ज्योतिष्पीठ एवं शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद स्वरस्वती ब्रह्मलीन हो गए, शंकराचार्य जी का एक पुराना सन्देश भी पढ़िए

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—उषा रावत —

देहरादून, 4  सितम्बर। ज्योतिष्पीठ एवं शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद स्वरस्वती 99 साल की उम्र में आज ब्रह्मलीन हो गए।  स्वामी जी एक साथ दो सर्वोच्च धार्मिक पीठों के पीठाधीस्वर थे. वह ऐसे सन्याशी थे जो कि स्वाधीनता सेनानी भी रहे. स्वामी जी  बद्रिकाश्रम के भी पीठधीश्वर होने इसलिए उनके ब्रह्मलीन होने का समाचार आने पर  उत्तराखंड में भी शोक की लहर  फ़ैल गयी। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सनातन धर्म के ध्वजवाहक पूज्य शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी के देहावसान पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने ईश्वर से पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने की प्रार्थना की है। उन्होंने कहा कि स्वामी जी का निधन संत समाज के साथ ही पूरे राष्ट्र के लिए एक अपूरणीय क्षति है।

मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर में जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती महाराज ब्रह्मलीन हो गए हैं। उन्होंने लगभग 99 वर्ष की आयु में देह त्यागी है। झोतेश्वर परमहंसी गंगा आश्रम में स्वामी स्वरूपानंद का निधन हुआ है।

कल झोतेश्वर परमहंसी आश्रम में अंतिम संस्कार हो सकता स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती का जन्म मध्य प्रदेश राज्य के सिवनी जिले में जबलपुर के पास दिघोरी गांव में ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उनके माता-पिता ने इनका नाम पोथीराम उपाध्याय रखा था। महज 9 साल की उम्र में उन्होंने घर छोड़ धर्म की यात्रा शुरू कर दी थी। इस दौरान वो उत्तर प्रदेश के काशी भी पहुंचे और यहां उन्होंने ब्रह्मलीन श्री स्वामी करपात्री महाराज वेद-वेदांग, शास्त्रों की शिक्षा ली। आपको जानकर हैरानी होगी कि साल 1942 के इस दौर में वो महज 19 साल की उम्र में क्रांतिकारी साधु के रुप में प्रसिद्ध हुए थे। क्योंकि उस समय देश में अंग्रेजों से आजादी की लड़ाई चल रही थी।

द्वारिका पीठ के शंकराचार्य पूज्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।महारा ने कहा की हिंदुओं के सबसे बड़े धर्म गुरू शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती का निधन समाज के लिए बड़ी क्षति है। राम मंदिर निर्माण के लिए भी उन्होंने लंबी कानून लड़ाई लड़ी थी.

महारा ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की श्रद्धांजलि देने वालों में उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष मथुरा दत्त जोशी महामंत्री संगठन विजय सारस्वत मुख्यप्रवक्ता गरिमा दसौनी मीडिया प्रभारी पी के अग्रवाल मीडिया सलाहकार अमरजीत सिंह नवनीत सती इत्यादि ने भी शंकराचार्य जी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

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