प्राचीन मानवों के सेक्स सम्बन्ध : क्या कहते हैं आपके डीएनए के छिपे हुए राज

Most people alive today carry fragments of Neanderthal DNA in their genome. Now scientists are gaining a more intimate understanding of the ancient encounters that put it there.
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-कार्ल ज़िमर द्वारा-
आज के आधुनिक मनुष्यों के भीतर एक प्राचीन विरासत दबी हुई है। दुनिया भर में जीवित अधिकांश लोगों के जीनोम में नियंडरथल (Neanderthal) डीएनए के छोटे-छोटे अंश मौजूद हैं। हाल के दशकों में मानव विकास के क्षेत्र में जो सबसे चौंकाने वाली खोज हुई है, वह यह है कि हजारों साल पहले नियंडरथल और आधुनिक मानव यानी होमो सेपियन्स ने न केवल एक-दूसरे का साथ पाया, बल्कि उनके बीच शारीरिक संबंध भी बने। विज्ञान अब उन प्राचीन मुलाकातों की गहराइयों को खंगाल रहा है, जिन्होंने इस आनुवंशिक विरासत को हम तक पहुँचाया है। कार्ल ज़िमर की इस रिपोर्ट के अनुसार, हमारे शरीर में बचा हुआ यह सूक्ष्म डीएनए उन यौन संबंधों की विस्तृत गाथा सुना रहा है जो लाखों साल पहले घटित हुए थे।
जर्नल ‘साइंस’ में प्रकाशित एक ताज़ा अध्ययन में शोधकर्ताओं ने एक दिलचस्प संभावना जताई है। अध्ययन के अनुसार, उस दौर में साथी चुनने की एक विशेष प्राथमिकता रही होगी। आंकड़े बताते हैं कि जिन पुरुषों में नियंडरथल वंश के गुण अधिक थे और जिन महिलाओं में आधुनिक मानव वंश की प्रधानता थी, उनके बीच आपसी खिंचाव बहुत मजबूत था। शायद उस समय की महिलाओं को नियंडरथल प्रभाव वाले पुरुषों में कुछ विशेष आकर्षण नजर आया हो, या फिर यह आकर्षण दोनों तरफ से समान रहा होगा। पेनसिल्वेनिया विश्वविद्यालय के जेनेटिसिस्ट अलेक्जेंडर प्लैट का कहना है कि इस नतीजे तक पहुँचने के लिए इतिहास में किसी बहुत ही प्रभावशाली घटना का होना आवश्यक है, जिसने हमारे जीन की संरचना को इस तरह प्रभावित किया।
प्राचीन व्यवहार का आधुनिक लैब में विश्लेषण
वैज्ञानिकों ने पहली बार 1990 के दशक में प्राचीन जीवाश्मों से डीएनए के टुकड़े निकालने में सफलता हासिल की थी। तब से यह डेटा हमारे और नियंडरथल्स के साझा इतिहास की धुंधली परतों को साफ कर रहा है। यूनिवर्सिटी ऑफ विक्टोरिया की पैलियोएंथ्रोपोलॉजिस्ट एप्रिल नोवेल इस शोध की सराहना करते हुए कहती हैं कि आज हम लैब के भीतर नियंडरथल्स के उस व्यवहार को समझ पा रहे हैं, जो पत्थरों या हड्डियों के जीवाश्मों में कभी दर्ज नहीं हो सका। यह जानकारी हमारे पूर्वजों के सामाजिक और व्यक्तिगत जीवन का एक नया झरोखा खोलती है।
इतिहास की परतों को पलटें तो पता चलता है कि ये दोनों समूह लगभग दस लाख साल पहले अफ्रीका की एक ही आबादी से निकले थे। करीब 6 लाख साल पहले नियंडरथल अफ्रीका से बाहर निकलकर यूरोप और एशिया में फैल गए, जबकि हमारे पूर्वज यानी आधुनिक मानव अफ्रीका में ही रहे। लगभग 2.5 लाख साल पहले जब आधुनिक मनुष्यों की पहली लहर अफ्रीका से बाहर निकली, तब उनका सामना नियंडरथल्स से हुआ। इन शुरुआती मुलाकातों से पैदा हुए बच्चे नियंडरथल समाजों में पले-बढ़े और उन्होंने हमारे जीन को आगे बढ़ाया। इसके बाद 50,000 साल पहले जब मनुष्यों की दूसरी लहर बाहर निकली, तो फिर से वही मेल-मिलाप हुआ, जिसका असर आज अफ्रीका के बाहर रहने वाले हर व्यक्ति के डीएनए में कुछ प्रतिशत नियंडरथल अंश के रूप में दिखता है।
एक्स क्रोमोसोम की पहेली और साथी चुनने की पसंद
अध्ययन के दौरान वैज्ञानिकों का ध्यान विशेष रूप से ‘X’ क्रोमोसोम पर गया, जो गर्भ में पल रहे शिशु का लिंग निर्धारित करता है। आमतौर पर हमारे अन्य क्रोमोसोम के मुकाबले ‘X’ क्रोमोसोम में नियंडरथल डीएनए बहुत कम होता है। शोधकर्ताओं को उम्मीद थी कि शायद यह हिस्सा इसलिए कम है क्योंकि यह हमारे लिए हानिकारक रहा होगा। लेकिन जब उन्होंने 2.5 लाख साल पहले के नियंडरथल्स के ‘X’ क्रोमोसोम की जांच की, तो परिणाम बिल्कुल उलट निकले। नियंडरथल के ‘X’ क्रोमोसोम में आधुनिक मानव डीएनए उम्मीद से कहीं ज्यादा मात्रा में जमा था।
इस विसंगति को समझने के लिए वैज्ञानिकों ने निष्कर्ष निकाला कि नियंडरथल समाज में पुरुषों को उन संकर (Hybrid) महिलाओं के प्रति गहरा आकर्षण था, जिनके पूर्वजों में आधुनिक मानव शामिल थे। इसी आकर्षण के कारण वे महिलाएं पीढ़ी-दर-पीढ़ी अपना आधुनिक ‘X’ क्रोमोसोम नियंडरथल आबादी को सौंपती रहीं। दूसरी ओर, जब 46,000 साल पहले आधुनिक मानव समाज में नियंडरथल पुरुष आए, तो वहां की महिलाओं की पसंद के कारण ‘X’ क्रोमोसोम पर नियंडरथल डीएनए का प्रभाव समय के साथ घटता चला गया। प्रिंसटन यूनिवर्सिटी के जोशुआ एकी इसे प्राचीन डीएनए के जरिए प्राचीन व्यवहार को समझने का एक अद्भुत उदाहरण मानते हैं।
सांस्कृतिक संकेत और भविष्य की संभावनाएं
हालांकि ये निष्कर्ष बेहद रोमांचक हैं, लेकिन वैज्ञानिक जगत में इसे लेकर कुछ सावधानियां भी बरती जा रही हैं। मैक्स प्लैंक इंस्टीट्यूट के बेंजामिन पीटर जैसे विशेषज्ञ इसे सांख्यिकीय गणना की तकनीकी खामी भी मान सकते हैं। साथ ही, यह भी एक बड़ा सवाल है कि यह मेल-मिलाप पूरी तरह आपसी सहमति से था या इसके पीछे उस दौर के कबीलाई संघर्ष और हिंसा का हाथ था। डॉ. नोवेल का मानना है कि चूंकि उस कालखंड में व्यापक हिंसा के कोई पुरातात्विक प्रमाण नहीं मिले हैं, इसलिए यह अधिक संभावना है कि यह महिलाओं की अपनी पसंद या ‘Mating Preference’ का परिणाम रहा हो।
पुरातत्वविद् रेबेका रैग साइक्स का कहना है कि वर्तमान में हमारे पास उन संकर सामाजिक आबादियों के स्पष्ट सांस्कृतिक प्रमाण या औजार नहीं हैं, जो इन डीएनए निष्कर्षों की पुष्टि कर सकें। लेकिन विज्ञान की दुनिया में एक भी नई खोज, चाहे वह कोई कंकाल हो या कोई प्राचीन पत्थर का औजार, इन सिद्धांतों को हकीकत में बदलने की ताकत रखती है। फिलहाल, हमारे शरीर की कोशिकाएं उस प्राचीन प्रेम और मिलन की गवाही दे रही हैं, जिसने मानव सभ्यता के विकास की दिशा को हमेशा के लिए बदल दिया। (Translated from New York Times English article)
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कार्ल ज़िमर न्यूयॉर्क टाइम्स के लिए विज्ञान समाचार कवर करते हैं और Origins कॉलम लिखते हैं।
