गांव की वन भूमि पर कूड़ा डंपिंग जोन बनाने का ग्रामीणों द्वारा विरोध

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पोखरी, 22 दिसंबर (राणा)।नगर पंचायत द्वारा  गुनियाला गांव के नीचे ग्रामीणों की वन पंचायत की भूमि पर कूड़ा निस्तारण स्थल (डम्पिग जोन) बनाये जाने का  ग्रामीणों ने घोर विरोध शुरू कर दिया है ।

आज गांव की महिलाओं और पुरुषों ने कार्य स्थल पर पहुंच कर विरोध प्रर्दशन किया और अपना विरोध जताया है।  ग्रामीणों का कहना है कि नगर पंचायत द्वारा  विना ग्रामीणों की सहमति और एन ओ सी के  ही उनकी वन पंचायत की भूमि पर कूड़ा निस्तारण स्थल बनाया जा रहा है। जो तर्क संगत नहीं है।

इस कार्य स्थल पर ग्रामीणों का पैतृक शमशान घाट भी है साथ ही इसी स्थान पर मुख्यमंत्री चारागाह भी है। जहां पर बन विभाग द्वारा  5500 बाज के पेड़ लगाये है ,जो अब बड़े और हरे भरे हों गये है । नगर पंचायत द्वारा  यहां पर कूड़ा निस्तारण स्थल  बनाये जाने से जहां उनका पैतृक श्मशान घाट , मुख्यमंत्री चारागाह और वन पंचायत की कहीं नाली भूमि बरबाद  हो जायेगी ,जिसका ग्रामीण पुरजोर तरीके से विरोध करते हैं। ,

साथ ही अभी मामला नैनीताल हाईकोर्ट में भी चल रहा है।  विरोध प्रर्दशन करने वालों में सरपंच माला कण्डारी ,मन्दीश कण्डारी ,प्रवल रावत ,सरस्वती देवी ,शशि देवी माहेश्वरी देवी ,जशोदा देवी कशतूरा देवी सोनी देवी ,जसमती देवी शाकम्बरी देवी गोकूल लाल सिताबू लाल जगदीश सत्येन्द्र कण्डारी सहित तमाम ग्रामीण मौजूद थे।

वहीं नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी संजय रावत का कहना है कि जिलाधिकारी चमोली द्वारा  कार्यस्थल पर एक नाली भूमि कूड़ा  डम्पिग स्थल बनाये जाने हेतू नगर पंचायत पोखरी के नाम की गयी है। साथ ही अभी नगर पंचायत द्धारा अभी कूड़ा निस्तारण स्थल बनाये जाने के लिये समतलीकरण का कार्य किया जा रहा है।

गांव वाले इस समतलीकरण के कार्य को रोकने के लिये नैनीताल हाईकोर्ट भी गये थे , लेकिन कोर्ट से उन्हें स्टे नहीं दिया गया है ।  

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