गर्मी बढ़ते ही गौचर क्षेत्र में पेयजल व सिंचाई का गहराया संकट
गौचर, 27 अप्रैल (गुसाईं)। क्षेत्र में गर्मी का प्रकोप बढ़ते ही पेयजल व सिंचाई का घोर संकट पैदा हो गया है। इससे लोगों के सामने अपने साथ-साथ पशुओं का जीवन बचाने की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है।
जनपद चमोली के गौचर नगर पालिका क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति के लिए प्राकृतिक जल स्रोतों के अलावा करोड़ों रुपये की लागत से अलकनंदा नदी तट पर रिवर बैंक फिल्ट्रेशन योजना के तहत लिफ्ट पंप योजना का निर्माण किया गया है। बावजूद इसके, हर वर्ष गर्मी शुरू होते ही पेयजल की समस्या फिर से सिर उठाने लगती है।
वर्तमान में लगभग 35 करोड़ रुपये की लागत से एक नई पेयजल योजना का निर्माण भी अंतिम चरणों में है। जानकारी के अनुसार इस योजना को अप्रैल माह में ही शुरू हो जाना चाहिए था, लेकिन अभी टैंकों का निर्माण तथा घरों को कनेक्शन से जोड़ने का कार्य अधूरा होने के कारण इस योजना का समय पर शुरू होना दूर की कौड़ी नजर आ रहा है।
सिंचाई व्यवस्था की स्थिति भी कुछ बेहतर नहीं है। सिंचाई विभाग ने पनाई नहर पर नाबार्ड योजना के तहत लगभग 40 लाख रुपये खर्च किए हैं, लेकिन इस कार्य से भी क्षेत्र की जनता संतुष्ट नहीं बताई जा रही है। हवाई पट्टी से प्रभावित भूमि की सिंचाई के लिए लिफ्ट पंप योजना का निर्माण तो किया गया, किंतु विभाग की लचर कार्यप्रणाली के चलते इस योजना का खराब रहना आम बात बन गई है।
इतना ही नहीं, इस योजना को एक अल्प वेतनभोगी कर्मचारी के भरोसे छोड़ दिया गया है, जिसके कारण इसका अपेक्षित लाभ जनता को नहीं मिल पा रहा है। वर्तमान में यह योजना कई दिनों से बंद पड़ी हुई है।
व्यापार संघ अध्यक्ष राकेश लिंगवाल ने जिलाधिकारी को भेजे पत्र में कहा है कि बद्रीनाथ यात्रा के चरम पर होने तथा शादी-विवाह के सीजन के चलते लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विभागीय अधिकारी और कर्मचारी तरह-तरह के बहाने बनाकर अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ रहे हैं। उन्होंने पूरे मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।

