लाटू देवता महोत्सव का रंगारंग समापन, लोक संस्कृति की छटा बिखरी
— हरेंद्र बिष्ट की रिपोर्ट —
थराली/देवाल, 2 मई। बैसाख पूर्णिमा के अवसर पर वांण स्थित श्री नंदादेवी के मुंहबोले भाई लाटू देवता के कपाट विधि-विधान के साथ खोलने के उपलक्ष्य में आयोजित दो दिवसीय लाटू देवता जागृति पर्यटन एवं सांस्कृतिक महोत्सव का रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ समापन हो गया।
शुक्रवार को कपाट उद्घाटन के बाद वांण स्टेशन में आयोजित महोत्सव की प्रथम रात्रिकालीन सांस्कृतिक संध्या का उद्घाटन चमोली जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट ने मुख्य अतिथि के रूप में किया। उन्होंने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे लोक-सांस्कृतिक कार्यक्रम भावी पीढ़ी को अपनी परंपराओं और संस्कृति को जानने-समझने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने महोत्सव के विकास के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन भी दिया।
इस अवसर पर भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्य मंत्री बलवीर घुनियाल, देवाल प्रमुख तेजपाल रावत, जिला पंचायत सदस्य उर्मिला बिष्ट व साक्षी देवी, गुवीला के नरेंद्र बिष्ट, फल्दियागांव के खिलाप बिष्ट, मंदोली के पूर्व प्रधान आनंद बिष्ट तथा भाजपा मंडल महामंत्री दर्शन दानू सहित कई विशिष्ट अतिथियों ने भी आयोजन की सराहना की और भविष्य में सहयोग देने की बात कही।
सांस्कृतिक संध्या में प्रसिद्ध लोकगायकों ने अपनी प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। मीणाल रतूड़ी ने “हे नंदा सुनंदा श्रोण” और “भादों की जात” जैसे गीतों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया, वहीं देवराज आगरी ने “चार दिन चौमास लगी रो” और “फिर लगल हिवाल” प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरीं। विवेक नौटियाल के “दौय लगी ऊंचा कैलाश” और कुंदन सिंह के “लाटू देवता तुम दैणा होई जाय” गीतों पर दर्शक देर रात तक झूमते रहे।
महोत्सव के दूसरे दिन भी सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही। समापन अवसर पर आयोजकों ने अगले वर्ष इस आयोजन को और अधिक भव्य रूप देने का संकल्प लिया।
इस दौरान मेला समिति के अध्यक्ष कृष्णा बिष्ट, संरक्षक कृष्णा बिष्ट, वांण की ग्राम प्रधान नंदूली देवी, क्षेत्र पंचायत सदस्य हेमा देवी, उप प्रधान बीना देवी, महिला मंगल दल अध्यक्ष नंदी देवी और सीमा पहाड़न सहित अन्य लोगों ने अतिथियों का स्वागत किया।
