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पांच राज्यों में बजा चुनावी बिगुल, 4 मयी को खुलेंगे परिणाम

नई दिल्ली, 15 मार्च। भारत के निर्वाचन आयोग ने आज पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों की तारीखों की घोषणा कर दी है। इन चुनावों में पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी शामिल हैं। इन राज्यों में अप्रैल महीने में मतदान होगा जबकि सभी राज्यों के परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे।

नई दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने चुनाव कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि इन चुनावों में करोड़ों मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे और इसके साथ ही संबंधित राज्यों में आदर्श आचार संहिता भी तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।

मतदान की तारीखें
चुनाव आयोग द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार विभिन्न राज्यों में मतदान इस प्रकार होगा—
असम, केरल और पुडुचेरी में एक चरण में 9 अप्रैल को मतदान होगा।
तमिलनाडु में एक चरण में 23 अप्रैल को मतदान कराया जाएगा।
पश्चिम बंगाल में दो चरणों में मतदान होगा—पहला चरण 23 अप्रैल और दूसरा चरण 29 अप्रैल को होगा।
सभी राज्यों में मतगणना 4 मई को एक साथ की जाएगी।

पश्चिम बंगाल में दो चरणों में चुनाव
पश्चिम बंगाल में कुल 294 विधानसभा सीटें हैं। चुनाव आयोग ने सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए यहां दो चरणों में मतदान कराने का निर्णय लिया है। पहले चरण में 23 अप्रैल को 152 सीटों पर और दूसरे चरण में 29 अप्रैल को 142 सीटों पर मतदान होगा।

चुनावी राज्यों की सीटें
इन पांचों राज्यों और केंद्रशासित प्रदेश में कुल मिलाकर 800 से अधिक विधानसभा सीटों पर चुनाव होंगे। प्रमुख राज्यों में सीटों की संख्या इस प्रकार है—
पश्चिम बंगाल – 294 सीटें
तमिलनाडु – 234 सीटें
केरल – 140 सीटें
असम – 126 सीटें
पुडुचेरी – 30 सीटें
इन राज्यों की वर्तमान विधानसभाओं का कार्यकाल मई 2026 में समाप्त हो रहा है, इसलिए संवैधानिक व्यवस्था के अनुसार चुनाव कार्यक्रम घोषित किया गया है।

आदर्श आचार संहिता लागू
चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही सभी संबंधित राज्यों में मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट लागू हो गया है। अब सरकारें कोई नई योजना या बड़ी घोषणा नहीं कर सकेंगी। प्रशासनिक मशीनरी भी चुनाव आयोग के निर्देशों के तहत कार्य करेगी।
राष्ट्रीय राजनीति के लिए महत्वपूर्ण चुनाव
इन पांच राज्यों के चुनावों को राष्ट्रीय राजनीति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेष रूप से पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल जैसे बड़े राज्यों में मुख्य राजनीतिक दलों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा की संभावना है। राजनीतिक दलों ने भी चुनाव की घोषणा के साथ ही अपनी रणनीति तेज कर दी है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार इन चुनावों के परिणाम आने वाले समय की राष्ट्रीय राजनीति और गठबंधन समीकरणों पर भी प्रभाव डाल सकते हैं।

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