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ईरान–इजरायल–अमेरिका के बीच खुला युद्ध, खाड़ी क्षेत्र में मिसाइल हमलों से हालात बेहद तनावपूर्ण

संयुक्त सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान की जवाबी बमबारी; स्ट्रैट ऑफ हॉर्मुज बंद करने की घोषणा से वैश्विक तेल बाजार में हलचल

1 मार्च 2026। मध्य-पूर्व में लंबे समय से simmer कर रहा तनाव अब पूर्ण सैन्य संघर्ष में बदल गया है। 28 फरवरी 2026 की सुबह अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए संयुक्त हमले के बाद 1 मार्च तक स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई है। तीनों देशों की ओर से आक्रामक बयानबाजी और जवाबी सैन्य कार्रवाई जारी है, जिससे व्यापक क्षेत्रीय युद्ध की आशंका गहरा गई है।


ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ और ‘रोअरिंग लायन’ की शुरुआत
अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ व्यापक हवाई हमले शुरू किए। अमेरिकी सैन्य सूत्रों के अनुसार इस अभियान को ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ नाम दिया गया है, जबकि इजरायल ने इसे ‘रोअरिंग लायन’ नाम से संचालित किया।
इजरायली रक्षा सूत्रों का दावा है कि लगभग 200 लड़ाकू विमानों ने राजधानी तेहरान, इस्फहान, कोम और कराज सहित कई सामरिक ठिकानों पर सटीक हमले किए। इन हमलों का घोषित उद्देश्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम को क्षति पहुँचाना, मिसाइल लॉन्च साइट्स को नष्ट करना और उसकी सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना बताया गया है।
नेतृत्व पर हमले के दावे
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया है कि ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई के ठिकाने को निशाना बनाया गया है और उनके मारे जाने के “कई संकेत” हैं। हालांकि ईरानी सरकारी मीडिया ने इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि खामेनेई सुरक्षित हैं और हालात की निगरानी कर रहे हैं।
सैटेलाइट तस्वीरों में तेहरान स्थित कुछ सुरक्षित परिसरों को भारी नुकसान पहुँचने की खबरें सामने आई हैं, लेकिन स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है।
हताहतों के दावे
ईरानी रेड क्रिसेंट के हवाले से बताया गया है कि अब तक कम से कम 201 लोगों की मौत हुई है, जिनमें 110 से अधिक नागरिक बताए जा रहे हैं। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कई ठिकानों को नुकसान पहुँचने और बड़ी संख्या में सैन्य कर्मियों के हताहत होने की अपुष्ट खबरें भी मिल रही हैं।
दूसरी ओर, इजरायल ने भी अपने यहाँ नागरिक क्षति की पुष्टि की है। तेल अवीव और उत्तरी क्षेत्रों पर ईरानी मिसाइल हमलों में कम से कम एक नागरिक की मौत और 100 से अधिक लोगों के घायल होने की सूचना है।
ईरान की जवाबी कार्रवाई
ईरान ने इस हमले को “अवैध आक्रमण” करार देते हुए बड़े पैमाने पर जवाबी कार्रवाई की है। ईरानी सेना और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने इजरायल की ओर दर्जनों बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन दागे। इजरायल की आयरन डोम और अन्य वायु रक्षा प्रणालियों ने कई मिसाइलों को हवा में ही नष्ट करने का दावा किया है, लेकिन कुछ मिसाइलें आबादी वाले क्षेत्रों तक पहुँचीं।
खाड़ी देशों में भी हमले
तनाव केवल इजरायल और ईरान तक सीमित नहीं रहा। ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया।
दुबई में प्रतिष्ठित बुर्ज अल अरब के पास ड्रोन का मलबा गिरने से आग लगने की खबर है। वहीं अबू धाबी स्थित जायद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक हमले में एक विदेशी नागरिक की मौत की सूचना है।
कतर, कुवैत और बहरीन में भी अमेरिकी ठिकानों के पास धमाकों और ड्रोन गतिविधियों की रिपोर्टें सामने आई हैं, हालांकि इन देशों ने आधिकारिक रूप से सीमित नुकसान की बात कही है।
स्ट्रैट ऑफ हॉर्मुज बंद
ईरान ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्ट्रैट ऑफ हॉर्मुज को बंद करने की घोषणा की है। यह जलमार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा वहन करता है। इसके बंद होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल दर्ज किया गया है और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर व्यापक प्रभाव की आशंका जताई जा रही है।
वैश्विक प्रतिक्रिया
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाई गई है। यूरोपीय संघ, रूस और चीन ने तत्काल युद्धविराम की अपील की है। कई देशों ने अपने नागरिकों को मध्य-पूर्व से सुरक्षित निकालने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि संघर्ष लंबा खिंचता है तो यह पूरे पश्चिम एशिया को व्यापक युद्ध की आग में झोंक सकता है।
फिलहाल स्थिति अत्यंत संवेदनशील बनी हुई है और आने वाले 24 से 48 घंटे इस क्षेत्र के लिए निर्णायक साबित हो सकते हैं।

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