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भविष्य की बैटरी: ऊर्जा भंडारण के साथ रंग बदलकर देगी चार्जिंग का संकेत

 

चित्र: द्विधात्विक ऑक्साइड की आकृति विज्ञान और ऊर्जा भंडारण तथा विद्युतरंग उपकरणों में इसके अनुप्रयोग का प्रदर्शन

The development of multifunctional materials that combine energy storage and electrochromic properties is crucial for next-generation flexible electronics. Herein, we introduce a novel dual-functional approach through a single-material solution for two distinct applications: a flexible supercapacitor and a large-area electrochromic smart window. We report a facile solvothermal synthesis of an oxygen-deficient molybdenum-tungsten bimetallic oxide (M0.11W0.89O3−x) engineered with multiple oxidation states and enlarged interplanar spacing to facilitate ion transport and accommodation. As a supercapacitor electrode, the optimized material delivers a remarkable areal capacitance of 975 mF cm−2 at 5 mV s−1 and a specific capacitance of 234 F g−1 at 5 A g−1. A fabricated flexible symmetric supercapacitor demonstrates excellent cycling stability, retaining its performance over 10 000 cycles at 1 A g−1, while retaining functionality under various mechanical bending and environmental conditions

 

-ज्योति रावत –

वैज्ञानिक जगत में एक ऐसी क्रांतिकारी खोज हुई है जो भविष्य के गैजेट्स की सूरत बदल सकती है। शोधकर्ताओं ने एक ऐसी विलक्षण सामग्री तैयार की है जो न केवल ऊर्जा को अपने भीतर समेटकर रखती है, बल्कि अपनी रंगत बदलकर यह भी जाहिर कर देती है कि उसमें कितनी चार्जिंग शेष है। जब सेल डिस्चार्ज होने लगता है, तो उसका बदलता रंग स्पष्ट संकेत देता है कि अब इसे फिर से ऊर्जा से भरने का समय आ गया है। आज के दौर में हमारे स्मार्टफोन से लेकर विशाल सौर ग्रिड तक, हर तकनीक तेज़ और कुशल बैटरी पर टिकी है। विडंबना यह है कि अधिकांश इलेक्ट्रॉनिक उपकरण या तो केवल ऊर्जा संग्रहित कर सकते हैं या फिर जानकारी प्रदर्शित कर सकते हैं, लेकिन इन दोनों कार्यों का एक साथ संगम होना अब तक एक बड़ी चुनौती बना हुआ था।

द्विधात्विक ऑक्साइड का कमाल और रंग परिवर्तन की तकनीक

इस तकनीकी सीमा को तोड़ने का श्रेय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के तहत आने वाले स्वायत्त संस्थान, नैनो एंड सॉफ्ट मैटर साइंसेज (सीईएनएस), बेंगलुरु के वैज्ञानिकों को जाता है। उन्होंने मोलिब्डेनम और टंगस्टन पर आधारित एक विशिष्ट ऑक्सीजन-रहित द्विधात्विक ऑक्साइड विकसित किया है, जिसका रासायनिक सूत्र

$$Mo_{0.11}W_{0.89}O_{3-x}$$

है। यह अनूठा यौगिक ऊर्जा भंडारण और सूचना प्रदर्शन के दोनों उद्देश्यों को एक साथ पूरा करता है। इस जादुई ऑक्साइड से बने उपकरणों की सबसे बड़ी खूबी यह है कि चार्ज होने पर इनका रंग गहरा नीला हो जाता है, जबकि डिस्चार्ज होने पर ये पूरी तरह पारदर्शी दिखने लगते हैं। रंग का यह उतार-चढ़ाव उपयोगकर्ता के लिए एक जीवंत चार्ज इंडिकेटर की तरह काम करता है।

अनोखी परमाणु संरचना और कार्यप्रणाली का विज्ञान

प्रधान शोधकर्ता डॉ. आशुतोष कुमार सिंह के नेतृत्व में इस सामग्री को सॉल्वोथर्मल विधि के माध्यम से संश्लेषित किया गया है। इस पदार्थ के अद्भुत व्यवहार के पीछे का विज्ञान इसकी “ऑक्सीजन-कमी” वाली विशेष प्रकृति में छिपा है। वैज्ञानिकों ने जानबूझकर ऑक्साइड की क्रिस्टल जाली से विशिष्ट ऑक्सीजन परमाणुओं को हटाकर उसमें अतिरिक्त स्थान और सक्रिय स्थल बनाए हैं। ये खाली स्थान आयनों को बिना किसी बाधा के गति करने की अनुमति देते हैं। जैसे ही आयन ऊर्जा संग्रहित करने के लिए दौड़ते हैं, वे पदार्थ की इलेक्ट्रॉनिक संरचना में भी बदलाव लाते हैं, जिससे वह दृश्यमान रंग परिवर्तन होता है जो ऊर्जा के स्तर को दर्शाता है।

प्रायोगिक सफलता और भविष्य की संभावनाएं

इस शोध दल ने न केवल प्रयोगशाला स्तर पर बल्कि 5×5 सेमी² के बड़े उपकरण पर भी इसके इलेक्ट्रोक्रोमिक अनुप्रयोगों का सफल परीक्षण किया है। इसने 700 एनएम पर 43 प्रतिशत का उच्च ऑप्टिकल मॉड्यूलेशन और 147 सेमी² C⁻¹ की शानदार रंग दक्षता प्रदर्शित की है। इसका सीधा अर्थ यह है कि इस सामग्री से बनी स्मार्ट खिड़कियों को संचालित करने के लिए बेहद कम बिजली की जरूरत होगी। जब इसे सुपरकैपेसिटर इलेक्ट्रोड के रूप में परखा गया, तो इसने 5 ए जी⁻¹ की धारा घनत्व पर 234 एफ जी⁻¹ की विशिष्ट धारिता और 5 एमवी एस⁻¹ की स्कैन दर पर 975 एमएफ सेमी⁻² की उल्लेखनीय क्षेत्रीय धारिता दर्ज की।

टिकाऊपन और व्यावहारिक उपयोगिता

‘मटेरियल्स केमिस्ट्री ए’ नामक प्रतिष्ठित पत्रिका में प्रकाशित यह शोध पत्र इस सामग्री की मजबूती पर भी मुहर लगाता है। परीक्षणों के दौरान इसमें 10,000 चार्ज-डिस्चार्ज चक्रों तक उत्कृष्ट स्थिरता देखी गई। यह सामग्री अलग-अलग यांत्रिक झुकाव और कठोर पर्यावरणीय परिस्थितियों में भी अपना काम बखूबी करती रही। बेहतरीन ऑप्टिकल कंट्रास्ट और पलक झपकते ही रंग बदलने की गति इसे भविष्य के लिए एक आदर्श विकल्प बनाती है। शोध के दौरान इस उपकरण ने न केवल एलसीडी टाइमर को सफलतापूर्वक चलाया, बल्कि एलईडी बल्बों को भी रोशन करके अपनी कार्यक्षमता का लोहा मनवाया। ( Author of this article is a science teacher-Admin)

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प्रकाशन विवरण (डीओआई): https://doi.org/10.1039/D6TA01049K

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