कुंभ-2027: दिव्य, भव्य और ऐतिहासिक आयोजन की तैयारी
मुख्यमंत्री ने दिए समयबद्ध कार्य पूर्ण करने के सख्त निर्देश

हरिद्वार, 21 फरवरी ।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को हरिद्वार स्थित मेला नियंत्रण भवन में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में कुंभ मेला-2027 की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरिद्वार में आयोजित होने वाला आगामी कुंभ मेला दिव्य, भव्य और ऐतिहासिक होगा। श्रद्धालुओं की सुविधा, सुगमता और सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस महाआयोजन की व्यवस्थाओं में किसी भी स्तर पर कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कुंभ मेले से जुड़े सभी कार्य निर्धारित समयसीमा में और उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएं। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें तथा लिए गए निर्णयों का त्वरित अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में मुख्यमंत्री ने पिछली समीक्षा बैठकों में दिए गए निर्देशों पर हुई प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने सभी मेले से संबंधित कार्य आगामी अक्टूबर माह तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रमुख स्थायी कार्यों को स्वीकृति दी जा चुकी है, जबकि अस्थायी कार्यों के प्रस्तावों को अंतिम रूप देकर उन्हें भी समयबद्ध ढंग से पूरा किया जाए। जोन और सेक्टर स्तर पर होने वाले कार्य तय लक्ष्यों के अनुसार गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। निर्माण कार्यों की निगरानी के लिए थर्ड पार्टी ऑडिट कराने के भी निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री ने परिवहन और पार्किंग की प्रभावी व्यवस्था पर विशेष जोर देते हुए वैकल्पिक मार्गों को चिन्हित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं के सुरक्षित आवागमन और स्नान के लिए सुनियोजित व्यवस्था होनी चाहिए। संभावित भीड़ को देखते हुए स्नान, ठहराव और आवागमन के लिए विस्तृत योजना तैयार करने को कहा गया। महिला एवं वृद्ध श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुविधाएं सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।
स्वच्छता व्यवस्था पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कार्य में स्वयंसेवी संगठनों की भी भागीदारी सुनिश्चित की जाए। स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के निर्देश देते हुए उन्होंने बीमार श्रद्धालुओं को शीघ्र चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए बोट एवं बाइक एंबुलेंस की व्यवस्था करने को कहा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंभ मेले के सफल आयोजन के लिए साधु-संतों, अखाड़ों, जनप्रतिनिधियों, धार्मिक एवं स्वयंसेवी संगठनों से समन्वय स्थापित कर उनके सुझावों के आधार पर कार्य किए जाएं। उन्होंने चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, साइबर सुरक्षा, अग्निशमन और रेस्क्यू व्यवस्था को मजबूत करने पर भी जोर दिया।
स्थायी कार्यों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कुंभ क्षेत्र में निर्मित सभी पुलों का सुरक्षा ऑडिट कराने तथा आवश्यकतानुसार समय पर मरम्मत कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। गंगा घाटों के अनुरक्षण के लिए यदि गंग नहर के क्लोजर की आवश्यकता हो, तो उत्तर प्रदेश सरकार के अधिकारियों से समन्वय स्थापित करने को कहा गया। घाटों के सुदृढ़ीकरण, सुरक्षा रेलिंग और फिसलन-रोधी व्यवस्था समय पर पूरी करने तथा कुंभ से पहले सभी विद्युत लाइनों को भूमिगत करने के निर्देश भी दिए गए।
भूमि प्रबंधन और आवंटन व्यवस्था की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इसकी सतत निगरानी मेलाधिकारी स्वयं करें और कुंभ क्षेत्र को अतिक्रमणमुक्त रखा जाए।
बैठक में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, सुबोध उनियाल और पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने भी अपने सुझाव दिए। मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका ने स्वीकृत कार्यों की प्रगति और प्रस्तावित व्यवस्थाओं पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया।
बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि, महापौर, विधायक एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
