क्राइम

उत्तराखंड के थानों में ई-मेल से भी दर्ज हो सकती है एफआईआर

  • अधिकतर थाना प्रभारियों की ई-मेल आई.डी. पुलिस विभाग की अधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध
  • सूचना अधिकार कार्यकर्ता नदीम उद्दीन को उपलब्ध करायी सूचना में पुलिस मुख्यालय ने दी जानकारी
काशीपुर, 26 फरबरी। अब उत्तराखंड के थानों में अपराधों की एफआईआर  ई-मेल के माध्यम से भी दर्ज करायी जा सकती है। इसके लिये उत्तराखंड के अधिकतर थानों के प्रभारियों की ई-मेल आई.डी. पुलिस विभाग की अधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। यह जानकारी उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय के लोेक सूचना अधिकारी द्वारा सूचना अधिकार कार्यकर्ता नदीम उद्दीन को उपलब्ध करायी गयी सूचना में दी गयी है।
काशीपुर निवासी सूचना अधिकार कार्यकर्ता नदीम उद्दीन (एडवोकेट) को उपलब्ध सूचना के अनुसार उत्तराखंड के सभी थानों के थाना प्रभारी/प्रभारी निरीक्षकों के कार्यालयों की ई-मेल आई.डी. जिन पर ई-मेल भेजकर एफ.आई.आर. दर्ज करायी जा सकती है, उत्तराखंड पुलिस की वेबसाइट नजजंतंाींदकचवसपबमण्नाण्हवअण्पद पर उपलब्ध है।
श्री नदीम ने बताया कि प्रथम अपील के बाद मिली जानकारी के अनुसार उत्तराखंड पुलिस विभाग की अधिकारिक वेबसाइट के होमपेज पर श्श् ज्ञदवू ल्वनत च्वसपबम ैजंजपवदश् को क्लिक करके जिला व थाना सलैक्ट करने पर सम्बन्धित थाना/कोतवाली के क्षेत्र , थाना प्रभारी तथा इससे सम्बन्धित पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) के फोन नं0, मोबाइल नं0 तथा ई-मेल आई.डी. की जानकारी मिल जाती है। यद्यपि कुछ थानों के प्रभारियों की ई-मेल आई.डी. इसमें उपलब्ध नहीं हैं। इन्हें उपलब्ध कराने के लिये श्री नदीम द्वारा पुलिस मुख्यालय से निवेदन किया गया है।
सरल फौजदारी कानून, तथा बी.एन.एस. का परिचय सहित 46 कानूनी व जागरूकता पुस्तकों के लेखक नदीम उद्दीन ने बताया कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 173 के अन्तर्गत इलैक्ट्रानिक संसूचना द्वारा किसी भी पुलिस थाने के भारसाधक अधिकारी को संज्ञेय (गंभीर) अपराधों की एफ.आई.आर/रिपोर्ट करने का प्रावधान किया गया है। इसके लिये उत्तराखंड सरकार द्वारा उत्तराखंड भारतीय नागरिक सुरक्षा नियमावली 2024 में विस्तृत प्रावधान किये गये है। इससे एफ.आई.आर दर्ज कराने के नाम पर उत्पीड़न व भ्रष्टाचार तथा सिफारिशों के आरोपों में भी कमी आयेगी।
उत्तराखंड भारतीय नागरिक सुरक्षा नियमावली 2024 के नियम 9(4) के अनुसार इलैक्ट्रानिक संचार माध्यम से प्राप्त संदेश को डाउनलोड करके थाने के कम्प्यूटर में रखा जायेगा तथा ई- शिकायत रजिस्टर में दर्ज किया जायेगा। थाना प्रभारी परिवादी को शिकायत पर हस्ताक्षर करने संदेश देने के तीन दिनों के भीतर पुलिस थाने में आने के लिये इलैक्ट्रानिक माध्यम से सूचित करेगा ताकि कानून के अनुसार आगे कार्यवाही की जा सके। यदि शिकायतकर्ता संदेश ई-मेल से भेजने के तीन दिन के बाद उपस्थित होता है तो इसे नई जानकारी के रूप में मानते हुये कार्यवाही की जायेगी। इस नियम में यह भी स्पष्ट किया गया हैं कि यदि इलैक्ट्रानिक संचार माध्यम से प्राप्त सूचना किसी गंभीर अपराध को इंगित करती हैं तो पुलिस थाने का प्रभारी या तो स्वयं या किसी उपनिरीक्षक या उससे उच्च स्तर के अधिकारी को अपराध स्थल पर तत्काल जाने और आवश्यक कानूनी कार्यवाही करने को निर्देशित करेगा।

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