महिला आरक्षण मुद्दे पर भाजपा जनता को गुमराह कर रही : गरिमा दसौनी
देहरादून, 20 अप्रैल। कांग्रेस ने भाजपा द्वारा महिला आरक्षण विधेयक को लेकर प्रदेशभर में आक्रोश रैलियों की घोषणा और विपक्ष पर लगाए जा रहे आरोपों को भ्रामक और तथ्यहीन बताया है। कांग्रेस नेत्री गरिमा मेहरा दसौनी ने भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष के बयान पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि यह सब जनता का ध्यान मूल मुद्दों से भटकाने की सोची-समझी राजनीतिक रणनीति है।
गरिमा दसौनी ने कहा कि भाजपा जानबूझकर यह दुष्प्रचार कर रही है कि महिला आरक्षण विधेयक विपक्ष की वजह से पारित नहीं हो सका, जबकि वास्तविकता यह है कि वर्ष 2023 में संसद के दोनों सदनों में महिला आरक्षण विधेयक सर्वसम्मति से पारित किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अब उसी मुद्दे को तोड़-मरोड़कर जनता के सामने पेश कर रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में भाजपा नेताओं के खिलाफ “गो बैक” के नारे लगना इस बात का संकेत है कि जनता का भरोसा भाजपा से कम होता जा रहा है। हाल ही में रुड़की और टिहरी जिले के पीपलकोटी क्षेत्र में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के दौरे के दौरान स्थानीय लोगों द्वारा विरोध दर्ज कराए जाने को उन्होंने जनआक्रोश का उदाहरण बताया। उनके अनुसार यह आक्रोश भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों और कुशासन का परिणाम है।
कांग्रेस नेत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा महिला आरक्षण जैसे संवेदनशील मुद्दे की आड़ में अपनी गिरती राजनीतिक जमीन को बचाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में जल जीवन मिशन जैसी महत्वपूर्ण योजना में अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को अब भी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
दसौनी ने कहा कि यदि भाजपा वास्तव में महिलाओं के सशक्तिकरण के प्रति गंभीर होती, तो वह योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करती। उन्होंने कहा कि कांग्रेस महिलाओं के अधिकारों और समान भागीदारी के लिए प्रतिबद्ध है तथा भाजपा के दुष्प्रचार का तथ्यात्मक जवाब देती रहेगी।
