कुम्भ-2027 से लेकर शहरी विकास तक कई योजनाओं को मिली मंजूरी
देहरादून,21 मार्च। मुख्यमंत्री ने कुम्भ मेला-2027 के अंतर्गत हरिद्वार में प्रस्तावित कमांड एंड कंट्रोल सेंटर-2 भवन के निर्माण के लिए 50.27 करोड़ रुपये की संस्तुत लागत को स्वीकृति प्रदान की है। इसके साथ ही वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रथम किश्त के रूप में 20.11 करोड़ रुपये जारी किए जाने का अनुमोदन भी दिया गया है। यह परियोजना कुम्भ मेले के दौरान सुरक्षा, निगरानी, यातायात नियंत्रण और प्रशासनिक समन्वय को आधुनिक तकनीक के जरिए मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाएगी। माना जा रहा है कि इस केंद्र के बनने से कुम्भ जैसी विशाल धार्मिक आयोजन व्यवस्था को अधिक सुव्यवस्थित और प्रभावी बनाया जा सकेगा।
किच्छा को कम्यूनिटी हॉल की सौगात
उधम सिंह नगर जनपद के किच्छा विधानसभा क्षेत्र में किच्छा कम्यूनिटी हॉल के निर्माण के लिए मुख्यमंत्री ने 5 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। इस योजना के तहत प्रथम चरण में 50 लाख रुपये जारी किए जाएंगे। क्षेत्र में लंबे समय से एक बड़े सार्वजनिक भवन की आवश्यकता महसूस की जा रही थी, जहां सामाजिक, सांस्कृतिक, शैक्षिक और सामुदायिक कार्यक्रम आयोजित किए जा सकें। इस स्वीकृति को स्थानीय स्तर पर एक बड़ी सुविधा के रूप में देखा जा रहा है।
पिथौरागढ़ में आस्था और संपर्क मार्ग दोनों पर फोकस
पिथौरागढ़ विधानसभा क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने कई महत्वपूर्ण योजनाओं को मंजूरी दी है। ग्राम चुल्कोट के हरदौल मंदिर, महाकाली मंदिर माणीटुण्डी, देवी मंदिर मदकोट और रामलीला मंच मवानी के सौंदर्यीकरण तथा मेला स्थल निर्माण के लिए 98.64 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जबकि प्रथम चरण में 59 लाख रुपये जारी होंगे। इसके अलावा दाखिम, क्वीटी और समकोट ग्राम पंचायतों में आंतरिक सीसी मार्ग निर्माण के लिए 1 करोड़ रुपये, तथा प्रथम चरण में 59 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। क्वीरिजिमिया से साईपोला और बुई पातों तक आंतरिक सीसी मार्ग निर्माण के लिए 79.64 लाख रुपये तथा प्रथम चरण में 47.86 लाख रुपये की मंजूरी दी गई है। वहीं छिपला केदार ट्रैक रूट, ग्राम पांगला में ब्रह्मदेव मंदिर के सौंदर्यीकरण और संबंधित सीसी मार्ग निर्माण के लिए 1 करोड़ रुपये स्वीकृत करते हुए प्रथम चरण में 60 लाख रुपये जारी किए जाएंगे।
चम्पावत में बाढ़ सुरक्षा और रुद्रपुर में भवन पुनर्निर्माण
आपदा न्यूनीकरण मद के तहत चम्पावत विधानसभा क्षेत्र में बूम से टनकपुर तक शारदा नदी के दाएं तट पर बाढ़ सुरक्षा कार्यों को मंजूरी दी गई है। इस योजना के अंतर्गत 28 हेक्टेयर क्षेत्र और चिलियाघोल की बाढ़ सुरक्षा के लिए कुल 11.59 करोड़ रुपये स्वीकृत हैं, जिनके सापेक्ष प्रथम किश्त में 4.64 करोड़ रुपये जारी किए जाएंगे। वहीं नगर निगम रुद्रपुर के मुख्य कार्यालय भवन के पुनर्निर्माण कार्य के लिए 15.74 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जिससे नगर निगम की प्रशासनिक व्यवस्था और जनसेवाओं के संचालन को मजबूती मिलेगी।
देहरादून में शहरी विकास को बड़ा निवेश
देहरादून के डांडा लखौंड-सहस्त्रधारा रोड पर शहरी विकास निदेशालय के कार्यालय भवन के निर्माण के लिए मुख्यमंत्री ने 62.64 करोड़ रुपये की योजना को स्वीकृति दी है। इसके तहत प्रथम किश्त के रूप में 5 करोड़ रुपये जारी किए जाएंगे। इसके अलावा रामपुर, गुप्तकाशी, तपोवन, चमियाला, चिन्यालीसौड़ और गूलरभोज समेत विभिन्न नगर निकायों में पार्क निर्माण, सौंदर्यीकरण और ओपन जिम स्थापना के लिए 2.03 करोड़ रुपये की योजना को भी मंजूरी मिली है। इसी क्रम में शहरी विकास विभाग के अंतर्गत अवस्थापना विकास निधि से चालू वित्तीय वर्ष में विभिन्न 13 योजनाओं के लिए 53.12 करोड़ रुपये की स्वीकृति भी दी गई है।
बौद्ध विकास योजना को भी मिली मजबूती
जनपद देहरादून में बौद्ध विकास योजना के अंतर्गत कार्यदायी संस्था उत्तराखंड पेयजल संसाधन विकास एवं निर्माण निगम, विकासनगर के माध्यम से तीन परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए कुल 16.04 करोड़ रुपये की स्वीकृत परियोजनाओं के सापेक्ष वित्तीय वर्ष 2025-26 में द्वितीय चरण में 11.11 करोड़ रुपये जारी किए जाने का अनुमोदन भी मुख्यमंत्री ने दिया है।
विकास के बहुआयामी एजेंडे का संकेत
मुख्यमंत्री धामी की इन स्वीकृतियों से साफ है कि राज्य सरकार एक साथ कुम्भ की तैयारियों, धार्मिक पर्यटन, ग्रामीण संपर्क मार्गों, शहरी आधारभूत ढांचे, सार्वजनिक सुविधाओं और आपदा सुरक्षा पर समान जोर दे रही है। अलग-अलग जिलों के लिए घोषित ये मंजूरियां न केवल विकास कार्यों को गति देंगी, बल्कि आने वाले समय में प्रशासनिक दक्षता, जनसुविधाओं और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेंगी।
