शिक्षक प्रशिक्षण में डिजिटल नवाचार के लिए एससीईआरटी उत्तराखंड को स्कॉच गोल्ड अवार्ड
देहरादून/नई दिल्ली, 26 सितम्बर। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी), उत्तराखंड को शिक्षक प्रशिक्षण में तकनीक और डिजिटल नवाचार के प्रभावी उपयोग के लिए प्रतिष्ठित स्कॉच गोल्ड अवार्ड-2026 से सम्मानित किया गया है। नई दिल्ली के इंडिया हैबिटेट सेंटर में आयोजित 109वें स्कॉच समिट में निदेशक अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण बंदना गर्ब्याल ने यह पुरस्कार ग्रहण किया। इस दौरान आईटी विभाग के कोर्स कोऑर्डिनेटर एवं आईटी फैकल्टी रमेश प्रसाद बडोनी भी मौजूद रहे।
एससीईआरटी को यह सम्मान उसकी ‘आईसीटी मूक्स वाया ई-सृजन’ पहल के लिए मिला है। इसके माध्यम से प्रदेश के करीब 49 हजार शिक्षक प्रशिक्षण से जुड़े, जिनमें 47 हजार से अधिक को प्रमाणित किया गया। कार्यक्रम में लगभग 95 प्रतिशत पाठ्यक्रम पूर्णता और 97 प्रतिशत विद्यालय कवरेज हासिल करने का दावा किया गया है। मोबाइल अनुकूल और कम लागत वाले इस प्रशिक्षण मॉडल में चैटबॉट, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित संवाद और वास्तविक समय निगरानी का उपयोग किया गया। इसके जरिए शिक्षकों के सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता कौशल के साथ पाठ योजना, मूल्यांकन और डिजिटल शिक्षण सामग्री तैयार करने की क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया गया।
एससीईआरटी के अनुसार यह परियोजना निर्णायक मंडल और मूल्यांकन के विभिन्न चरणों से गुजरते हुए सेमीफाइनल में शीर्ष तीन में शामिल हुई और अंततः गोल्ड अवार्ड के लिए चुनी गई। इससे पहले परिषद की कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं सूचना प्रौद्योगिकी आधारित शिक्षक प्रशिक्षण पहल को एआई फॉर एजुकेशन अवार्ड्स-2026 में वैश्विक स्तर पर शीर्ष छह फाइनलिस्ट में स्थान मिला था।
शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, सचिव विद्यालयी शिक्षा ज्योति यादव और महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा आकांक्षा कोंडे ने इस उपलब्धि पर एससीईआरटी की निदेशक अकादमिक, आईटी विभाग और पूरी टीम को बधाई दी। निदेशक अकादमिक बंदना गर्ब्याल ने पुरस्कार को एससीईआरटी, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों, तकनीकी टीम और प्रदेश के शिक्षक समुदाय के सामूहिक प्रयासों को समर्पित किया।
एससीईआरटी अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित शिक्षण, मूक 3.0, दीक्षा तथा मिशन कर्मयोगी-आईगॉट के एकीकरण के माध्यम से इस प्रशिक्षण मॉडल का और विस्तार करने की तैयारी कर रहा है।
