मोदी की केदारनाथ यात्रा से पूर्व नाराज पण्डा-पुरोहितों को मनाने पहुंचे धामी

Spread the love

देहरादून, 3 नवम्बर(उ.हि.)। उत्तराखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र रावत को तीर्थ पुरोहितों द्वारा केदारनाथ में दर्शन करने से जबरन रोकने और उनके खिलाफ उग्र प्रदर्शन किये जाने के एक दिन बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को अपने मंत्रिमण्डल के कुछ सहयोगियों के साथ केदारनाथ के दर्शन करने के साथ ही नाराज पण्डा-पुरोहितों से बात कर उन्हें मनाने का प्रयास भी किया ताकि वे 5 नवम्बर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की यात्रा में बिघ्न न डाल सकें। पण्डा-पुरोहित चार धाम देवस्थानम बोर्ड के गठन से सख्त नाराज हैं और 31 अक्टूबर तक इस समस्या का हल निकालने के वायदे के पूरा न होने से और अधिक भड़क गये हैं।

The gigantic statue of Adi guru Shankaracharya is to be unveiled by PM Modi on % November.

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केदारनाथ धाम पहुंच कर बाबा केदारनाथ जी के दर्शन किये। मुख्यमंत्री ने केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्यों का भी निरीक्षण किया। 5 नवंबर को प्रधानमंत्री के केदारनाथ आगमन के लिए की जा रही तैयारियों का भी जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने तीर्थ पुरोहितों और पंडा समाज के प्रतिनिधियों से भी वार्ता की। सौहार्दपूर्ण बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार जन भावनाओं का सम्मान करने वाली सरकार है। तीर्थों के पंडा, पुरोहित और पुजारियों के मान सम्मान को कोई ठेस नहीं पहुंचाई जायेगी। हम सकारात्मक, धनात्मक और विकासात्मक दृष्टिकोण से चारधाम, पंडा, पुरोहित और पुजारी समाज के सम्मान तथा धार्मिक आस्था की गरिमा के सम्मान के लिए तत्पर हैं।


इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मीडिया से अनौपचारिक बातचीत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की बाबा केदार के प्रति विशेष आस्था और श्रद्धा है। उनका उत्तराखण्ड को दुनिया की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक राजधानी के तौर पर विकसित करने का विजन है। । आधुनिक इतिहास में पहली बार इतने बङे पैमाने पर केदारनाथ धाम का पुनर्निर्माण किया जा रहा है। पहले चरण के काम हो चुके हैं। दूसरे चरण के काम शुरू हो रहे हैं। आदि गुरु शंकराचार्य की समाधि का लोकार्पण करने के साथ ही उनकी प्रतिमा का भी अनावरण किया जाएगा।  मुख्यमंत्री के साथ कैबिनेट मंत्री डॉ हरक सिंह रावत, श्री सुबोध उनियाल भी थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!