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गैस आपूर्ति ठप, होटल व चाय खोमचों का कारोबार बंदी के कगार पर

गौचर, 16 मार्च (गुसाईं)। सरकार भले ही रसोई गैस की आपूर्ति सामान्य होने का दावा कर रही हो, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। पिछले कई दिनों से व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति न होने से होटलों और चाय के खोमचों का कारोबार बंदी के कगार पर पहुंच गया है।

कुछ समय पहले तक भारत गैस और इंडियन गैस एजेंसियों के बीच प्रतिस्पर्धा का माहौल था। भारत गैस की गाड़ियां रोजाना गली-मोहल्लों में सिलेंडर वितरण के लिए पहुंचती थीं, वहीं इंडियन गैस भी समय पर उपलब्ध हो जाती थी। लेकिन अब कई दिन बीत जाने के बावजूद क्षेत्र में न तो भारत गैस की गाड़ियां दिखाई दे रही हैं और न ही इंडियन गैस की आपूर्ति हो पा रही है।
बताया जा रहा है कि इंडियन गैस की कर्णप्रयाग एजेंसी तथा भारत गैस एजेंसी नारायणबगड़ के फोन भी कई बार नहीं उठाए जा रहे हैं, जिससे उपभोक्ताओं की परेशानी और बढ़ गई है। पहले इंडियन गैस एजेंसी की ओर से व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से यह सूचना दी जाती थी कि किस दिन और किस स्थान पर गैस वितरण होगा, लेकिन अब यह सूचना भी मिलनी बंद हो गई है।
गैस आपूर्ति बाधित होने का सीधा असर स्थानीय कारोबार पर पड़ रहा है। होटल संचालकों और चाय के खोमचे लगाने वालों का कहना है कि गैस सिलेंडर खत्म होने की कगार पर हैं, जिससे उनका व्यवसाय प्रभावित हो रहा है।
रविवार को गौचर मैदान में इंडियन गैस की गाड़ी आने की सूचना फैलने पर बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने लाइन लगा दी थी, लेकिन देर शाम तक जब गैस की गाड़ी नहीं पहुंची तो लोगों को निराश होकर लौटना पड़ा।
कुछ दुकानदारों का कहना है कि होली से पहले उन्हें व्यावसायिक सिलेंडर मिले थे, जो अब लगभग समाप्त हो चुके हैं। यदि जल्द ही गैस उपलब्ध नहीं कराई गई तो उनकी रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो जाएगा।
व्यापार संघ अध्यक्ष राकेश लिंगवाल का कहना है कि सरकार भले ही गैस आपूर्ति सामान्य होने का दावा कर रही हो, लेकिन वास्तविक स्थिति इससे अलग है। लंबे समय से गैस की आपूर्ति बाधित रहने से आम लोगों के सामने चूल्हा जलाने तक का संकट खड़ा हो गया है।

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