गौचर में विज्ञान महोत्सव का आयोजन, 327 बाल वैज्ञानिकों ने दिखाई प्रतिभा
गौचर, 23 अक्टूबर (गुसाईं)। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज गौचर में डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम विज्ञान महोत्सव का आयोजन किया गया। जिला विज्ञान समन्वयक गंभीर सिंह असवाल के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में आयोजित इस महोत्सव में चमोली जिले के विभिन्न विकासखंडों से चयनित 327 बाल वैज्ञानिकों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। महोत्सव का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नवाचार, रचनात्मकता और अनुसंधान की प्रवृत्ति को बढ़ावा देना है।
महोत्सव का शुभारंभ मुख्य शिक्षा अधिकारी चमोली एवं डायट के प्राचार्य आकाश सारस्वत, नगर पालिका सभासद पूनम रावत, जिला विज्ञान समन्वयक गंभीर सिंह असवाल, विद्यालय की प्रधानाचार्य डॉ. सुमन ध्यानी शर्मा, खड़क सिंह बिष्ट, डॉ. जगदीश कंडवाल और राजकीय शिक्षक संघ के जिला मंत्री वीरेंद्र सिंह नेगी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
जिला विज्ञान समन्वयक गंभीर सिंह असवाल ने बताया कि विज्ञान महोत्सव विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने की महत्वपूर्ण शैक्षिक पहल है। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना इसका प्रमुख उद्देश्य है। महोत्सव के माध्यम से विद्यार्थियों को विज्ञान, गणित और प्रौद्योगिकी की उपयोगिता से परिचित कराने के साथ ही दैनिक जीवन की समस्याओं के वैज्ञानिक समाधान खोजने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
उन्होंने बताया कि महोत्सव के अंतर्गत बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी और विज्ञान नाट्य प्रतियोगिता आयोजित की गई। इनमें विकासखंड स्तर की प्रतियोगिताओं में प्रथम और द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले 327 बाल वैज्ञानिकों ने प्रतिभाग किया। जिला स्तरीय प्रतियोगिता में प्रथम और द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागी राज्य स्तरीय विज्ञान महोत्सव में हिस्सा लेंगे।
मुख्य शिक्षा अधिकारी आकाश सारस्वत ने कहा कि विज्ञान महोत्सव केवल प्रतियोगिता का मंच नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में जिज्ञासा, तर्कशक्ति और प्रयोगात्मक सोच विकसित करने का अवसर भी है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को प्रश्न पूछने, अवलोकन करने, प्रयोगों के आधार पर निष्कर्ष निकालने और वैज्ञानिक तथ्यों को समझने के लिए प्रेरित किया जाता है। उन्होंने कहा कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी का उपयोग समाज के विकास तथा उपलब्ध संसाधनों के विवेकपूर्ण इस्तेमाल के लिए किया जाना चाहिए। उन्होंने प्रतियोगिताओं के मूल्यांकन में पारदर्शिता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया।
महोत्सव में बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी का मुख्य विषय ‘सतत एवं विकसित भारत के लिए विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार’ रखा गया। इसके अंतर्गत सात उपविषयों पर जूनियर वर्ग में कक्षा छह से आठ तथा सीनियर वर्ग में कक्षा नौ से बारह तक के छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया।
विद्यालय की प्रधानाचार्य डॉ. सुमन ध्यानी शर्मा ने अतिथियों, शिक्षकों और प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए बाल वैज्ञानिकों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विद्यार्थियों से वैज्ञानिक सोच को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने और नई खोजों के प्रति जिज्ञासु बने रहने का आह्वान किया।

