वन्यजीव सप्ताह पर विविध कार्यक्रमों का आयोजन, विद्यार्थियों ने दिया वन्यजीव संरक्षण का संदेश

श्रीनगर (गढ़वाल), 3 अक्टूबर। वन एवं प्राकृतिक संसाधन विभाग द्वारा वन्यजीव सप्ताह 2026 के अवसर पर जैव विविधता एवं वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की थीम “Connecting Habitats, Thriving Wildlife” रखी गई। कार्यक्रम के संस्थापक डॉ. एल. एस. कंडारी रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ स्वागत एवं परिचय के साथ हुआ। इसके पश्चात डॉ. एल. एस. कंडारी ने स्वागत संबोधन में वन्यजीव एवं जैव विविधता संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रकृति के संरक्षण के प्रति जागरूक रहने तथा जिम्मेदार भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर विभागाध्यक्ष प्रो. डी. एस. चौहान तथा प्रो. मुनीश कुमार भी उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को जैव विविधता संरक्षण के महत्व पर प्रेरक संदेश दिया।
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण Wildlife Olympiad रहा, जिसमें विद्यार्थियों ने भारतीय वन्यजीव, प्रमुख प्रजातियों, उनके आवास, संरक्षण नीतियों तथा वन्यजीव व्यवहार से संबंधित प्रश्नों के माध्यम से अपनी जानकारी का प्रदर्शन किया। इसके साथ ही विद्यार्थियों द्वारा पोस्टर प्रदर्शनी एवं चर्चा का आयोजन किया गया। पोस्टरों के माध्यम से जैव विविधता संरक्षण, वन्यजीव सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े संदेश प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किए गए। कार्यक्रम में विद्यार्थियों एवं प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
क्विज़ प्रतियोगिता में प्रथम स्थान दिव्या उनियाल, द्वितीय स्थान उन्नति कुशवाहा तथा तृतीय स्थान कुलदीप धौंडियाल ने प्राप्त किया। इन्हें प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
समापन अवसर पर विभिन्न गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। कार्यक्रम के आयोजकों ने कहा कि वन्यजीव संरक्षण और जैव विविधता की सुरक्षा सामूहिक जिम्मेदारी है। विद्यार्थियों में पर्यावरणीय जागरूकता विकसित करना इसके लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को ज्ञान, रचनात्मकता और सहभागिता के माध्यम से वन्यजीव संरक्षण का संदेश देने का एक प्रभावी मंच प्रदान किया।
