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अब संकट के समय मोबाइल बनेगा आपका रक्षक

A cell broadcast is a technology used by mobile network operators to broadcast text messages to mobile users that are located in specific geographical areas. The typical use for these kinds of messages is to send emergency alerts to mobile users.The advantage of a Cell Broadcast service is that users can receive messages without the need for any subscriptions, and they do not have to provide personal information such as phone numbers or location data, the only thing required is to have a phone switched on. Moreover, the system remains unaffected by network congestion, enabling instantaneous delivery of messages to millions of people at once, and providing them with relevant information and guidance.

ज्योति रावत

 सूचना क्रांति के इस दौर में संचार तकनीक केवल बातचीत तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि अब यह आपदाओं के समय जीवन रक्षक प्रणाली के रूप में उभर रही है। भारत सरकार द्वारा हाल ही में परीक्षण किया गया सेल ब्रॉडकास्टिंग सिस्टम इसी दिशा में एक बड़ा और प्रभावी कदम है। यह तकनीक प्राकृतिक आपदाओं और आपातकालीन स्थितियों के दौरान आम नागरिकों तक समय रहते सूचना पहुँचाने का एक सशक्त माध्यम बनकर सामने आई है। जिस प्रकार रेडियो और टेलीविजन के माध्यम से पहले चेतावनियाँ दी जाती थीं, अब वही काम आपका मोबाइल फोन बिना किसी इंटरनेट या विशेष ऐप के करने में सक्षम है।

क्या है सेल ब्रॉडकास्ट की कार्यप्रणाली

सेल ब्रॉडकास्टिंग सिस्टम एक ऐसी उन्नत संचार विधि है जो मोबाइल टावरों का उपयोग करके एक साथ लाखों लोगों को संदेश भेजने की क्षमता रखती है। पारंपरिक एसएमएस के विपरीत यह तकनीक मोबाइल नंबरों पर निर्भर नहीं होती, बल्कि मोबाइल टावरों के सिग्नल क्षेत्र में मौजूद हर उपकरण तक अपनी पहुँच बनाती है। जब भी किसी विशिष्ट क्षेत्र में कोई खतरा उत्पन्न होता है, तो आपदा प्रबंधन अधिकारियों द्वारा उस क्षेत्र के टावरों को संदेश प्रसारित करने का निर्देश दिया जाता है। इसके बाद उस टावर की सीमा में आने वाला हर मोबाइल फोन एक विशेष अलार्म ध्वनि और पॉप-अप नोटिफिकेशन के साथ सतर्क हो जाता है। इसकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसे नेटवर्क की भीड़ या इंटरनेट डेटा की उपलब्धता से कोई फर्क नहीं पड़ता।

सामान्य मैसेज से कितना अलग और प्रभावी

अक्सर देखा गया है कि किसी बड़ी आपदा या भारी भीड़ वाले आयोजनों के दौरान मोबाइल नेटवर्क जाम हो जाते हैं, जिससे सामान्य मैसेज या कॉल करना मुश्किल हो जाता है। सेल ब्रॉडकास्टिंग तकनीक को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि यह नेटवर्क के कंजेशन से प्रभावित नहीं होती क्योंकि यह एक समर्पित चैनल पर काम करती है। जहाँ साधारण मैसेज को एक-एक करके डिलीवर किया जाता है, वहीं सेल ब्रॉडकास्ट एक ही समय में पूरे शहर या जिले को अलर्ट भेज सकता है। यह प्रणाली पूरी तरह से गोपनीय है क्योंकि इसमें प्रशासन को किसी के व्यक्तिगत फोन नंबर की आवश्यकता नहीं होती, बस उस भौगोलिक क्षेत्र में फोन का सक्रिय होना पर्याप्त है।

स्वदेशी तकनीक और सुरक्षा का भरोसा

भारत में इस प्रणाली का विकास सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स यानी सी-डॉट द्वारा किया गया है। इसे राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के साथ जोड़कर एक एकीकृत अलर्ट सिस्टम के रूप में तैयार किया गया है। इस तकनीक का परीक्षण देशभर में विभिन्न चरणों में किया गया है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि चक्रवात, बाढ़, भूकंप या बिजली गिरने जैसी स्थितियों में यह बिना किसी त्रुटि के काम कर सके। यह प्रणाली न केवल अंग्रेजी और हिंदी बल्कि क्षेत्रीय भाषाओं में भी चेतावनी देने में सक्षम है, जिससे ग्रामीण इलाकों के लोग भी अपनी भाषा में खतरे की गंभीरता को समझ सकें।

नागरिकों की सुरक्षा में इस तकनीक की भूमिका

भविष्य की चुनौतियों को देखते हुए यह तकनीक बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। युद्ध जैसी स्थिति हो या कोई औद्योगिक दुर्घटना, सरकार इस माध्यम से चंद सेकंड में करोड़ों लोगों तक निर्देश पहुँचा सकती है। फोन के साइलेंट मोड पर होने के बावजूद इसमें एक तीखी सायरन जैसी आवाज आती है जो उपयोगकर्ता का ध्यान तुरंत अपनी ओर खींचती है। आधुनिक स्मार्टफोन्स में इसके लिए विशेष ‘वायरलेस इमरजेंसी अलर्ट’ सेटिंग दी गई है, जिसे चालू रखकर नागरिक खुद को और अपने परिवार को आने वाले किसी भी संभावित खतरे से सुरक्षित रख सकते हैं। भारत जैसे विशाल देश के लिए जहाँ मौसम का मिजाज तेजी से बदलता है, यह तकनीक निश्चित रूप से आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगी।

 

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