वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष और रक्षा अनुप्रयोगों के लिए उपयोगी उच्च-प्रदर्शन वाला ट्रांजिस्टर मॉडल व सर्किट तैयार किए

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भारतीय अनुसंधानकर्ताओं ने एल्युमिनियम गैलियम नाइट्राइड (एएलजीएएन/जीएएन) हाई इलेक्ट्रॉन मोबिलिटी ट्रांजिस्टर (एचईएमटीएस) के लिए सरल डिजाइन प्रक्रियाओं के साथ एक उच्च प्रदर्शन उद्योगमानक मॉडल विकसित किया है, जिसका उपयोग उसके हाई ब्रेकडाउन वोल्टेज के कारण हाई पावर रेडियो फ्रीक्वेंसी (आरएफ) सर्किट बनाने के लिए किया जा सकता है।

चित्र: उद्योग-मानक एएसएम-एचईएमटी मॉडल के समकक्ष एक छोटा-सिग्नल

रेडियो फ्रीक्वेंसी सर्किट में एम्पलीफायर और स्विच शामिल हैं, जिनका उपयोग वायरलेस ट्रांसमिशन में किया जाता है और ये अंतरिक्ष तथा रक्षा अनुप्रयोगों में उपयोगी होते हैं।चूंकि एएलजीएएन/जीएएन एचईएमटीएस सॉलिडस्टेट माइक्रोवेव सर्किट के पावर लेवल को पांच से दस के फैक्टर तक बढ़ा सकते हैं, जिसके परिणामस्वरूप पूरी चिप साइज और लागत में उल्लेखनीय कमी आती है, इसलिए विकसित मानक सर्किट और उच्च आवृत्ति संकेतों को प्रसारित करने के लिए उपकरण बनाने की लागत को काफी कम कर सकता है ।

प्रौद्योगिकी अपने उच्च प्रदर्शन और दक्षता के कारण तेजी से लोकप्रिय बन रही है। इसमें दो उत्कृष्ट गुण हैं – उच्च गतिशीलता और उच्च शक्ति प्रदर्शन। ये गुणों के चलते निम्न ध्वनि विस्तारक (एलएनए) डिजाइन करते समय आवाज व जटिलता को कम करने में किया जाता है। एलएनएस का उपयोग मोबाइल फोन, बेस स्टेशनों जैसे वायरलेस ट्रांसमिशन में साध्य बैंडविड्थ बढ़ाते समय किया जाता है।

5जी, रडार, बेस स्टेशन, उपग्रह संचार आदि जैसे हाई-फ्रीक्वेंसी और हाई-पावर के एप्लीकेशंस के लिए एएलजीएएन/जीएएन एचईएमटीएस पसंदीदा प्रौद्योगिकी बन गए हैं। वाइडबैंड पावर एम्पलीफायरों को डिजाइन करने के लिए, पूर्ण रूप से मजबूत और सटीक भौतिकी-आधारित रेडियो फ्रीक्वेंसी (आरएफ) ) एएलजीएएन/जीएएन एचईएमटी मॉडल का विशेष महत्व है।मौजूदा कार्य में, आईआईटी, कानपुर में प्रो. योगेश सिंह चौहान के नेतृत्व में टीम ने एएलजीएन/जीएएन एचईएमटीएस लिए एक भौतिकी-आधारित कॉम्पैक्ट मॉडल और एडवांस्ड स्पाइस मॉडल फॉर जीएएन-एचईएमटीएस (एएसएम-एचईएमटी) का विकास व मानकीकरण किया है। सर्किट डिजाइन के लिए विकसित मानक मॉडल उच्च-प्रदर्शन आरएफ सर्किट के लिए डिजाइन प्रक्रिया को सरल बना देता है और डिजाइन प्रयासों को स्वचालित करने में मदद करता है, साथ ही विकास की पूरी लागत में कमी लाता है। इसके अलावा, यह सर्किट डिजाइन में एएलजीएएन/जीएएन एचईएमटी के व्यवहार का सटीक अनुमान लगा सकता है।

मॉडल के विकास में उच्च आवृत्ति विशेषताओं सहित इलेक्ट्रॉनिक विशेषताओं जैसे करंट, सेमीकंडक्टर उपकरणों की धारिता को मापने के लिए उपयोग किए जाने वाले सेटअप में एकीकृत अत्याधुनिक निरूपण व्यवस्था का उपयोग करके एएलजीएएन/जीएएन एचईएमटीएस का निरूपण करना शामिल है।

यह सेटअप (इसमें एक कीसाइट बी1500 सेमीकंडक्टर डिवाइस एनैलाइजर, एक एमएमसीएडी पीआईवी सिस्टम, मौरी माइक्रोवेव्स का एक पैसिव लोडपुल सिस्टम, एक कीसाइट बी 1505 पावर डिवाइस एनैलाइजर, सभी एक फॉर्मफैक्टर प्रोब स्टेशन का उपयोग करके जुड़े हुए होते हैं) विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग की योजनाएं ’विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी अवसंरचना विकास निधि (एफआईएसटी)’ और प्रौद्योगिकी विकास कार्यक्रम (टीडीपी) द्वारा आंशिक रूप से समर्थित था एफआईएसटी और टीडीपी द्वारा वित्त पोषित माप सुविधा का उपयोग व्यापक रूप से इसरो, डीआरडीओ और अन्य कंपनियों द्वारा उच्च आवृत्ति अनुप्रयोगों के लिए अर्धचालक उपकरणों की विशेषता चिन्हित करने के लिए किया जा रहा है। प्रो. चौहान की टीम परीक्षण के तहत उपकरणों के करंट यानी विद्युत प्रवाह, धारिता और आरएफ विशेषताओं को मापती है और प्रदत्त प्रौद्योगिकी के लिए एएसएम-एचईएमटी मॉडल के मापदंडों का सार जानने के लिए पैरामीटर निष्कर्षण उपकरण का उपयोग करती है। एक बार जब मॉडल व्यवहार मापी गई विशेषताओं से तकरीबन मेल खाता है, तो मॉडल को व्यावहारिक अनुप्रयोगों के लिए मान्य समझा जाता है।

टीम एक साथ सर्किट डिजाइन पर काम कर रही है और बाजार में सबसे कम रिपोर्ट किए गए शोर आंकड़ों में से एक के साथ एक अत्याधुनिक वाणिज्यिक जीएएएस आधारित एलएनए सौंपा गया है। जारी प्रयासों में एलएनए और पीए डिजाइन शामिल हैं जो एएलजीएएन/जीएएन सामग्री प्रणाली पर आधारित हैं।

प्रकाशन और पेटेंट विवरण:

आर.आर. मलिक, एम.ए. मीर, जेड. भट, ए.यू.एच.पम्पोरी, वाई.एस. चौहान, और एस.ए. एहसान, ’मॉडलिंग एंड एनालिसिस ऑफ डबल चैनल जीएएन एचईएमटीएस का उपयोग करते हुए भौतिकी आधारित एक एनालिटिकल मॉडल’, आईईईई जर्नल ऑफ द इलेक्ट्रॉन डिवाइसेज सोसाइटी, वॉल्यूम 9, पीपी. 789 – 797, सितंबर 2021।

आवृत्ति आधारित व्यवहार (पेटेंट दाखिल) की क्षतिपूर्ति करने के लिए एक पावर एम्पलीफायर एमएमआईसी डिजाइन।

अधिक जानकारी के लिए कृपया प्रोफेसर योगेश सिंह चौहान(chauhan@iitk.ac.in) से संपर्क करें।

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