व्यय-वित्त समिति की बैठक में कई विकास योजनाओं को मंजूरी
देहरादून, 5 मार्च। मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में व्यय-वित्त समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य के विभिन्न जिलों से संबंधित महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं पर विचार-विमर्श करते हुए कई प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई।
बैठक में अमृत 2.0 के ट्रांच-2 के अंतर्गत सहस्त्रधारा पेयजल योजना को मंजूरी दी गई। इस योजना का क्रियान्वयन उत्तराखंड जल संस्थान द्वारा किया जाएगा। इसके माध्यम से क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
जिला पौड़ी गढ़वाल के द्वारीखाल और एकेश्वर विकास खंड के अंतर्गत सतपुली बैराज के निर्माण के पुनरीक्षित प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की गई। इससे क्षेत्र में सिंचाई और जल प्रबंधन की व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
जिला नैनीताल के हल्द्वानी स्थित अग्निशमन केंद्र में टाइप-द्वितीय, टाइप-तृतीय तथा टाइप-चतुर्थ श्रेणी के कुल आवासों के निर्माण को मंजूरी दी गई। इससे अग्निशमन विभाग के कार्मिकों को बेहतर आवासीय सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
जिला देहरादून के डांडा लखौंड क्षेत्र में सहस्त्रधारा रोड पर शहरी विकास निदेशालय के कार्यालय भवन के निर्माण प्रस्ताव को भी अनुमोदन दिया गया। इसके अतिरिक्त नगर निगम रुद्रपुर के मुख्य कार्यालय भवन के पुनर्निर्माण के कार्य को भी स्वीकृति प्रदान की गई।
बैठक में मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि स्वीकृत योजनाओं का क्रियान्वयन व्यवहारिक, मितव्ययी, पारदर्शी और गुणवत्ता-परक तरीके से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में तेजी से पूरा किया जाए।
मुख्य सचिव ने यह भी निर्देश दिए कि परियोजनाओं के क्रियान्वयन के दौरान पारिस्थितिकी संतुलन का विशेष ध्यान रखा जाए और योजनाओं को दीर्घकालिक रूप से टिकाऊ बनाया जाए।
बैठक में सचिव नितेश झा, शैलेश बगौली, एस.ए. अदांकी, युगल किशोर पंत सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
