देवसारी मोटर मार्ग निर्माण में अवैध ब्लास्टिंग और घटिया सामग्री के विरोध में ग्रामीणों ने अभियंताओं को कई घंटों सड़क पर ही रोका

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–थराली से हरेंद्र बिष्ट–

निर्माणाधीन देवसारी मोटर सड़क के पार्ट टू के कार्य में भारी मात्रा में अवैध रूप से ब्लास्टिंग करने,पैराफिटो के निर्माण में रेत के स्थान पर कमेड़ा मिट्टी प्रयोग करने सहित निर्माण कार्य में कई आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने रविवार को सड़क का निरीक्षण करने पहुंचे दो अभियंताओं को को देर सांय तक सड़क पर घेरे रखा।रात में अवैध रूप से ब्लास्टिंग के पत्थरों को लें जाने के प्रयास में एक ट्रैक्टर ट्राली को वन विभाग के अधिकारियों के द्वारा सीज करने की कार्रवाई करने, अभियंताओं के द्वारा गुणवत्ता एवं मानकों के अनुरूप कार्य करने के आश्वासन पर उनको देर रात करीब सवा आठ बजे गंतव्य तक जाने दिया।

ग्वालदम-नंदकेशरी मोटर मार्ग के किमी 8 से देवसारी गांव तक करीब साढ़े आठ किमी मोटर सड़क पर पीएमजीएसवाई के तहत एनपीसीसी के द्वारा पार्ट टू का कार्य कराया जा रहा है। आरोप है कि दिवारों के निर्माण,सौलिंग सहित अन्य कार्यों के लिए ठेकेदार के द्वारा जहां बिना अनुमति के जमकर ब्लास्टिंग किया जा रहा है।वही पैराफिटो के निर्माण में रेत के स्थान पर कमेड़ा मिट्टी का प्रयोग किया जा रहा है।

इसके अलावा ठेकेदार के द्वारा आवादी क्षेत्रों में सुरक्षा दिवारों का निर्माण करवाने के बजाय जंगलों के क्षेत्र में अपनी सुविधानुसार दिलवालों का निर्माण करने का आरोप लगता आ रहा है। रविवार को ग्रामीणों को सड़क का निरीक्षण करने दो अवर अभियंताओं के आने की सूचना मिलने पर ग्रामीण इस सड़क पर गिवाईगैर में जमा होने लगें दोपहर तीन बजे दोनों ही अभियंताओं के पहुंचने पर उनका घिराव करते हुए उन पर सवालों की बौछार कर दी। इसके साथ ही सड़क पर बिना अनुमति ब्लास्टिंग करने का आरोप लगाते हुए वन विभाग के अधिकारियों को भी सूचना दी।जिस पर उप वन क्षेत्राधिकारी ग्वालदम माखन लाल भी वन कर्मियों के साथ घिरा स्थल पर पहुंचे जहां पर ब्लास्टिंग के जरिए तोड़े गए पत्थरों से भरें एक ट्रैक्टर को उन्होंने जब्त कर लिया।

उन्होंने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि अवैध रूप से किए जा रहे ब्लास्टिंग के मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। जबकि इस मामले में ग्रामीणों ने डिप्टी रेंजर को एक शिकायत पत्र भी सौंपा। इसके साथ ही एनपीसीसी के अवर अभियंता रविन्द्र भंडारी ने आश्वासन दिया कि मानकों के विरुद्ध अधिक पत्थरों को भर कर एवं रेते के साथ पर कमेड़ा मिट्टी के प्रयोग से बनाए गए सभी पैराफिटों को तोड़ने, अन्य सभी कार्यों को बंद कर केवल आवादी क्षेत्रों में ही सुरक्षा दिवारों का निर्माण कार्य किए जाने एवं गुणवत्ता में सुधार लाने का आश्वासन दिया गया। इसके साथ ही ग्रामीण की इस शिकायत पर की एनपीसीसी के जेई,एई,ईई के द्वारा फोन नही उठाने पर अवर अभियंता रविन्द्र भंडारी ने मौखिक माफी मांगते हुए कहा कि निकट भविष्य में वें हर संभव फोन रिसीव करेंगे। इसके बाद देर रात करीब सवा आठ बजे अभियंताओं का घिराव समाप्त किया गया।

इस दौरान क्षेत्र पंचायत सदस्य रमेश राम, सड़क संघर्ष समिति के अध्यक्ष कुंदन सिंह कठैत, चंद्र सिंह गड़िया,पूर्व क्षेपंस हरेंद्र सिंह बिष्ट,खड़क सिंह परिहार, हरीश गड़िया, गजेन्द्र बिष्ट,लक्ष्मण गड़िया, विरेन्द्र बिष्ट,मेहरवान सिंह गड़िया, मनोज बिष्ट आदि कई ग्रामीण मौजूद थे। इधर मध्य पिंडर रेंज थराली के रेंजर हरीश थपलियाल ने कहा कि सड़क पर वन क्षेत्र में निर्माण कार्य रोक दिया गया है। जबतक एनपीसीसी अपनी डीपीआर नही दिखाता है वन क्षेत्र में किसी भी तरह का कार्य नही होने दिया जाएगा। विस्फोटक पदार्थ का उपयोग एवं वन क्षेत्र में अवैध खनन की जांच शुरू कर दी गई है।इस पर भी तत्काल आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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