भाईचारा बढ़ाने के लिए रोज़ा इफ्तार का आयोजन

उत्तराखंड इंसानियत मंच की पहल, विभिन्न वर्गों के लोगों ने की सहभागिता
देहरादून, 19 मार्च। आपसी सौहार्द और भाईचारे को मजबूत करने के उद्देश्य से उत्तराखंड इंसानियत मंच द्वारा आयोजित रोज़ा इफ्तार कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों से जुड़े लोगों ने भाग लिया। इस अवसर पर राज्य में बढ़ती साम्प्रदायिक घटनाओं पर चिंता व्यक्त की गई और उम्मीद जताई गई कि सरकार ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी।
परेड ग्राउंड के निकट समाजवादी पार्टी कार्यालय में आयोजित इफ्तार से पूर्व साम्प्रदायिक सौहार्द पर एक गोष्ठी भी हुई। गोष्ठी को संबोधित करते हुए महिला मंच की कमला पंत ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों का नियमित आयोजन आवश्यक है, ताकि समाज में यह संदेश जाए कि उत्तराखंड की वास्तविक छवि सौहार्दपूर्ण है, न कि वैसी जैसी उसे प्रस्तुत किया जा रहा है।
प्रख्यात पर्यावरणविद् डॉ. रवि चोपड़ा ने कहा कि मुस्लिम, सिख और ईसाई समुदाय के लोगों को अधिक से अधिक संख्या में उत्तराखंड इंसानियत मंच से जुड़ना चाहिए, ताकि मिलजुलकर साम्प्रदायिकता के खिलाफ प्रभावी संघर्ष किया जा सके।
राज्य आंदोलनकारी एवं यूकेडी नेता लताफत हुसैन ने कहा कि उत्तराखंड में पहले कभी ऐसा माहौल नहीं रहा और यह स्थिति समाज के लिए चिंताजनक है। एडवोकेट रजिया बेग ने वर्तमान परिस्थितियों को गंभीर बताते हुए राज्य सरकार से इस दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग की। हरिओम पाली ने कहा कि विभिन्न धर्मों और परंपराओं की सही जानकारी होना जरूरी है, ताकि गलत धारणाओं को दूर किया जा सके। समाजवादी पार्टी के डॉ. एस.एन. सचान ने भी सभी धर्मों के सम्मान पर जोर दिया।
इफ्तार कार्यक्रम में धार्मिक संगठनों से जुड़े लोगों के साथ ही वकील, पत्रकार, राजनीतिज्ञ और सामाजिक कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से तौकीर हुसैन, शहजाद पहाड़ी, मोहम्मद असद, शहरयार खान, मंजूर बेग, एसएमए काज़मी, फैजल, एजाज़ अहमद, शाइना, आशिमा, शमीना मलिक, हिना आज़मी, शाह नजर, रूहिना इशावर, दानिश, पार्षद इलियाज अहमद, काफिम अली, इंद्रेश मैखुरी, सतीश धौलाखंडी और साकेत आदि मौजूद रहे।
उत्तराखंड इंसानियत मंच की ओर से प्रो. राघवेन्द्र, विमला कोली, नंद नंदन पांडेय, त्रिलोचन भट्ट, वी.के. डोभाल और निर्मला बिष्ट सहित अन्य सदस्य भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
