नासा के पार्कर सोलर प्रोब ने सूर्य के निकट हुए एक विस्फोट में खोजे नए रहस्य
Parker Solar Probe observed a Sun-directed jet of particles made of protons and heavy ions — elements with extra electrons. But unexpectedly, analysis of the data revealed that protons and ions were accelerated in different manners. Magnetic reconnection theories expect these two types of particles to be accelerated in the same manner, but the new observations showed the protons formed a dispersed beam, like that from a flashlight, while the heavier ions were directed in a straight line like a laser beam.
लेखिका: मारा जॉनसन-ग्रोह
नासा गोडार्ड स्पेस फ्लाइट सेंटर, ग्रीनबेल्ट, मैरीलैंड
इससे पहले कि कोई सौर तूफान अंतरिक्ष की दूरियां तय कर पृथ्वी पर मौजूद तकनीक को प्रभावित करे, उसकी शुरुआत सूर्य पर होने वाली एक विस्फोटक प्रक्रिया से होती है जिसे ‘मैग्नेटिक रिकनेक्शन’ (चुंबकीय पुनर्संयोजन) कहा जाता है। अब, नासा के पार्कर सोलर प्रोब के अवलोकनों ने इस बारे में नए विवरण उजागर किए हैं कि इस प्रकार की चुंबकीय घटनाएं किस तरह कणों को खतरनाक गति से अंतरिक्ष में फेंकती हैं।
वर्ष 2022 में सूर्य के पास से गुजरते समय, पार्कर सोलर प्रोब सूर्य और सौर हवा (सौर पवन) में होने वाली एक मैग्नेटिक रिकनेक्शन घटना के बीच से गुजरा। सौर हवा सूर्य से निकलने वाले कणों और चुंबकीय क्षेत्रों की एक निरंतर धारा है। चूंकि तूफान पैदा करने वाली ये रिकनेक्शन घटनाएं सूर्य के वायुमंडल के उन हिस्सों में होती हैं जहाँ पहुँचना अत्यंत कठिन है, इसलिए सौर हवा में होने वाली ये घटनाएं मैग्नेटिक रिकनेक्शन द्वारा त्वरित (accelerated) कणों का प्रत्यक्ष मापन करने का एक अनूठा अवसर प्रदान करती हैं। पार्कर सोलर प्रोब ने ठीक यही किया।
पार्कर सोलर प्रोब ने सूर्य की ओर निर्देशित कणों की एक धारा (जेट) देखी, जो प्रोटॉन और भारी आयनों (अतिरिक्त इलेक्ट्रॉनों वाले तत्व) से बनी थी। लेकिन अप्रत्याशित रूप से, डेटा के विश्लेषण से पता चला कि प्रोटॉन और आयन अलग-अलग तरीकों से त्वरित हुए थे। मैग्नेटिक रिकनेक्शन के सिद्धांत यह मानते हैं कि इन दोनों प्रकार के कणों को एक ही तरह से त्वरित होना चाहिए, लेकिन नए अवलोकनों ने दिखाया कि प्रोटॉन ने एक फैली हुई किरण (dispersed beam) बनाई, जैसे टॉर्च से निकलने वाली रोशनी। इसके विपरीत, भारी आयन एक लेजर बीम की तरह बिल्कुल सीधी रेखा में निर्देशित थे।
‘एस्ट्रोफिजिकल जर्नल’ में 31 मार्च को प्रकाशित ये निष्कर्ष वैज्ञानिकों को मैग्नेटिक रिकनेक्शन के सैद्धांतिक मॉडलों को और बेहतर बनाने में मदद करेंगे, ताकि यह बेहतर ढंग से समझा जा सके कि सौर तूफानों को ऊर्जा कहाँ से मिलती है।
