एक सदी पूर्व चुराई गयी अन्नपूर्णा की मूर्ति कनाडा से भारत ला कर उत्तर प्रदेश को सौंपा गया

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नई दिल्ली , 13  नवंबर (उ.हि.) ।  केंद्रीय संस्कृति, पर्यटन और पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास मंत्री श्री जी.किशन रेड्डी ने केंद्रीय मंत्रियों  की उपस्थिति में  नई दिल्ली में राष्ट्रीय आधुनिक कला दीर्घा (एनजीएमए) में उत्तर प्रदेश सरकार को देवी अन्नपूर्णा देवी की मूर्ति सौंपी।

यह मूर्ति 18वीं शताब्दी की है। इसे कनाडा केकला संग्रहक और वकील नॉर्मन मैकेंजी ने गैरकानूनी तरीके से 108 साल पहले काशी विश्वनाथ मंदिर से उठाया था। माना जा रहा है कि इसे 1913 में काशी के घाट से चुराकर कनाडा भेज दिया गया था। वहां पर यह मैकेंजी आर्ट गैलरी में रेजिना यूनिवर्सिटी के संग्रह का हिस्सा थी। इस मूर्ति की वसीयत 1936 में नार्मन मैकेंजी ने करवाई थी और मूर्ति को गैलरी के संग्रह से जोड़ा गया था। बीते 100 साल से यह मूर्ति यूनिवर्सिटी ऑफ रेजिना के मैकेंजी आर्ट गैलरी का हिस्सा थी. यह मामला उस समय सामने आया जब इस साल गैलरी में एक प्रदर्शनी की तैयारी चल रही थी. इसी दौरान कलाकार दिव्या मेहरा की नजर इस मूर्ति पर पड़ी. उन्होंने इस मुद्दे को उठाया और फिर सरकार ने अपनी ओर से इसकी वापसी के प्रयास शुरु किये.  रेजिना यूनिवर्सिटी के चांसलर थॉमस चेस ने यह मूर्ति भारत के उच्चायुक्त अजय बिसारिया को सौंपी.

कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने कहा कि ‘1976 से अब तक 55 मूर्तियां भारत वापस की जा चुकी हैं। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल के दौरान 75 प्रतिशत मूर्तियां लौटाई गई गई हैं। इन 55 पुरावशेषों में से 42 को 2014 के बाद वापस प्राप्त किया गया है, जिसमें अन्नपूर्णा देवी अंतिम है। उन्होंने मीडिया को यह भी बताया कि अमेरिका से 157 अन्य प्राचीन वस्तुओं की पहचान की गई है और वे जल्द ही भारत लौट आएंगी।

 

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