समाज सेवा का दंभ भरने वाली संस्थाएं आखिर पैनगढ़ आपदा में हुई लापता

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आखिर छोटी से छोटी आपदा पर 5-7 सौ रूपयों का सामना ला कर पीड़ितों की मदद देने इसका समाचार पत्रों, सोशल मीडिया में लंबी चौड़ी खबरें एवं पोस्टों को डलवाने वाली स्वंयम सेवी संस्थाएं पैनगढ़ आपदा के दौरान लापता दिखाई पड़ रही हैं। जिससे संस्थाओं को लेकर कई प्रश्न खड़े हो रहे हैं।
21-22 अक्टूबर को थराली तहसील क्षेत्र के अंतर्गत पैनगढ़ गांव में बिना बारिश के ही गांव की पीछे की पहाड़ी विकराल रूप से दरकने लगी।देर रात भारी संख्या में चीड़ के बड़े-बड़े पेड़ों के साथ ही विशाल बोल्डर पैनगढ़ के पल्लाखोला तोक के मकानों पर गिरने लगें। इनमें से एक बोल्डर देवानंद सती की मकान पर आ गिरा जिससे देवानंद के साथ ही उनकी मां,छोटे भाई एवं छोटे भाई की पत्नी की दर्दनांक मौत हो गई थी एवं युवक योगेश पुत्र घनानंद जख्मी हो गया जिसका अस्पताल में उपचार चल रहा हैं। भूस्खलन के कारण उसी दिन कई अन्य मकान भी टूट कर क्षतिग्रस्त हो गए थे। इसके बाद से आज 13 वें दिन भी दरकती पहाड़ी से पेड़ों,पत्थरों, बोल्डरों का गिरना जारी हैं। भूस्खलन का दायरा बढ़ने के कारण पल्लाखोला के साथ ही रूपतोली तोक भी इसकी जद में आ गए हैं। पीड़ितों ने घर-बार छोड़कर कर टेंटों सहित अन्य सुरक्षित स्थानों में शरण ले ली है। प्रशासन के अनुसार दोनों तोको के 84 परिवारों का विस्थापन होना है।
आपदा की इस घड़ी में हालांकि प्रशासन स्तर पर उपलब्ध हों सकने वाली सहायता के लिए जुटा हुआ हैं। किंतु छोटी-छोटी आपदाओं में 5-7 सौ रुपए का सामान ले कर आपदाग्रस्त क्षेत्रों में आने वाली संस्थाएं पैनगढ़ आपदा में अबतक नदारद दिखाई पड़ रही हैं। जिसे संस्थाओं को लेकर कई तरह के प्रश्न उठ रहे हैं।

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*संस्थाओं के राहत के लिए ना आने पर चमोली डीएम भी हैं अचंभित*
मंगलवार को आपदाग्रस्त पैनगढ़ गांव का स्थलीय निरीक्षण करने, पीड़ितों से लंबी बातचीत के बाद जिस तरह से जिलाधिकारी हिमांशु खुराना ने पत्रकार वार्ता में कहा कि पीड़ितों को आपदा से उबारने के लिए स्वयंम सेवी संस्थाओं का सहयोग भी लिया जाएगा। इससे साफ जाहिर हैं कि जिलाधिकारी भी आपदा के 13 दिनों बाद भी संस्थाओं के आपदाग्रस्त क्षेत्र में नही आने पर अचंभित हैं।
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*प्रशासन ही जुटा है पीड़ितो की मदद में
आपदा के बाद से आज 16 वें दिन तक प्रशासन की तरफ से ही पीड़ितों को राहत एवं सहायता पहुंचाई जा रही हैं। थराली के तहसीलदार प्रदीप नेगी एवं पटवारी थराली चंद्र सिंह बुटोला ने बताया कि अब तक पीड़ितों को राहत के तौर पर 20 परिवारों को राशन किटों,23 परिवारों को ऐहतुक राशि के रूप में 5 हजार रुपए प्रति परिवार दिए गए हैं। इसके अलावा 14 ऐसे परिवारों को जिनके भवन पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए हैं उनमें से 3 परिवारों को 1 लाख 30 हजार रुपए के चैकों का वितरण किया गया हैं,शेष 11 परिवारों को धनराशि दिए जाने के लिए जिलाधिकारी को प्रस्ताव भेजे गए हैं।इस आपदा में चारो मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता के रूप में प्रति मृतक 4 लाख की दर से 16 लाख के चैक बन गऐ हैं। आश्रितों के आने पर राशि के चैकों को उन्हें सौप दिए जाएंगे। इसके अलावा पीड़ितों को प्रयाप्त टैंट, तिरपाल,सोलर लाइटों, कंबलों का वितरण किया जा रहा है। पीड़ितों की मांग पर हरसंभव सहायता किए जाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

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