गौचर में चोरों ने कमरे का ताला तोड़कर लाखों के जेवर व नगदी चुराई
गौचर, 6 मार्च (गुसाईं)। पालिका क्षेत्र के मुख्य बाजार स्थित वार्ड संख्या 6 में अज्ञात चोरों ने एक किराये के कमरे का ताला तोड़कर सोने के जेवर और नगदी पर हाथ साफ कर दिया। चोरी गए जेवरों की कीमत लगभग 10 लाख रुपये बताई जा रही है। घटना की सूचना पुलिस को दे दी गई है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सिदोली क्षेत्र के बरतोली नौगांव निवासी अर्जुन सिंह गौचर में टैक्सी चलाते हैं। वह पिछले करीब ढाई वर्षों से पालिका क्षेत्र के वार्ड संख्या 6 में प्रकाश सिंह के मकान में परिवार सहित किराये पर रह रहे थे। अर्जुन सिंह ने बताया कि उनके पिता की तबीयत खराब होने के कारण वे 1 मार्च को परिवार सहित अपने गांव चले गए थे।
होली के दिन पड़ोसी ने फोन पर उन्हें सूचना दी कि उनके कमरे का दरवाजा खुला हुआ है। इसके बाद जब वे गौचर पहुंचे और कमरे की जांच की तो पाया कि कमरे का ताला टूटा हुआ है और भीतर रखे सोने के आभूषण तथा नगदी गायब हैं। चोरी गए सामान में सोने की नथ, मांगटीका, मटरमाला, कानों के झुमके, लॉकेट, अंगूठी तथा लगभग 25 हजार रुपये नगद शामिल हैं।
अर्जुन सिंह ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में पुलिस को सूचना दे दी है। उनका कहना है कि उनकी किसी से कोई विशेष जान-पहचान या दुश्मनी भी नहीं है।
उल्लेखनीय है कि इसी वार्ड में एक वर्ष के भीतर चोरी की यह चौथी घटना है। इससे पहले हुई चोरियों का खुलासा करते हुए पुलिस ने आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
गौचर चौकी प्रभारी मानवेन्द्र सिंह गुसाईं के अनुसार पुलिस वर्तमान घटना की भी गंभीरता से जांच कर रही है। आसपास लगे निगरानी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और संदिग्ध लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
इधर व्यापार संघ के अध्यक्ष राकेश लिंगवाल ने गौचर की कानून व्यवस्था को लेकर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने बताया कि व्यापार संघ पिछले कई वर्षों से इस संबंध में पुलिस अधीक्षक को अवगत कराता रहा है। उनका कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण और रेल परियोजना के निर्माण कार्य शुरू होने के बाद से क्षेत्र में बाहरी लोगों की संख्या बढ़ गई है, लेकिन इसके बावजूद पुलिस बल की संख्या में वृद्धि नहीं की गई है।
राकेश लिंगवाल का कहना है कि क्षेत्र में नशे का कारोबार भी तेजी से फैल रहा है। रात्रि गश्त बढ़ाने की मांग भी कई बार की जा चुकी है, लेकिन इस दिशा में अपेक्षित कदम नहीं उठाए गए हैं। उनका आरोप है कि अब गांवों तक भी शराब पहुंचाई जा रही है, जिससे सामाजिक समस्याएं बढ़ रही हैं।
(नोट : समाचार का कवर चित्र महज काल्पनिक है, असली न समझें- एडमिन)
