सज्जन और सरल व्यक्तित्व के धनी थे राजीव गांधी

– गोविंद प्रसाद बहुगुणा
आज पूर्व प्रधानमंत्री Rajiv Gandhi की पुण्यतिथि पर अनेक लोगों ने उन्हें एक सज्जन और संवेदनशील प्रधानमंत्री के रूप में याद किया। वरिष्ठ व्यंग्यकार गोविंद प्रसाद बहुगुणा (जीपीबी) ने उनके व्यक्तित्व से जुड़ी कुछ स्मृतियाँ साझा करते हुए कहा कि राजीव गांधी सत्ता में रहते हुए भी अत्यंत सरल और मानवीय बने रहे।
उन्होंने बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री Atal Bihari Vajpayee ने एक बार राजीव गांधी की संवेदनशीलता का उल्लेख करते हुए कहा था—
“जब राजीव गांधी प्रधानमंत्री थे, तब उन्हें किसी तरह पता चला कि मुझे गुर्दे की समस्या है और विदेश में उपचार की आवश्यकता है। एक दिन उन्होंने मुझे अपने कार्यालय बुलाया और कहा कि वह मुझे संयुक्त राष्ट्र में भारत के प्रतिनिधिमंडल में शामिल कर रहे हैं, ताकि मैं न्यूयॉर्क जाकर अपना उपचार भी करा सकूं। मैं वहां गया और शायद उसी कारण आज जीवित हूं।”
गोविंद प्रसाद बहुगुणा ने बताया कि दून स्कूल में राजीव गांधी के स्थानीय अभिभावक रहे प्रसिद्ध साहित्यकार Dr. Haridatt Bhatt Shailesh से उनका घनिष्ठ परिचय था। डॉ. शैलेश अक्सर कहा करते थे कि राजीव गांधी बचपन से ही अत्यंत भोले, सरल और ईमानदार स्वभाव के थे तथा प्रधानमंत्री बनने के बाद भी उनमें वही सहजता बनी रही।
उन्होंने एक प्रसंग का उल्लेख करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री बनने के बाद राजीव गांधी दून स्कूल के पूर्व छात्रों के मिलन समारोह में शामिल होने आए थे। कार्यक्रम में पुराने विद्यार्थियों से स्कूल ड्रेस पहनकर आने का आग्रह किया गया था, लेकिन राजीव गांधी के पास उस समय स्कूल ड्रेस का कोट नहीं था। ऐसे में उन्होंने सहज भाव से उनसे कोट मांगा और वही पहनकर समारोह में शामिल हो गए।
गोविंद प्रसाद बहुगुणा ने कहा कि इतनी ऊंची जिम्मेदारी पर पहुंचने के बाद भी राजीव गांधी की सादगी और विनम्रता लोगों को हमेशा याद रहेगी।
