कृषि विज्ञान केंद्र ग्वालदम ने विद्यार्थियों को सिखाए वैज्ञानिक खेती के गुर

थराली/ग्वालदम, 23 जून (हरेंद्र बिष्ट)। गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय द्वारा संचालित कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) ग्वालदम ने केंद्रीय विद्यालय एसएसबी ग्वालदम के कक्षा 6, 7 एवं 8 के छात्र-छात्राओं के लिए कृषि जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक खेती की तकनीकों की जानकारी देकर कृषि क्षेत्र में नवाचार और अधिक उत्पादन के उपायों से अवगत कराया गया।
कृषि विज्ञान केंद्र पहुंचे 115 छात्र-छात्राओं को केंद्र के प्रभारी अधिकारी डॉ. एस.एस. सिंह ने मौसमी फसलों में लगने वाले कीट एवं रोगों तथा उनके नियंत्रण के वैज्ञानिक उपायों की जानकारी दी। उन्होंने फसल सुरक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को कृषि के प्रति जागरूक किया।
केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. शिवदयाल ने कृषि विज्ञान केंद्र की गतिविधियों एवं कृषि वानिकी (एग्रोफॉरेस्ट्री) के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। वहीं, वैज्ञानिक डॉ. अभिषेक बहुगुणा ने संरक्षित खेती के अंतर्गत पॉलीहाउस एवं नेट हाउस में सब्जियों और पुष्पों की खेती की उन्नत तकनीकों से विद्यार्थियों को परिचित कराया। उन्होंने पॉलीहाउस के तापमान नियंत्रण, ग्रीनहाउस प्रभाव तथा फसलों को प्रतिकूल परिस्थितियों से सुरक्षित रखने के उपायों पर भी प्रकाश डाला। साथ ही मधुमक्खी पालन को सब्जी उत्पादन एवं परागण वृद्धि के लिए लाभकारी बताते हुए इसकी उपयोगिता समझाई।
वैज्ञानिक डॉ. अरुण सैनी ने पशुपालन एवं मुर्गीपालन से संबंधित तकनीकी जानकारी साझा की। वहीं, डॉ. डी.सी. काला ने प्राकृतिक खेती के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करते हुए जीवामृत, बीजामृत, दशपर्णी अर्क तथा घनजीवामृत तैयार करने की विधियों की जानकारी दी। उन्होंने प्राकृतिक एवं जैविक तरीकों से फसलों को कीटों और बीमारियों से बचाने के उपाय भी बताए।
कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं ने प्राकृतिक खेती, मृदा स्वास्थ्य, मृदा परीक्षण, मृदा उपचार तथा संरक्षित सब्जी उत्पादन से जुड़े विषयों पर वैज्ञानिकों से प्रश्न पूछकर महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।
इस अवसर पर केंद्रीय विद्यालय के शिक्षक कमलेश डालाकोटी, सुनील कुमार तथा शिक्षिकाएं सोनम शर्मा और खुशबू रानी भी उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में कुल 115 छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की।
