वनाग्नि की घटनाओं की रोकथाम को ब्लॉक स्तरीय समिति का गठन
पोखरी, 28 फरवरी (राणा)। विकासखंड क्षेत्र में बढ़ती वनाग्नि की घटनाओं की रोकथाम और वनों की सुरक्षा को लेकर शुक्रवार को ब्लॉक सभागार में क्षेत्र पंचायत प्रमुख राजी देवी की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई।
बैठक में वनाग्नि सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने तथा विकासखंड स्तरीय वनाग्नि नियंत्रण समिति के गठन पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
बैठक को संबोधित करते हुए क्षेत्र पंचायत प्रमुख राजी देवी ने कहा कि वन हमारी अमूल्य धरोहर हैं और उन्हें हरा-भरा बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और आमजन से वन संरक्षण के लिए सक्रिय सहयोग की अपील की।
खंड विकास अधिकारी शिवसिंह भंडारी ने कहा कि वनाग्नि की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण केवल सामूहिक प्रयासों और व्यापक जनजागरूकता से ही संभव है। इसके लिए ग्राम स्तर तक जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग के नागनाथ रेंज के वन क्षेत्राधिकारी नवल किशोर सिंह नेगी ने कहा कि जंगलों को आग से बचाने में ग्राम प्रधानों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों, महिला मंगल दलों और स्थानीय लोगों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने आग लगने की स्थिति में तत्काल सूचना देने और सतर्कता बरतने की अपील की।
अलकनंदा भूमि संरक्षण वन प्रभाग की पोखरी रेंज के वन क्षेत्राधिकारी बी.एल. शाह ने बताया कि जंगलों में आग लगने से वन संपदा के साथ-साथ वन्यजीवों को भी भारी क्षति पहुंचती है, जिससे पर्यावरणीय संतुलन प्रभावित होता है। इसलिए वनों की सुरक्षा के लिए सभी को मिलकर जिम्मेदारी निभानी होगी।
बैठक के उपरांत विकासखंड स्तरीय वनाग्नि नियंत्रण समिति का गठन किया गया। समिति में क्षेत्र पंचायत प्रमुख राजी देवी को अध्यक्ष बनाया गया। खंड विकास अधिकारी शिवसिंह भंडारी, पुलिस विभाग से उपनिरीक्षक दलबीर सिंह, राजस्व निरीक्षक प्रदीप रावत, सेरा मालकोटी के ग्राम प्रधान राजेश भंडारी तथा त्रिशूला के ग्राम प्रधान विक्रम सिंह को सदस्य नामित किया गया।
इस अवसर पर वन क्षेत्राधिकारी नवल किशोर नेगी, पोखरी रेंज के वन क्षेत्राधिकारी बैंजी लाल शाह, राजस्व निरीक्षक प्रदीप रावत, ग्राम प्रधान राजेंद्र भंडारी, विक्रम सिंह, वन दरोगा आनंद सिंह रावत, मोहन सिंह वर्तवाल, वन आरक्षी दिनेश सिंह राणा, महेशी बिष्ट, आशीष उनियाल, भूपेंद्र कुमार सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं वन कर्मी उपस्थित रहे।
