूप में ड्राइवर रिफ्रेशिंग प्रशिक्षण पाठ्यक्रम।
- फिटनेस प्रमाणन के लिए स्वचालित परीक्षण।
- सड़क सुरक्षा और यातायात प्रबंधन पर सलाह देने के लिए राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा बोर्ड का गठन।
- सड़क सुरक्षा की इलेक्ट्रॉनिक निगरानी और प्रवर्तन।
- खराबी की स्थिति में मोटर वाहनों को वापस लेना।
- राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात चिह्न लगाने और हटाने के लिए सड़क स्वामित्व एजेंसियों को शक्ति।
- मोटरसाइकिल पर चार वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्ति के लिए सुरक्षात्मक हेडगियर पहनना।
- लागू सुरक्षा मानकों के अनुसार सड़क के डिजाइन, निर्माण या रखरखाव में शामिल प्राधिकारी, ठेकेदार, सलाहकार या रियायतग्राही की जवाबदेही।
मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम, 2019 की धारा 215बी में सड़क सुरक्षा और यातायात प्रबंधन से संबंधित सभी पहलुओं पर केंद्र सरकार या राज्य सरकार को सलाह देने के लिए राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा बोर्ड के गठन का प्रावधान है, लेकिन यह इन्हीं तक सीमित नहीं है,
i. मोटर वाहनों और सुरक्षा उपकरणों के डिजाइन, वजन, निर्माण, विनिर्माण प्रक्रिया, संचालन और रखरखाव के मानक;
ii. मोटर वाहनों का पंजीकरण और लाइसेंसिंग;
iii. सड़क सुरक्षा, सड़क अवसंरचना और यातायात नियंत्रण के लिए मानकों का निर्माण;
iv. सड़क परिवहन इकोसिस्टम के सुरक्षित और टिकाऊ उपयोग की सुविधा;
v. नई वाहन प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देना;
vi. असुरक्षित सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा;
vii. ड्राइवरों और अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं को शिक्षित और संवेदनशील बनाने के लिए कार्यक्रम; और
viii. ऐसे अन्य कार्य जो समय-समय पर केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित किए जा सकते हैं।
इसके अनुसार, मंत्रालय ने 3 सितंबर, 2021 को नियमों के साथ राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा बोर्ड के गठन को अधिसूचित किया है।
अनुलग्नक – I
राज्य/केंद्र शासित प्रदेश के अनुसार सड़क दुर्घटनाओं की कुल संख्या:-
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क्र.सं. |
राज्य/केंद्र शासित प्रदेश | 2020 | 2021 | 2022 |
| 1 | आंध्र प्रदेश | 19509 | 21556 | 21249 |
| 2 | अरुणाचल प्रदेश | 134 | 283 | 227 |
| 3 | असम | 6595 | 7411 | 7023 |
| 4 | बिहार | 8639 | 9553 | 10801 |
| 5 | छत्तीसगढ | 11656 | 12375 | 13279 |
| 6 | गोवा | 2375 | 2849 | 3011 |
| 7 | गुजरात | 13398 | 15186 | 15751 |
| 8 | हरियाणा | 9431 | 9933 | 10429 |
| 9 | हिमाचल प्रदेश | 2239 | 2404 | 2597 |
| 10 | झारखंड | 4405 | 4728 | 5175 |
| 11 | कर्नाटक | 34178 | 34647 | 39762 |
| 12 | केरल | 27877 | 33296 | 43910 |
| 13 | मध्य प्रदेश | 45266 | 48877 | 54432 |
| 14 | महाराष्ट्र | 24971 | 29477 | 33383 |
| 15 | मणिपुर | 432 | 366 | 508 |
| 16 | मेघालय | 214 | 245 | 246 |
| 17 | मिजोरम | 53 | 69 | 133 |
| 18 | नागालैंड | 500 | 746 | 489 |
| 19 | ओडिशा | 9817 | 10983 | 11663 |
| 20 | पंजाब | 5203 | 5871 | 6138 |
| 21 | राजस्थान | 19114 | 20951 | 23614 |
| 22 | सिक्किम | 138 | 155 | 211 |
| 23 | तमिल नाडु | 49844 | 55682 | 64105 |
| 24 | तेलंगाना | 19172 | 21315 | 21619 |
| 25 | त्रिपुरा | 466 | 479 | 575 |
| 26 | उत्तराखंड | 1041 | 1405 | 1674 |
| 27 | उत्तर प्रदेश | 34243 | 37729 | 41746 |
| 28 | पश्चिम बंगाल | 10863 | 11937 | 13686 |
| 29 | अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह | 141 | 115 | 141 |
| 30 | चंडीगढ़ | 159 | 208 | 237 |
| 31 | दादरा एवं नगर हवेली | 100 | 140 | 196 |
| 32 | दमन एवं दीव | $ | $ | $ |
| 33 | दिल्ली | 4178 | 4720 | 5652 |
| 34 | जम्मू एवं कश्मीर | 4860 | 5452 | 6092 |
| 35 | लदाख | NA | 236 | 374 |
| 36 | लक्षद्वीप | 1 | 4 | 3 |
| 37 | पुदुचेरी | 969 | 1049 | 1181 |
| कुल | 372181 | 412432 | 461312 | |
अनुलग्नक – II
राज्य/केंद्र शासित प्रदेश के अनुसार, सड़क दुर्घटना में होने वाली मौतों की कुल संख्या-
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क्र.सं. |
राज्य/केंद्र शासित प्रदेश | 2020 | 2021 | 2022 |
| 1 | आंध्र प्रदेश | 7039 | 8186 | 8293 |
| 2 | अरुणाचल प्रदेश | 73 | 157 | 148 |
| 3 | असम | 2629 | 3036 | 2994 |
| 4 | बिहार | 6699 | 7660 | 8898 |
| 5 | छत्तीसगढ | 4606 | 5371 | 5834 |
| 6 | गोवा | 223 | 226 | 271 |
| 7 | गुजरात | 6170 | 7452 | 7618 |
| 8 | हरियाणा | 4507 | 4706 | 4915 |
| 9 | हिमाचल प्रदेश | 893 | 1052 | 1032 |
| 10 | झारखंड | 3044 | 3513 | 3898 |
| 11 | कर्नाटक | 9760 | 10038 | 11702 |
| 12 | केरल | 2979 | 3429 | 4317 |
| 13 | मध्य प्रदेश | 11141 | 12057 | 13427 |
| 14 | महाराष्ट्र | 11569 | 13528 | 15224 |
| 15 | मणिपुर | 127 | 110 | 127 |
| 16 | मेघालय | 144 | 187 | 162 |
| 17 | मिजोरम | 42 | 56 | 113 |
| 18 | नागालैंड | 53 | 55 | 73 |
| 19 | ओडिशा | 4738 | 5081 | 5467 |
| 20 | पंजाब | 3898 | 4589 | 4756 |
| 21 | राजस्थान | 9250 | 10043 | 11104 |
| 22 | सिक्किम | 47 | 56 | 92 |
| 23 | तमिल नाडु | 14527 | 15384 | 17884 |
| 24 | तेलंगाना | 6882 | 7557 | 7559 |
| 25 | त्रिपुरा | 192 | 194 | 241 |
| 26 | उत्तराखंड | 674 | 820 | 1042 |
| 27 | उत्तर प्रदेश | 19149 | 21227 | 22595 |
| 28 | पश्चिम बंगाल | 5128 | 5800 | 6002 |
| 29 | अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह | 14 | 20 | 19 |
| 30 | चंडीगढ़ | 53 | 96 | 83 |
| 31 | दादरा एवं नगर हवेली | 64 | 76 | 90 |
| 32 | दमन एवं दीव | $ | $ | $ |
| 33 | दिल्ली | 1196 | 1239 | 1461 |
| 34 | जम्मू एवं कश्मीर | 728 | 774 | 805 |
| 35 | लदाख | NA | 56 | 62 |
| 36 | लक्षद्वीप | 0 | 1 | 2 |
| 37 | पुदुचेरी | 145 | 140 | 181 |
| कुल | 138383 | 153972 | 168491 | |
