उत्तराखंड रजत जयंती विशेष सत्र: मुख्यमंत्री धामी ने गिनायीं 25 वर्षों की उपलब्धियां
देहरादून, 4 नवंबर । उत्तराखंड विधानसभा के विशेष सत्र में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य स्थापना की रजत जयंती पर संबोधन किया। इसमें उन्होंने पिछले 25 वर्षों की विकास यात्रा, उपलब्धियों और भविष्य के संकल्पों का उल्लेख किया।
धामी ने कहा कि राज्य की स्थापना वर्षों के संघर्ष और आंदोलनकारियों के बलिदान का परिणाम है। उन्होंने हुतात्माओं, आंदोलनकारियों, पूर्व प्रधानमंत्रियों, मुख्यमंत्रियों और जनप्रतिनिधियों को श्रद्धांजलि दी।
उन्होंने बताया कि केंद्र के नेतृत्व में राज्य की अर्थव्यवस्था 26 गुना और प्रति व्यक्ति आय 18 गुना बढ़ी है। नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्य सूचकांक में उत्तराखंड को पहला स्थान मिला है। किसानों की आय वृद्धि दर में भी राज्य शीर्ष पर है।
सरकार ने 30 से अधिक नई नीतियां लागू कीं, जिनसे उद्योग, पर्यटन, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण क्षेत्रों में प्रगति हुई। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में 3.56 लाख करोड़ रुपये के निवेश समझौते हुए, जिनमें से 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्ताव कार्यान्वित हो चुके हैं।
राज्य में समान नागरिक संहिता, भू-कानून, धर्मांतरण विरोधी कानून, दंगारोधी कानून और नकल विरोधी कानून लागू किए गए। 26 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गईं। 1 लाख 65 हजार से अधिक महिलाएं “लखपति दीदी” बनीं। आंदोलनकारियों के लिए आरक्षण, पेंशन और पहचान पत्र की व्यवस्थाएं मजबूत की गईं।
धामी ने कहा कि उत्तराखंड “विकसित भारत” के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है और जनता के सहयोग से देश का अग्रणी राज्य बनेगा। संबोधन के अंत में उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के गीत की पंक्तियां दोहराईं: “पतवार चलाते जाएंगे, मंज़िल आएगी… आएगी।”
